कोर्ट ने माना- Elon Musk का ट्वीट था झूठा,शेयर बाजार के नुकसान पर धोखाधड़ी का आरोप
Elon Musk कुछ दिनों से ट्विटर के कारण वह लगातार चर्चा में बने हुए हैं. हालांकि इस बार वह खबरों में ट्विटर डील को लेकर नहीं, बल्कि 2018 में किए गए एक ट्वीट को लेकर हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह टेस्ला को प्राइवेट कंपनी बनाना चाहते हैं और इसके लिए उनके पास पर्य़ाप्त धन की व्यवस्था हो गई है. इसे लेकर कुछ निवेशकों ने याचिका दायर की थी. अब जज ने टेस्ला के उस दावों को झूठा और भ्रामक माना है.
बता दें कि शुक्रवार देर रात एक वादी ने अदालत में एक याचिका दाखिल की थी. वादी ने मामले के प्रभारी संघीय न्यायाधीश एडवर्ड चेन से मस्क को सार्वजनिक रूप से यह कहने से रोकने का आदेश देने के लिए कहा कि उन्होंने टेस्ला को बायर्स से 420 प्रति डॉलर शेयर खरीदकर इस कंपनी को निजी बनाने को फंड की व्यवस्था कर ली थी. शेयरधारकों ने टेस्ला पर 7 अगस्त 2018 के ट्वीट के मद्देनजर शेयर बाजार के नुकसान पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है.
Elon Musk ने इस मुद्दे पर कुछ दिन पहले कहा था कि वह उस समय सऊदी अरब के सॉवरेन वेल्थ फंड के साथ बातचीत कर रहे थे और उन्हें विश्वास था कि वह एक सौदे पर पहुंच जाएंगे, लेकिन कभी किसी समझौते की घोषणा नहीं की गई.
Elon Musk ने 2018 में ट्वीट किया था कि , “वह 420 डॉलर प्रति शेयर के ऑफर के साथ टेस्ला को प्राइवेट बनाने पर विचार कर रहे हैं और इसके लिए उन्होंने फंडिंग की व्यवस्था भी कर ली है.” यह उस समय के टेस्ला के स्टॉक की वैल्यू की तुलना में 18 फीसदी ऊंचा ऑफर था. इस खबर के बाद टेस्ला के शेयर में अच्छी तेजी दर्ज की गई थी.
हालांकि एसईसी के सवाल उठाने के कारण Elon Musk की यह योजना सफल नहीं हो सकी. निवेशकों ने टेस्ला पर सिक्योरिटीज फ्रॉड का आरोप लगाया. पहले मस्क फंड होने की बात कहते रहे, लेकिन एसईसी के दबाव पर उसे समझौता करना पड़ा था और उन पर 4 करोड़ डॉलर की पेनाल्टी लगाते हुए पद से भी हटना पड़ा था.

