Greater Noida Electricity Bill Controversy: फ्री में बाल काटने से इनकार पर सैलून संचालक को थमा दिया तीन गुना बिजली बिल, विभागीय जांच शुरू
News-Desk
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greater noida, Greater Noida electricity bill controversy, अजय गुप्ता विद्युत विभाग, उपभोक्ता शिकायत बिजली बिल, दनकौर बिजली बिल मामला, नोएडा खबर, बिजली विभाग जांच, यूपी प्रशासनिक कार्रवाई, सैलून संचालक विवादGreater Noida के दनकौर क्षेत्र में एक सैलून संचालक को कथित रूप से मुफ्त में बाल काटने से इनकार करना भारी पड़ गया। आरोप है कि इसके बाद बिजली विभाग के एक संविदाकर्मी ने बिना मीटर रीडिंग के ही तीन गुना बिजली बिल जारी कर दिया। मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया और अब विभागीय स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है।
पाटिया चौक स्थित सैलून चलाने वाले सलीम कई वर्षों से अपनी दुकान संचालित कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस तरह की कार्रवाई न केवल अनुचित है बल्कि उपभोक्ता अधिकारों का भी उल्लंघन करती है।
औसतन 900 रुपये आता था बिजली बिल, अचानक थमा दिया 3000 रुपये का नोटिस
सैलून संचालक के अनुसार उनकी दुकान का मासिक बिजली बिल सामान्यतः लगभग 900 रुपये के आसपास आता है। लेकिन हाल ही में उन्हें लगभग तीन हजार रुपये का बिल थमा दिया गया, जिससे वे हैरान रह गए।
बताया गया कि बुधवार को एक संविदाकर्मी बाल कटवाने के लिए दुकान पर आया था। जब सैलून संचालक ने मुफ्त सेवा देने से इनकार किया तो कथित रूप से इसी बात से नाराज होकर कर्मचारी ने बाद में बिना मीटर जांच किए ही बढ़ा हुआ बिल जारी कर दिया।
सुपरवाइजर पर भी लगे टिप्पणी करने के आरोप
मामला तब और गंभीर हो गया जब सैलून संचालक ने इसकी शिकायत संबंधित सुपरवाइजर से की। आरोप है कि वहां से भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला और कथित रूप से कहा गया कि यदि विभागीय कर्मचारियों की “सेवा-पानी” नहीं की जाएगी तो इसी तरह के बिल आते रहेंगे।
इस कथन के सामने आने के बाद पूरे मामले ने प्रशासनिक जवाबदेही और विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विद्युत उपखंड अधिकारी अजय गुप्ता ने लिया संज्ञान
मामले के सामने आने के बाद विद्युत उपखंड अधिकारी Ajay Gupta ने स्थिति का संज्ञान लिया है। उन्होंने सैलून संचालक को आश्वासन दिया है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि जांच में संविदाकर्मी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसके खिलाफ विभागीय स्तर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और बिजली बिल को संशोधित किया जाएगा।
उपभोक्ता अधिकारों को लेकर उठे सवाल
इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर उपभोक्ता अधिकारों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि बिजली बिल जैसी संवेदनशील प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियम आधारित होनी चाहिए।
यदि किसी उपभोक्ता के साथ व्यक्तिगत कारणों से कार्रवाई की जाती है तो इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर भरोसा प्रभावित होता है।
दनकौर क्षेत्र में मामला बना चर्चा का विषय
घटना सामने आने के बाद पाटिया चौक और आसपास के क्षेत्रों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच जरूरी है ताकि भविष्य में किसी अन्य उपभोक्ता को इस तरह की स्थिति का सामना न करना पड़े।
कई व्यापारियों ने प्रशासन से पारदर्शी जांच और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
विद्युत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले की पूरी जांच की जाएगी और यदि बिल जारी करने में अनियमितता पाई गई तो उसे संशोधित किया जाएगा। साथ ही दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम पर अब स्थानीय लोगों की नजर जांच के परिणाम पर टिकी हुई है।

