1 जून से टीकाकरण कार्यक्रम राज्य के सभी 75 जिलों में शुरू : सीएम योगी आदित्यनाथ
भारत में पिछले 24 घंटों में रिकॉ़र्ड 20 लाख से ज्यादा टेस्ट हुए हैं। एक दिन में 3 लाख 17 हजार टेस्ट्स के साथ यूपी ने भी टेस्टिंग का रिकॉर्ड बनाया है। इस बीच झांसी दौरे पर निकले यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस उपलब्धि पर अधिकारियों को बधाई दी। साथ ही 1 जून से टीकाकरण कार्यक्रम राज्य के सभी 75 जिलों में शुरू कराने का ऐलान किया।
कि योगी का यह ऐलान ऐसे समय में आया है, जब देश में पहले ही कोरोना वैक्सीन्स की भारी कमी है। सरकार ने रविवार को ही बताया कि अब तक 21.80 करोड़ वैक्सीन राज्यों को दी गई हैं। इनमें से 1.90 करोड़ डोज अभी राज्यों के पास बाकी हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय तीन दिनों के अंदर वैक्सीन के 40 हजार 650 डोज और भेजने की बात भी कह चुका है।
देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 2 लाख 40 हजार 842 नए केस मिले हैं। वहीं, पिछले 24 घंटे में 3741 जानें भी गई हैं। इसी के साथ कोरोना महामारी शुरू होने के बाद से भारत में अब तक 2 लाख 99 हजार 266 जानें जा चुकी हैं। यानी भारत सोमवार तक तीन लाख मौतों का आंकड़ा छू लेगा। हालांकि, दूसरी लहर के बीच अब देश में एक्टिव केसों का आंकड़ा कम हो रहा है। पिछले एक दिन में 3.55 लाख डिस्चार्ज के बाद सक्रिय मरीजों की संख्या 28 लाख 5 हजार पर पहुंच गई है।
इस बीच संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के प्रमुख ने भारत और दक्षिण अमेरिका पर कोरोना की खराब व्यवस्था को लेकर निशाना साधा है। महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि इन दोनों जगहों पर हमने लोगों को सांसों के लिए तड़पते देखा है। गुटेरेस ने कहा कि कोरोना महामारी की शुरुआत से ही हम सभी को चेतावनी दे रहे हैं कि कोई सुरक्षित नहीं है और वैक्सीन, टेस्ट्स और मेडिकल सप्लाई में गैरबराबरी की वजह से गरीब देशों में लोग वायरस की दया पर निर्भर रह गए थे।
देश में इस साल अगस्त से स्पूतनिक-वी वैक्सीन का उत्पादन शुरू हो जाएगा। बताया गया है कि जब तक भारत इस वैक्सीन को बनाना शुरू नहीं करता, तब तक रूस की तरफ से उसे हर महीने लाखों डोज मिलते रहेंगे। मई के अंत में भारत को स्पूतनिक-वी की 30 लाख डोज मिलेंगे। इसके बाद अगले महीने 50 लाख और फिल जुलाई में एक करोड़ डोज और दी जाएंगी।
रूस में भारत के राजदूत वेंकटेश वर्मा ने सेंट पीटर्सबर्ग में पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान बताया कि अगस्त में भारत में टीके का निर्माण शुरू होने के बाद दुनिया को जितनी स्पूतनिक-वी वैक्सीन की जरूरत होगी, उसका 65-70 फीसदी उत्पादन अकेले भारत करेगा।

