वैश्विक

कोरोना वायरस की रफ्तार में कमी-फसलों की कटाई के लिए लॉकडाउन में छूट मिलेगी

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, गृह मंत्रालय के संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कई अहम जानकारियां दी गईं। इस दौरान गृह मंत्रालय ने कहा कि फसलों की कटाई के लिए लॉकडाउन में छूट मिलेगी। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने इससे जुड़ी तमाम जानकारियां दीं।

वहीं आईसीएमआर के डॉ. रमन गंगाखेड़कर ने बीसीजी वैक्सीन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी।  13.6 फीसदी लोग कोरोना वायरस से ठीक हुए। 24 घंटे में 1007 नए मामले सामने आए।24 घंटे में 23 लोगों की मौत हुई। कोरोना से मौत का आंकंड़ा 437 हुआ।1749 मरीज अबतक ठीक हो चुके हैं।

अभी हर 6.2 दिन में केस दोगुने हो रहे हैं। पहले इसकी दर तीन दिन थी।19 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में डबलिंग रेट औसत डबलिंग रेट से कम है।

ये राज्य व केंद्रशासित प्रदेश हैं- केरल, उत्तराखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, लद्दाख, पुदुचेरी, दिल्ली, बिहार, ओडिशा, तमिनलाडु, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, असम, त्रिपुरा।राज्यों को 5 लाख रैपिड टेस्ट किट दे रहे हैंं। नई टेस्ट किट से 30 मिनट में नतीजा।कोरोना वायरस की रफ्तार में कमी आई।

80 फीसदी मरीज ठीक हो रहे हैं। कोरोना के मामलों में 40 फीसदी गिरावट आई है।डाक विभाग में विशेष व्यवस्था की गई है। मोबाइल पोस्ट ऑफिस काम कर रहे हैं।

भारत की स्थिति दूसरे देशों से बेहतर। एंटी वायरल दवा पर भी काम कर रहे हैं।हमारा पूरा ध्यान वैक्सीन तैयार करने पर है। हम बीसीजी, प्लाज्मा थेरेपी, मोनोक्लोनल एंटीबॉडीज पर काम कर रहे हैं।

चीन की रैपिट टेस्ट किट की गुणवत्ता क्या होगी? इस सवाल पर लव अग्रवाल ने कहा- हम कहीं से भी सामान लें, उसके पैरामीटर होते हैं, उसे चेक करके ही इस्तेमाल करेंगे।जनरल फिजीशियन भी मोहल्लों में नहीं बैठ रहे हैं, क्योंकि उनके पास किट नहीं हैं, इससे सामान्य रोगियो को बहुत परेशानी हो रही है?

इस सवाल पर लव अग्रवाल ने कहा- ऐसे वक्त पर हम टेलीकम्युनिकेशन व ऑनलाइन सेवा ले सकते हैं। कोई टालने वाली सर्जरी है तो उसे टाला जाए। हमने गाइडलाइन जारी करके बताया था कि कोविड-19 अस्पताल के अलावा दूसरे अस्पतालों में टीबी मरीज, एचआईवी मरीज, कार्डियक मरीज, मैटरनिटी से जुड़े इलाज जारी है। 

डॉ. आर गंगाखेड़कर ने कहा- कल हमने पूल टेस्ट पर गाइडलाइन जारी की थी। जहां सेरोपॉजिटिविटी दो फीसदी से कम है, वहां पांच सैंपल लिए जाएं। कम टेस्ट करके ही हमें पता चल जाएगा कि ये संक्रमण कैसे बढ़ रहा है। हमने एकल डायग्नोसिस के लिए इसलिए नहीं कहा क्योंकि इससे टेस्ट की कीमत पर असर पड़ेगा।

निजी अस्पतालों को इस पर सोचना होगा। बीसीजी वैक्सीन इस्तेमाल के सवाल पर उन्होंने कहा- बीसीजी वैक्सीन टीबी रोकने का खतरा रोक नहीं पाती है। वैक्सीन लेने के बाद भी नई बीमारी को ये रोक नहीं सकती। 

सवाल ये कि क्या ये फायदेमंद होगी, तो मैं कहना चाहूंगा कि ये हमारे इम्यून सिस्टम को सुधारता है। ये कैंसर के सेल को मारता है लेकिन इस मामले में काम करेगा, इसका चांस कम दिखता है। (from ANI tweet, social posts, AU website)

News-Desk

News Desk एक समर्पित टीम है, जिसका उद्देश्य उन खबरों को सामने लाना है जो मुख्यधारा के मीडिया में अक्सर नजरअंदाज हो जाती हैं। हम निष्पक्षता, सटीकता, और पारदर्शिता के साथ समाचारों को प्रस्तुत करते हैं, ताकि पाठकों को हर महत्वपूर्ण विषय पर सटीक जानकारी मिल सके। आपके विश्वास के साथ, हम खबरों को बिना किसी पूर्वाग्रह के आप तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। किसी भी सवाल या जानकारी के लिए, हमें संपर्क करें: [email protected]

News-Desk has 20683 posts and counting. See all posts by News-Desk

Avatar Of News-Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

five + 8 =