Muzaffarnagar में शास्त्रीय संगीत का जादू! पंडित चेतन जोशी की बांसुरी और पंडित रजनीश मिश्रा की तबला संगत ने छात्रों को मोहित किया
भारतीय शास्त्रीय संगीत को नई पीढ़ी से जोड़ने के उद्देश्य से भागवंती सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, Muzaffarnagar के प्रांगण में एक भव्य और अविस्मरणीय सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन स्पीक मैके (SPIC MACAY) के तत्वावधान में, उत्तर प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग और भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के सहयोग से संपन्न हुआ।
इस विशेष classical music event में देश के विख्यात बांसुरी वादक पंडित चेतन जोशी ने अपनी दिव्य धुनों से पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। दोपहर 12:30 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में उनके साथ तबले पर जानी-मानी हस्ती पंडित रजनीश मिश्रा की लाजवाब संगत ने संगीत का ऐसा समां बांधा कि छात्र-छात्राएं और उपस्थित अतिथि देर तक उसमें डूबे रहे।
बांसुरी और तबले की अद्भुत जुगलबंदी—उमड़ पड़ी तालियों की गड़गड़ाहट
कार्यक्रम की शुरुआत में ही पंडित चेतन जोशी ने बांसुरी की मधुर ध्वनियों से ऐसा वातावरण बनाया कि कॉलेज का सभागार एक क्षण में आध्यात्मिक अनुभूति से भर उठा।
उनकी हर प्रस्तुति में—
शुद्धता,
रागदारी,
नाद का आकर्षण
स्पष्ट महसूस किया जा सकता था।
जब पंडित रजनीश मिश्रा ने तबले की संगत शुरू की, तो दोनों दिग्गज कलाकारों की तालमेल भरी जुगलबंदी ने विद्यार्थियों को भारतीय शास्त्रीय संगीत की गहराई का ऐसा अनुभव कराया, जिसे शब्दों में बाँध पाना मुश्किल है।
उनकी लयकारी और ताल-नाद की परिपक्वता ने छात्रों में संगीत के प्रति नई जिज्ञासा को जन्म दिया।
पहली बार शास्त्रीय संगीत से रूबरू हुए विद्यार्थी—अध्भुत अनुभव साझा किया
कई विद्यार्थियों ने बताया कि यह पहली बार था जब उन्होंने इतने करीब से, लाइव मंच पर शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति देखी।
उन्होंने कहा कि—
बांसुरी की शांतिमय लहरियों ने मन को द्रवित कर दिया
तबले की तालों ने ऊर्जा और उत्साह से भर दिया
दोनों कलाकारों की कला ने भारतीय संगीत की व्यापकता का एहसास कराया
छात्रों ने अपनी प्रतिक्रियाओं में यह भी कहा कि ऐसे classical music event उनको कला-संस्कार और सांस्कृतिक विरासत से गहराई से जोड़ते हैं।
प्रधानाचार्या डॉ. वंदना शर्मा ने किया स्वागत, SPIC MACAY टीम को विशेष धन्यवाद
कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. वंदना शर्मा ने पुष्पगुच्छ भेंट कर दोनों महान कलाकारों का सम्मानपूर्वक स्वागत किया।
उन्होंने अपनी संबोधन में कहा कि—
“आज के युग में विद्यार्थियों को शास्त्रीय संगीत से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। यह न केवल कला के प्रति सम्मान बढ़ाता है, बल्कि मन को संतुलन और शांति प्रदान करता है।”
उन्होंने इस अद्वितीय आयोजन के लिए स्पीक मैके के नेशनल चेयरपर्सन डॉ. राधामोहन तिवारी का विशेष आभार व्यक्त किया, जिनकी प्रेरणा से यह कार्यक्रम संभव हुआ।
कार्यक्रम का मंच संचालन छात्राओं अविष्का वर्मा एवं अनन्या धीमान ने बखूबी संभाला
इस सांस्कृतिक मंच के संचालन की कमान विद्यालय की प्रतिभाशाली छात्राओं—अविष्का वर्मा और अनन्या धीमान—ने संभाली।
दोनों ने पूरे कार्यक्रम को अनुशासन, स्पष्टता और सहजता के साथ संचालित किया, जिससे कार्यक्रम में एक गरिमामय और पेशेवर माहौल बना रहा।
आयोजन समिति में महिलाओं की अहम भूमिका—डॉ. राधामोहन तिवारी की अध्यक्षता में पूरा कार्यक्रम सफल
कार्यक्रम की अध्यक्षता निम्न प्रमुख व्यक्तित्वों ने की—
डॉ. राधामोहन तिवारी
मृदुला मित्तल
नीति मित्तल
भावना सिंगल
इन सभी ने छात्र-छात्राओं को भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा को समझने और अपनाने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि ऐसी प्रस्तुतियाँ बच्चों में न केवल संस्कृति के प्रति सम्मान बढ़ाती हैं बल्कि उन्हें मानसिक रूप से अधिक संतुलित और संवेदनशील बनाती हैं।
सांस्कृतिक चेतना और कला-संस्कार से भरा कार्यक्रम—विद्यालय परिवार का आभार
इस भव्य सांस्कृतिक समागम ने विद्यार्थियों के मन में भारतीय संगीत के प्रति नई रुचि जागृत की।
विद्यालय परिवार ने इस सफल आयोजन के लिए—
संस्कृति विभाग
भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय
स्पीक मैके
कलाकारों
और आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों
का हृदय से आभार व्यक्त किया।
विद्यालय प्रशासन ने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी ऐसे classical music event निरंतर आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवा पीढ़ी कला और संस्कृति से जुड़ी रहे।

