Hamas का बड़ा ऐलान: बंधक रिहाई और गाजा प्रशासन सौंपने पर सहमति, ट्रम्प-नेतन्याहू की मीटिंग से बढ़ी शांति की उम्मीदें
गाजा युद्ध से जूझ रही दुनिया के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। Hamas ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के गाजा सीजफायर प्लान के कुछ अहम पॉइंट्स पर सहमति जता दी है। संगठन ने कहा है कि वह इजराइली बंधकों को रिहा करने और गाजा पट्टी का प्रशासन सौंपने के लिए तैयार है।
यह घोषणा उस समय आई है जब 29 सितंबर की रात इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने वॉशिंगटन डीसी में ट्रम्प से मुलाकात की थी और सीजफायर की दिशा में सकारात्मक संकेत दिए थे।
हमास का बयान और ट्रम्प की प्रतिक्रिया
हमास ने शुक्रवार देर रात अपने बयान में कहा कि—
वह सभी इजराइली बंधकों (जीवित और मृत दोनों) को आदान-प्रदान फार्मूले के अनुसार रिहा करने को तैयार है।
गाजा पट्टी का प्रशासन एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी तकनीकी निकाय (टेक्नोक्रेट) को सौंपा जाएगा, जिसे अरब और इस्लामिक देशों का समर्थन होगा।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर लिखा—
“हमास के बयान से लगता है कि वे स्थायी शांति के लिए तैयार हैं। इजराइल को तुरंत गाजा पर बमबारी रोकनी चाहिए ताकि बंधकों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला जा सके।”
🚨 BREAKING
Trump ने Hamas का बयान अपने Truth Social पर पब्लिश किया।⚡, Hamas के “offer” पर सीधा जवाब
Big moves coming… 👀#Trump #Hamas #TruthSocial #Breaking pic.twitter.com/vGcvZDdrFx
— News & Features Network | World & Local News (@newsnetmzn) October 4, 2025
नेतन्याहू-ट्रम्प मुलाकात का असर
ट्रम्प और नेतन्याहू की बैठक में 20 पॉइंट का शांति प्लान तैयार किया गया। इसमें गाजा युद्ध को रोकने, सभी बंधकों की रिहाई और गाजा में प्रशासन चलाने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय बोर्ड बनाने का प्रस्ताव रखा गया। इस बोर्ड की अध्यक्षता खुद ट्रम्प करेंगे, जबकि इसमें पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और कई अन्य देशों के नेता शामिल होंगे।
हमास किन पॉइंट्स पर सहमत हुआ?
बंधक रिहाई: 72 घंटे में सभी इजराइली बंधकों को छोड़ने का आश्वासन।
गाजा प्रशासन का हस्तांतरण: गाजा पट्टी का प्रशासन टेक्नोक्रेटिक बोर्ड को सौंपना।
ट्रम्प का चेतावनी भरा संदेश
ट्रम्प ने कहा था कि अगर हमास इस प्लान को स्वीकार नहीं करता है तो इजराइल को उसे पूरी तरह खत्म करने का अधिकार है और अमेरिका इसमें इजराइल का साथ देगा। नेतन्याहू ने भी इस बात पर सहमति जताई थी कि गाजा में शांति बहाली तभी होगी जब हमास के हथियार पूरी तरह से खत्म होंगे।
20 पॉइंट्स का ट्रम्प प्लान – शांति का खाका
गाजा युद्ध को तुरंत खत्म करना।
इजराइल धीरे-धीरे गाजा से सेना हटाएगा।
सभी बंधक 72 घंटे में छोड़े जाएंगे।
इजराइल 250 उम्रकैद और 1700 कैदियों को छोड़ेगा।
मृतकों का शव-आदान-प्रदान होगा।
गाजा से सभी आतंक ठिकाने खत्म होंगे।
हमास प्रशासन में हिस्सा नहीं लेगा।
अंतरिम प्रशासन समिति बनेगी।
शांति बोर्ड बनेगा, ट्रम्प अध्यक्ष होंगे।
पुनर्निर्माण योजना बनेगी।
तुरंत मानव सहायता भेजी जाएगी।
गाजा में विशेष व्यापार क्षेत्र बनाए जाएंगे।
लोगों को स्वतंत्र आवाजाही का अधिकार होगा।
अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल तैनात होगा।
गाजा पुलिस को ट्रेनिंग दी जाएगी।
सीमा सुरक्षा मजबूत होगी।
हवाई हमले बंद होंगे।
मानवाधिकारों की निगरानी होगी।
इजराइल-फिलिस्तीन में शांति बातचीत शुरू होगी।
गाजा में स्थायी विकास और जीवन सुधार की दिशा तय होगी।
मोदी का समर्थन और वैश्विक प्रतिक्रिया
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रम्प प्लान का स्वागत करते हुए कहा कि—
“यह योजना पूरे पश्चिम एशिया में शांति और विकास का रास्ता खोलेगी।”
वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई देशों ने इस प्लान की तारीफ की है, लेकिन कुछ देश इजराइल की लगातार बमबारी पर सवाल उठा रहे हैं।
कतर और इजराइल के बीच तनाव
इजराइल ने हाल ही में दोहा में हमास चीफ खलील अल-हय्या पर हमला किया था। हालांकि, अल-हय्या बच गए लेकिन छह अन्य लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक कतर का अधिकारी भी शामिल था। इस पर कतर ने नाराजगी जताई थी।
ट्रम्प के कहने पर नेतन्याहू ने कतर के प्रधानमंत्री से माफी मांगी और कहा कि इजराइल का निशाना केवल आतंकवादी थे, कतर नहीं।
गाजा युद्ध की भयानक तस्वीर
गाजा युद्ध में अब तक 66 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है। यही कारण है कि ब्रिटेन, फ्रांस, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश अब फिलिस्तीन को देश की मान्यता दे चुके हैं और इजराइल पर दबाव बना रहे हैं।
लेकिन, इजराइल के कुछ राजनीतिक दल अब भी कहते हैं कि जब तक हमास का पूरी तरह सफाया नहीं हो जाता, वे किसी भी सीजफायर का समर्थन नहीं करेंगे।
आगे का रास्ता
अब सवाल यह है कि क्या हमास वास्तव में अपने बंधक छोड़कर गाजा का प्रशासन सौंप देगा, और क्या इजराइल अपनी बमबारी रोक देगा? ट्रम्प ने हमास को 3-4 दिन की समयसीमा दी है।
अगर यह योजना लागू हो गई तो यह पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता की ऐतिहासिक शुरुआत हो सकती है।

