उत्तर प्रदेश

हर जिले में हो पोस्ट कोविड वार्ड की सुविधा: बेहतर सर्विलांस से आएंगे अच्छे परिणाम- योगी आदित्यनाथ

कोरोना के लक्षण वाले हर व्यक्ति को निगरानी समितियों के माध्यम से मेडिसिन किट उपलब्ध कराई जाए। शासन द्वारा हर जिले को पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध करायी गयी है। मेडिसिन किट जिन्हें उपलब्ध कराई जाए, उसका सत्यापन भी अवश्य हो। हर जनपद में न्याय पंचायत स्तर पर सेक्टर अधिकारियों की तैनाती करते हुए उसकी सूची जन प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए। कुशीनगर, देवरिया व महराजगंज जिलों में मेडिसिन किट के वितरण में और तेजी लाने की आवश्यकता है।

यह दिशानिर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिए। वह मंगलवार शाम को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बैठक कर कोविड प्रबंधन व इंसेफेलाइटिस नियंत्रण को लेकर गोरखपुर मंडल का चारों जिलों की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में गोरखपुर के अधिकारी खुद मौजूद थे जबकि कुशीनगर, देवरिया व महराजगंज के अधिकारी वर्चुअल जुड़े।

कोविड नियंत्रण को लेकर हर पहलू की मुख्यमंत्री ने गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आईसीसीसी में लैण्डलाइन कनेक्शन पर्याप्त होने चाहिए, इसकी कमी किसी भी जिले में नहीं होनी चाहिए।

सीएम योगी ने कहा कि कोविड मरीज को जितना जल्दी सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी, उसके बेहतर परिणाम परिलक्षित होंगे। हर एक व्यक्ति का जीवन महत्वपूर्ण है और उसकी रक्षा करना हम सबका कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि 108 एम्बुलेंस की 75 प्रतिशत सेवाएं कोविड कार्यों में लगाई जाय।

मुख्यमंत्री ने डोर टू डोर सर्वे करके हर लक्षणयुक्त व्यक्ति को मेडिसिन किट उपलब्ध कराने तथा एक अभियान के तहत टेस्टिंग कराने का निर्देश देते हुए कहा कि सभी सीएचसी/पीएचसी, ईटीसी क्रियाशील हों तथा एक सप्ताह के अन्दर सभी सीएचसी/पीएचसी, सब सेन्टर आदि की रंगाई पोताई, कनेक्टिविटी, मेन्टेनेन्स आदि कार्यों को करा लिया जाये। उन्होंने कहा कि गोरखपुर मण्डल इंसेफलाइटिस प्रभावी मण्डल है और इस बीमारी से निपटने हेतु अभी से तैयारियां पूर्ण कर ली जायें तथा एक एक सीएचसी/पीएचसी को सभी जनप्रतिनिधि गोद लें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जनपद में 50 से 100 बेडेड पोस्ट कोविड वार्ड स्थापित कर वहां सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाये और जब मरीज वहां से पूर्ण रूप से स्वस्थ्य महसूस करे तब डिस्चार्ज किया जाये।

उन्होंने ब्लैक फंगस वार्ड बनाने तथा वहां दवाओं की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश देते हुए संभावित तृतीय वेव की तैयारी अभी से कर लेने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि हर जनपद में ऑक्सीजन प्लान्ट स्थापित किये जा रहे हैं और हर जनपद ऑक्सीजन में आत्मनिर्भर होगा। इस कार्य के लिए उन्होंने एक नोडल अधिकारी भी नामित करने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैक्सीनेशन की कार्यवाही हर जनपद में होनी है और वैक्सीनेशन वेस्टेज को रोकना है। वैक्सीनेशन कोरोना से बचाव हेतु सुरक्षा कवच है। वैक्सीनेशन सेन्टर के बाहर काल सेन्टर बनाये जाये और हर सेन्टर पर वेटिंगहाल भी बनाये जाये। उन्होंने मैनपावर बढ़ाने के साथ ही उनके प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी को इस कार्य में रूचि लेकर कार्य करना होगा

एक एक वैक्सीन काफी उपयोगी है, वेस्टेज नहीं होना चाहिए। उन्होंने ईटीसी, पीकू, मिनी पीकू को क्रियाशील करने के निर्देश देते हुए कहा कि स्वच्छता, फागिंग, सेनेटाइजेशन आदि की कार्यवाही निरन्तर जारी रखी जाये और अंतर्विभागीय समितियां प्रभावी रूप से कार्य करें, थोड़ी से लापरवाही भयावह हो सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्विलान्स जितना बेहतर होगा उसके परिणाम उतने ही अच्छे होंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि जब सेन्टर पर कामन मैन से बात करें तो संवेदनशील व्यवहार के साथ संवेदनशील दिखें और कोविड मरीज के तीमारदार को भोजन की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। उन्होंने बताया कि जून माह से वितरित होने वाले खाद्यान्न पूरी पारदर्शिता के साथ वितरित हो 

उसकी सूची जन प्रतिनिधियों को भी दी जाये, हर संदिग्ध व्यक्ति की एंटीजन एवं आरटीपीसीआर जांच की जाये तथा प्रत्येक जनपद में महिलाओं/बच्चों के लिए एक अस्पताल अवश्य संचालित रहे जहां उनका इलाज हो सके।

इस मौके पर मण्डलायुक्त जयन्त नार्लिकर ने जेई/एईएस की मण्डलीय प्रगति रिपोर्ट तथा कोविड-19 प्रबंधन से संबंधित किये जा रहे प्रयासों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि निगरानी समितियों की कार्य प्रणाली का अनुश्रवण, आरआरटी विजिट की समीक्षा, नियमित टीकाकरण, एम्स, पीएचसी स्तर पर पीकू बेड के विस्तार आदि का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त जेई/एईएस के संबंध में प्रगति रिपोर्ट की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि स्वच्छ पेयजल समिति का गठन किया गया है, दूषित पेयजल की जांच एवं संक्रमण अंतर्विभागीय टास्कफोर्स की बैठक, ईटीसी कार्य प्रणाली की मानीटरिंग तथा 273 संवेदी ग्रामों के विशेष अभियान के तहत शुद्ध पेयजल, स्वच्छता आदि की कार्यवाही की जा रही है।

बैठक में सांसद सदर रविकिशन, बासगांव कमलेश पासवान, विधायक डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल, फतेह बहाुदर सिंह, संत प्रसाद, संगीता यादव, विपिन सिंह, शीतल पाण्डेय, महेन्द्रपाल सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री/सूचना संजय प्रसाद, जिलाधिकारी के. विजयेन्द्र पाण्डियन आदि उपस्थित रहे।

 

News Desk

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