बढ़ती महंगाई (inflation) से आमजन त्रस्त: अधिकांश सब्जियों के दाम ४० पार
पहले घरेलू गैस, खाद्य तेल और अब सब्जियों के दामों में हुई बढ़ोतरी inflation ने घर की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। विशेषतौर पर महिलाओं के लिए रसोई का बजट चलाना मुश्किल हो रहा है। आलू, लौकी को छोड़ अधिकांश सब्जियों के दाम ४० पार हैं, वहीं प्याज और टमाटर भी ५० से ६५ रुपये तक बिक रहा है। ऐेसे में महिलाएं इस बात को लेकर ज्यादा चिंतित हैं कि यदि ये दाम इसी तरह कुछ दिन और बढ़ते गए तो परेशानी भी अधिक बढ़ेगी।
गृहणी अर्चना शर्मा का कहना है कि घर के बजट में मुख्य रूप से रसोई का बजट भी है। लेकिन इस बार रसोई का बजट अनियंत्रित हो रहा है। गैस के दाम हर महीने बढ़ रहे हैं, खाने का तेज कम नहीं हो रहा है और अब सब्जियों के दाम आसमान छूने को हैं। स्थिति यह आ रही है कि सिर्फ एक दो ही सब्जियां अथवा दाल बनानी पड़ रही है।
कविता लोहानी का कहना है कि रसोई का बजट चलाना महिलाओं के लिए हर महीने मुश्किल ही रहता है, लेकिन यह मुश्किल इस बार अधिक बढ़ गई है। घर के सदस्यों के लिए अब सुबह के समय उनके पसंद की सब्जियां नहीं बन पा रही हैं। खाद्य तेल के दाम भी कम नहीं हो रहे हैं।
मधु राय का कहना है कि सब्जियां रसोई से गायब होती नजर आ रही हैं। रसोई का बजट संभालना मुश्किल हो रहा है। खीरा, टमाटर, तोरई, गोभी, बैंगन, कद्दू, भिंडी के दाम में अधिक बढ़ोतरी हुई है। सरकार को इस तरह बढ़ती महंगाई पर ध्यान देना चाहिए।
विद्या देवी का कहना है कि दोपहर में बिना सब्जी और सलाद की थाली सज रही है। दाल के दाम बीते दिनों से नियंत्रण में है, इसलिए सब्जियों की जगह दो वक्त दाल बनानी पड़ रही है। चार से पांच सदस्य वाले परिवार के लिए ५०० रुपये की सब्जियां हफ्तेभर चलाना मुश्किल हो रहा है।

