पूर्वांचल के विकास को मिलेगी रफ्तार : Purvanchal Expressway
Purvanchal Expressway का निर्माण लगभग तौर पर ₹ 22,500 करोड़ की लागत से किया जा रहा है। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे लखनऊ जिले में मौजूदा लखनऊ-सुल्तानपुर रोड (एनएच-731) के पास स्थित चंदसराय गांव से शुरू होकर गाजीपुर जिले में यूपी-बिहार सीमा से 18 किमी दूर गाजीपुर (lucknow to ghazipur) में राष्ट्रीय राजमार्ग 31 पर हैदरिया गांव में समाप्त होगा।
इसकी कुल लंबाई 340.824 किमी है जो कि 6 लेन एक्सप्रेसवे है और इसे भविष्य में आगे की योजनाओं के तहत आसानी से 8 लेन में पुनः विकसित किया जा सकता है।
एक्सप्रेसवे को 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से वाहनों की आवागमन के लिए निर्मित किया गया है लेकिन वर्तमान में एक्सप्रेसवे पर आवागमन शुरू होने के साथ ही निर्धारित गति 100 किमी प्रति घंटे तय की गई है। आपको बता दें कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, अयोध्या, सुल्तानपुर, अम्बेडकरनगर, आजमगढ़, मऊ तथा गाजीपुर से होकर निकलेगा।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की मदद से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को बहुत ही आसानी होने वालीं है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर सफर करते हुए आप आसानी से लखनऊ से गाजीपुर के अथवा लखनऊ से वाराणसी के बीच की यात्रा जो पहले 6 घंटे में तय होती अब वह घटकर मात्र 3.5 घंटे रह जाएगी। इसकी मदद से अब उत्तर प्रदेश और लखनऊ के आसपास के लोगों की काशी विश्वनाथ की नगरी वाराणसी की यात्रा बहुत ही सुगम ही आसान होने वाली है।
340 किलोमीटर लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से उत्तर प्रदेश की राज्य सरकार को टोल से करीब ₹202 करोड़ का राजस्व प्राप्त होगा। हालांकि अभी शुरुआती तौर पर एक्सप्रेसवे शुरू होने के साथ ही लोगों को टोल टैक्स देय नहीं होगा अर्थात अभी शुरुआती तौर पर अभी कुछ दिनों के लिए एक्सप्रेसवे पर सफर मुफ्त रहने वाला है।
Purvanchal expressway toll plaza फ्री रखने का कारण यह है कि अमूमन ऐसे टोल टैक्स वसूलने का काम निजी कंपनियां करती हैं और जल्द ही सरकार द्वारा निर्धारित करने के साथ ही एक्सप्रेसवे पर प्रति किमी के हिसाब से टोल की दरें तय कर दी जाएंगी तथा जिसके बाद टोल बूथ पर टोल राशि देय होगी।
#UP में हमने लंबा दौर, ऐसी सरकारों का देखा जिन्होंने कनेक्टिविटी की चिंता किए बिना ही औद्योगीकरण के सपने दिखाए। परिणाम ये हुआ कि ज़रूरी सुविधाओं के अभाव में यहां लगे अनेक कारखानों में ताले लग गए। दुर्भाग्य रहा कि दिल्ली और लखनऊ, दोनों ही जगह परिवारवादियों का ही दबदबा रहा: PM pic.twitter.com/2uc0IJ0MkT
— News & Features Network (@mzn_news) November 16, 2021
में 22 फ्लाईओवर, 7 रेलवे-ओवर-ब्रिज, 7 प्रमुख पुल, 114 छोटे पुल, 6 टोल प्लाजा, 45 वाहन अंडरपास, 139 लाइट वाहन अंडरपास, 87 पैदल यात्री अंडरपास और 525 पुलिया सम्मिलित होंगी तथा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे में वाहनों की सुविधा हेतु सीएनजी स्टेशन, इलेक्ट्रिक रिचार्ज स्टेशन भी उपलब्ध होंगे
इसे आगरा तथा बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के माध्यम से रक्षा गलियारे से भी जोड़ा जाएगा। इसके अतिरिक्त एक्सप्रेस-वे के एक ओर 3.75 मीटर चौड़ी सर्विस लेन का भी निर्माण किया गया है।
सपा और बसपा दोनों दलों ने भाजपा की इन कोशिशों को भांपते हुए योगी सरकार (Yogi Government) को एक्सप्रेस-वे (Purvanchal Expressway) का क्रेडिट देने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेस-वे (Purvanchal Expressway) उनकी सोच का नतीजा है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Former CM Akhilesh Yadav) ने तो योगी सरकार (Yogi Government) पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि प्रदेश के लोग इस एक्सप्रेस-वे (Purvanchal Expressway) की असलियत जानते हैं और उन्हें गुमराह नहीं किया जा सकता।
योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) का भी कहना है कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे (Purvanchal Expressway) विकास का राजमार्ग बनेगा। उनका कहना है कि इस एक्सप्रेस-वे (Purvanchal Expressway) के निर्माण से अभी तक उपेक्षित रहे पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास को नए पंख लगेंगे। यह पूर्वी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित होगा। खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने एक्सप्रेस-वे (Purvanchal Expressway) के लोकार्पण समारोह को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक रखी है। मुख्यमंत्री के साथ ही पार्टी कैडर को भी इस काम में लगाया गया है।

