Ghazipur कासिमाबाद पाली गांव में दबंगों ने मां मंशा देवी की बेरहमी से हत्या, बेटे को बचाते हुए हुई मौत
Ghazipur जिले के कासिमाबाद कोतवाली क्षेत्र के पाली गांव से एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बृहस्पतिवार की रात, गांव में दबंगों के हमले में मां मंशा देवी (50) की जान चली गई। घटना तब हुई जब वह अपने पुत्र को बचाने के लिए दौड़ीं और हमलावरों ने उन पर बेरहमी से हमला कर दिया।
वारदात की पूरी कहानी
पाली गांव निवासी विधिचंद्र प्रजापति ने पुलिस को तहरीर में बताया कि रात करीब 11 बजे दो दबंग युवक उनके घर पहुंचे। उन्होंने विधिचंद्र से पैसा मांगना शुरू किया। पैसा देने से इनकार करने पर दोनों युवकों ने गालियां दीं और मारपीट शुरू कर दी। इस हमले में विधिचंद्र गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े।
मां की बहादुरी और दर्दनाक मौत
अपने बेटे को अचेत देख मंशा देवी दौड़ीं और उसे बचाने का प्रयास किया। लेकिन हमलावरों ने उन पर भी हमला कर दिया। सिर पर गंभीर चोटें लगने के कारण मंशा देवी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई।
पुलिस जांच और आरोपियों की तलाश
घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। कासिमाबाद कोतवाल नंद कुमार तिवारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामले की छानबीन की जा रही है। पुलिस आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने की कोशिश में है।
गांव में फैल गया भय और आक्रोश
मंशा देवी की हत्या ने पूरे पाली गांव में डर और गुस्सा फैला दिया। ग्रामीणों ने कहा कि दबंगों का यह व्यवहार न सिर्फ एक अपराध है बल्कि समाज में भय का माहौल भी पैदा करता है। लोग पुलिस से शीघ्र कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सामाजिक और कानूनी पहलू
विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे अपराध परिवार और समुदाय दोनों को मानसिक रूप से प्रभावित करते हैं। बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रशासनिक कदम अत्यंत आवश्यक हैं। कानूनी दृष्टि से, यह मामला हत्या और मारपीट का गंभीर अपराध माना जाएगा, और आरोपी को सख्त सजा का सामना करना होगा।
मंशा देवी की वीरता की कहानी
मंशा देवी ने अपने बेटे को बचाने के लिए अपने प्राण की बाज़ी लगा दी। यह घटना बताती है कि कैसे एक मां अपने बच्चे के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। उनकी बहादुरी और त्याग गांव और आसपास के लोगों के लिए एक उदाहरण है।
पुलिस की सक्रियता और भविष्य की सुरक्षा
पुलिस ने बताया कि आरोपियों की जल्द पहचान और गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए गांव में नियमित गश्त और सुरक्षा उपायों को कड़ा किया जाएगा।
गाजीपुर के पाली गांव में हुई मां मंशा देवी की हत्या ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। बेटे को बचाते हुए हुई उनकी मौत ने समाज में सुरक्षा, कानून व्यवस्था और दबंगों के बढ़ते आतंक पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई करे और भविष्य में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

