अमेरिका ने कनाडा पर 10% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया: Donald Trump का कड़ा फैसला, कनाडा की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump (डॉनल्ड ट्रम्प) ने कनाडा पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों में नई तकरार उत्पन्न हो सकती है। यह टैरिफ कनाडा के लिए एक बड़ा आर्थिक झटका साबित हो सकता है, क्योंकि इससे पहले भी अमेरिका ने भारत पर 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाए थे। ट्रम्प का यह कदम कनाडा की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डाल सकता है, खासकर जब से कनाडा के अधिकांश निर्यात अमेरिका को जाते हैं। इस कदम से यह साफ हो गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति किसी भी विरोध को बर्दाश्त नहीं करेंगे, चाहे वह विज्ञापन के रूप में हो या किसी और रूप में।
कनाडा पर टैरिफ की बढ़ी हुई दरें: एक गंभीर आर्थिक कदम
अमेरिका ने पहले से ही कनाडा पर 35% टैरिफ लगा रखा था, लेकिन ट्रम्प के नए ऐलान के बाद यह दर 45% तक पहुंच जाएगी। यह टैरिफ दर भारत और ब्राजील के बाद सबसे ज्यादा होगी। ट्रम्प का यह निर्णय कनाडा के साथ चल रही टैरिफ बातचीत को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि दो दिन पहले ही उन्होंने कनाडा के साथ बातचीत को रोक दिया था। दरअसल, ट्रम्प नाराज थे उस विज्ञापन से, जिसमें पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। इस विज्ञापन में रीगन ने टैरिफ को हर अमेरिकी के लिए नुकसानदेह बताया था, और यही विज्ञापन ट्रम्प को बर्दाश्त नहीं हुआ।
विज्ञापन पर विवाद और ट्रम्प की नाराजगी
यह विज्ञापन कनाडा के ओंटारियो राज्य ने तैयार किया था, और इसे वर्ल्ड सीरीज के पहले गेम के दौरान प्रसारित किया गया था। ट्रम्प इस विज्ञापन से इतने नाराज हुए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर इसे लेकर पोस्ट किया और कहा कि कनाडा ने जानबूझकर एक फर्जी विज्ञापन चलाया, जिसमें रीगन के भाषण को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया था। ट्रम्प ने यह भी आरोप लगाया कि कनाडा को यह विज्ञापन तुरंत हटा देना चाहिए था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया, और विज्ञापन वर्ल्ड सीरीज के दौरान प्रसारित होने दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति का कड़ा संदेश: कनाडा को माफी की बजाय सजा
ट्रम्प के ट्वीट्स और बयान में कनाडा को लेकर कड़ी टिप्पणी की गई थी। उन्होंने कहा कि “कनाडा रंगे हाथों पकड़ा गया है”, और यह जाहिर किया कि अब वह टैरिफ बढ़ाकर कनाडा को सजा दे रहे हैं। ट्रम्प का यह कदम तब आया जब उन्होंने कनाडा से कहा था कि उन्हें यह विज्ञापन तुरंत बंद कर देना चाहिए, लेकिन कनाडा ने इसे जारी रखा। इसके बाद, ट्रम्प ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए एक और कड़ा कदम उठाया, जो कनाडा पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की दिशा में था।
कनाडा की अर्थव्यवस्था पर असर: भारी नुकसान की आशंका
इस अतिरिक्त 10% टैरिफ से कनाडा की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हो सकता है। न्यूज़ एजेंसी एपी के अनुसार, ट्रम्प के इस टैरिफ से कनाडा की जीडीपी में अगले 5 सालों में लगभग 1.2% का नुकसान हो सकता है। कनाडा के तीन-चौथाई से अधिक निर्यात अमेरिका को जाते हैं, और लगभग 3.6 अरब कनाडाई डॉलर (2.7 अरब अमेरिकी डॉलर) मूल्य का सामान और सेवाएं प्रतिदिन अमेरिकी सीमा पार करती हैं। इसलिए, इस टैरिफ से कनाडा के व्यापार पर गहरा असर पड़ सकता है।
अमेरिका का स्टील और एल्युमीनियम पर टैरिफ और भी कड़ा
अमेरिका ने कनाडा पर केवल 35% टैरिफ नहीं लगाया है, बल्कि उसने स्टील और एल्युमीनियम पर 50% टैरिफ भी लगाया है। हालांकि, अधिकांश कनाडाई सामान, जो यूएस-कनाडा-मेक्सिको समझौते (USMCA) के तहत आते हैं, इन टैरिफ से मुक्त हैं। फिर भी, कनाडा की अर्थव्यवस्था पर इन टैरिफ के असर को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
आसियान शिखर सम्मेलन में ट्रम्प का रुख और कनाडा से बातचीत का नया मोड़
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump (डॉनल्ड ट्रम्प) और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी दोनों मलेशिया में आयोजित होने वाले दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। लेकिन, ट्रम्प ने इस शिखर सम्मेलन के दौरान कार्नी से मिलने का कोई इरादा नहीं जताया। इसका मतलब यह है कि व्यापारिक तनावों के बावजूद दोनों देशों के नेताओं के बीच शांति की कोई उम्मीद फिलहाल नहीं दिखती।
कनाडा और अमेरिका के रिश्ते में तनाव: आगे का रास्ता क्या होगा?
इस पूरी स्थिति में यह सवाल उठता है कि क्या कनाडा और अमेरिका के रिश्ते और भी बिगड़ेंगे या फिर कोई रास्ता निकलेगा? ट्रम्प के इस कड़े फैसले ने कनाडा के प्रधानमंत्री को भी मुश्किल स्थिति में डाल दिया है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध पहले ही तनावपूर्ण थे, और अब इस नए टैरिफ के फैसले से ये और बिगड़ सकते हैं। कनाडा को इस समय अपने आर्थिक हितों को बचाने के लिए अमेरिका के साथ फिर से संवाद करने की जरूरत है, लेकिन यह साफ है कि इस विवाद के समाधान के लिए दोनों पक्षों को बहुत गंभीरता से बातचीत करनी होगी।
ट्रम्प का निर्णय और भविष्य में व्यापारिक स्थिति
ट्रम्प का यह कदम यह साबित करता है कि वे किसी भी विरोध को बर्दाश्त नहीं करेंगे, चाहे वह एक विज्ञापन हो या फिर व्यापारिक विवाद। इस फैसले से कनाडा की अर्थव्यवस्था को एक नया झटका लग सकता है, और अमेरिका के साथ उसके व्यापारिक संबंधों में और भी तनाव पैदा हो सकता है। अब यह देखने वाली बात होगी कि दोनों देशों के बीच इस व्यापारिक संकट को कैसे सुलझाया जाएगा, और क्या इस पर कोई समाधान निकलेगा।


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