Hathras: सिपाही को लूटने की कोशिश, अंडरपास में पीटने लगे पांच बदमाश- गिरफ्तार
Hathras 11 जून रात दस बजे पुरदिलनगर रोड स्थित अंडरपास में लूटपाट इरादे से खड़े बदमाशों ने एक सिपाही को रोक लिया। बाद में वर्दी में सिपाही को देख उस पर फायर किया, जिसमें वह बाल-बाल बच गए। इसके बाद उन्हें पीटने लगे। सिपाही के शोर मचाने पर ग्रामीण उधर दौड़ पड़े और भाग रहे बदमाशों में से एक को दबोच लिया और उसे पुलिस को सौंप दिया। बाद में एक और बदमाश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
कोतवाली सिकंदराराऊ में तैनात मुख्य आरक्षी रामबरन सिंह जसराना फिरोजाबाद के रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार 11 जून रात करीब दस बजे वह सुरागरशी के लिए बाइक से पुरदिलनगर की तरफ जा रहे थे। जैसे ही वह अंडरपास में पहुंचे, वहां अंधेरे में छिपे पांच बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और पीटने लगे। बदमाशों की पिटाई से मुख्य आरक्षी को गंभीर चोटें आईं हैं। उनका कंधा भी उतर गया है।
सिपाही के शोर मचाने पर काफी लोग आ गये। एक बदमाश भोला उर्फ चंद्रप्रकाश निवासी कासगंज रोड को सरदला पुल से पकड़ लिया और पीटने के बाद पुलिस को सौंप दिया। बाद में इसके एक और साथी किशन पुत्र शेरपाल को तमंचे से सहित एटा रोड मंडी समिति से पकड़ लिया। पूछताछ में इन्होंने अपने अन्य साथियों के नाम भी पुलिस को बता दिए। पुलिस उनकी भी तलाश कर रही है। मुख्य आरक्षी ने भोला उर्फ चंद्रप्रकाश, किशन, सूरज, जुगुनू, भूरा निवासी मोहल्ला नौरंगाबाद पूर्वी सिकंदराराऊ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
मुख्य आरक्षी रामबरन पर हमला करने वाले पांच आरोपियों में तीन का आपराधिक इतिहास है। भोला उर्फ चंद्रप्रकाश चोरी व तमंचे रखने के जुर्म में जेल जा चुका है और अभी जमानत पर बाहर है। इसके सहित दो आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। बाकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।-डॉ आनंद यादव, सीओ, सिकंदराराऊ
11 जून रात के समय, पुरदिलनगर रोड पर स्थित अंडरपास में एक घटना ने सुर्खियां बटोर ली। इस घटना में बदमाशों ने एक सिपाही को लूटने की कोशिश की, जिसने अपनी जान बचाई। यह घटना न केवल सुरक्षा बलों के सामने नया खतरा प्रकट करती है, बल्कि इसके माध्यम से समाज में मौजूद अशिक्षितता और हिंसा के भाव को भी प्रकट करती है।
इस घटना में बदमाशों ने सिपाही को गर्दन पर कुत्ती की तरह घात जड़ी, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। उन्हें रास्ते में अकेले खड़ा करके पीटने की कोशिश की गई, जो एक स्वाभाविक और असह्य घटना है। इसके परिणामस्वरूप, सामान्य नागरिकों ने उनकी मदद के लिए उठाई आवाज़, जिससे एक बदमाश को पुलिस को सौंप दिया गया।
इस घटना के माध्यम से स्पष्ट होता है कि समाज में इस तरह की हिंसा और अशिक्षितता के भाव कितने गहराई तक पहुंच चुके हैं। यह घटना न केवल एक व्यक्ति के जीवन को खतरे में डालती है, बल्कि समाज के साथ-साथ राजनीति में भी गहरा असर डालती है। इस घटना के बाद सुरक्षा बलों को अपनी तकनीकी और तैयारियों में और भी सुधार करने की जरूरत है, ताकि वे ऐसे हमलों के खिलाफ अधिक सशक्त और सक्षम हो सकें।
इस प्रकार, हमें यह सोचने पर मजबूर किया जाता है कि हमारे समाज में इस तरह की हिंसा और अशिक्षितता को कैसे रोका जा सकता है, ताकि हम सभी सुरक्षित और सुरक्षित महसूस कर सकें।

