Fast Rules: जानें किस दिन रखना है कौन सा व्रत (Vrat) जिससे पूरी हों आपकी मनोकामनाएं?
Fast Rules: सप्ताह का हर दिन अपने आप में काफी शुभ होता है और हिन्दू धर्म में हर दिन की अपनी एक अलग मान्यताएं और महत्त्व है. इसीलिए हम हर किसी दिन अपनी किसी कामना की पूर्ति के लिए अथवा शारीरिक और मानसिक सुख शांति के लिए कोई न कोई व्रत या पूजा अवश्य करते हैं. लेकिन हम में से बहुत लोग इस संशय में रहते हैं की किस दिन कौनसा व्रत रखें जिससे उनकी हर मनोकामना पूर्ण हो
मंगलवार– मंगल से पीडित व्यक्ति को मंगलवार का उपवास एवं हनुमान जी की आराधना अवश्य करनी चाहिए। हर कार्य में मंगलकारी परिणाम प्राप्त करने के लिए मंगलवार का उपवास रखना चाहिए।
बुधवार- कमजोर मस्तिष्क वाले एवं आत्मिक ज्ञान प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को बुधवार के दिन उपवास रखना चाहिए। यह भगवान गणेश का दिन माना गया है और श्रीगणेश बुद्धि के दाता है। बुधवार का दिन बुद्धि प्राप्ति का दिन होता है।
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गुरुवार- बृहस्पति, देवताओं के गुरु हैं। उथली व छिछली मानसिकता वाले व्यक्ति को बृहस्पतिवार का उपवास अवश्य रखना चाहिए। बृहस्पति सत्व गुणी हैं तथा ज्ञान, अच्छे एवं सकारात्मक विचार और शिक्षण का प्रतिनिधित्व करते हैं। गुरुवार के दिन नाखून और बाल काटने से कुंडली में मौजूद गुरू कमजोर होता है.
वहीं, इससे धन हानि भी होती है. शास्त्रों में कहा गया है कि महिलाओं को इस दिन बाल और कपड़े धोने की भी मनाही होती है. कहते हैं कि ऐसा करने से मान की हानि होती है.
शुक्रवार- शीघ्रपतन, प्रमेह रोग के रोगियों को शुक्रवार के दिन उपवास रखना चाहिए क्योंकि शुक्रवार ओज, तेजस्विता, शौर्य, सौंदर्यवर्धक और शुक्रवर्धक होता है। ज्योतिष के अनुसार शुक्र देव ‘शुक्र वार’ के स्वामी हैं। वे धन, खुशी, सौंदर्य और प्रजनन का प्रतिनिधित्व करते हैं
शनिवार– समस्त दुखों एवं परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए शनिवार के दिन उपवास रखना चाहिए। भगवान शनि आपके समस्त परेशानियों को दूर करने में आपकी सहायता करते हैं।
रविवार– अच्छा स्वास्थ्य व तेजस्विता पाने के लिए रविवार के दिन उपवास रखना चाहिए। रविवार सूर्य का दिन होता है और सूर्य सभी ग्रहों के मुखिया है। नौकरी पाना चाहते हैं तो यह व्रत आपके लिए उपयोगी है।
सभी मनोकामनाएं पूर्ण
सच्चे दिल से भगवान की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं और साथ-साथ दुख विपत्ति को हमेशा के लिए दूर कर देते हैं. अगर आप पहली बार भगवान विष्णु के व्रत रखने की सोच रहे हैं, तो बता दें कि व्रत के कुछ नियम हैं, जिनका पालन करना जरूरी होता है. ग्रंथों में उल्लेख है कि अगर व्रत के दिन नियमों का पालन न किया जाए, तो भगवान विष्णु नाराज भी हो जाते हैं.

