आई0 टी0 एम्0 कॉलेज में पर्यावरण दिवस कार्यक्रम का हुआ समापन, पर्यावरण सुरक्षा के लिए रिसर्च पर जोर
मेरठ-सोनीपत हाईवे (बागपत रोड) स्थित इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (आई0 टी0 एम्0) कॉलेज में दो दिवसीय विश्व पर्यावरण दिवस का 05 जून 2021 को समापन हो गया! कार्यक्रम का समापन वर्चुअल प्लेटफार्म पर वेबिनार के माध्यम से मुख्य वक्ता डॉ0 पी0 वी0 मालिक एवं श्री संजय राणा के विशेषज्ञ व्याख्यान से हुआ!
डॉ0 मालिक संजय गाँधी (परास्नातक) कॉलेज, मेरठ के पूर्व प्राचार्य हैं एवं वर्तमान में एनवायरनमेंट एंड सोशल रिसर्च आर्गेनाइजेशन (असरो) नामक गैर सरकारी संगठन से जुड़ कर पर्यावरण संरक्षण हेतु कार्य कर रहे हैं! श्री संजय राणा एनवायरनमेंट एंड सोशल रिसर्च आर्गेनाइजेशन के फाउंडर हैं!
कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सभी कार्यक्रम वर्चुअल रूप से आयोजित किये गए जिनमे स्लोगन कम्पटीशन, डिजिटल पोस्टर मेकिंग कम्पटीशन, हैंडमेड पोस्टर मेकिंग कम्पटीशन, फोटोग्राफी कम्पटीशन एवं वृक्षारोपण आदि कार्यक्रम मुख्य थे! इन सभी कार्यक्रमों में संस्थान के सभी छात्र-छात्राओं ने बढ़ चढ़ कर प्रतिभाग किया!
श्री के0 के0 जैन (पी0 जी0) कॉलेज, खतौली में सहायक प्रोफेसर डॉ0 अल्पना गर्ग, स्टेप टू सक्सेस स्कूल मेरठ की प्रधानाचार्या डॉ0 प्रतिभा सिंह एवं आई0 ए0 एम्0 आर0 कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन मेरठ के प्राचार्य डॉ0 अमितेश कुमार शर्मा निर्णायक मंडल में रहे!
कॉलेज के निदेशक डॉ0 राजुल गर्ग ने इस अवसर पर कहा कि आई0 टी0 एम्0 कॉलेज की यह पहल निश्चित रूप से रंग लाएगी! छात्र एवं शिक्षक पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होंगे!पर्यावरण के शुद्ध रहने से ही मनुष्य विभिन्न दैवीय आपदाओं एवं विभीषिकाओं से बच सकता है!
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्थान के इको- वॉरियर्स क्लब की संयोजिका एवं सिविल इंजीनियरिंग विभाग में सहायक प्रोफेसर ऋतू शर्मा का मुख्य योगदान रहा!
इसके अतिरिक्त दिशा सैनी, गौरव यादव, डॉ अन्नपूर्णा चौधरी, साधना अग्रवाल, राहुल कुमार, मयंक सारस्वत, मलय शर्मा, एवं निधि आदि का अप्रतिम सहयोग रहा!
संस्थान के सचिव संजय बंसल, संयुक्त सचिव अंशु बंसल एवं ग्रुप डायरेक्टर डॉ0 प्रदीप कुमार वशिष्ठ ने कार्यक्रम के सफल आयोजन की बधाई दी एवं कहा कि संस्थान हमेशा से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहा है एवं संस्थान में लगे हुए विभिन्न औषधीय एवं फलदार वृक्ष इसके गवाह हैं! आगे भी इस प्रकार के कार्यक्रम संस्थान में आयोजित होते रहेंगे ऐसी आशा है!

