भारत की नई ताकत LRGB: Indian Air Force को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला हथियार लॉन्ग रेंज ग्लाइड बम GAURAV
भारत के नए लॉन्ग रेंज ग्लाइड बम (LRGB) ‘गौरव’ ने देश की रक्षा क्षमताओं को एक नई दिशा दी है। चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों को अब भारत से सचेत हो जाना चाहिए। भारत का यह नया हथियार दुश्मनों के होश फाख्ता करने के लिए तैयार है। 13 अगस्त 2024 को, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने भारतीय वायु सेना के Su-30 MK-I प्लेटफॉर्म से ‘गौरव’ का पहला सफल उड़ान परीक्षण किया। यह परीक्षण ओडिशा के तट पर किया गया, जिसने देश की रक्षा क्षमताओं को और सशक्त किया है।
‘गौरव’ की अनूठी विशेषताएं
‘गौरव’ एक 1000 किलोग्राम वजन वाला हवा से लॉन्च किया जाने वाला ग्लाइड बम है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह लंबी दूरी तक सटीकता से लक्ष्य को भेदने में सक्षम है। बम के लॉन्च होने के बाद यह आईएनएस (Inertial Navigation System) और जीपीएस (Global Positioning System) के संयोजन के साथ अत्यधिक सटीक हाइब्रिड नेविगेशन योजना का उपयोग करता है। इससे यह दुश्मनों के ठिकानों को बिल्कुल निशाने पर ले आता है।
भारतीय वायुसेना की बढ़ती ताकत
‘गौरव’ का सफल परीक्षण भारतीय वायुसेना की बढ़ती ताकत का एक और प्रमाण है। Su-30 MK-I प्लेटफॉर्म से इस बम के लॉन्च के बाद भारतीय वायुसेना की सामरिक क्षमता में जबरदस्त इजाफा हुआ है। भारत की वायुसेना अब किसी भी परिस्थिति में दुश्मनों को जवाब देने के लिए तैयार है। इसके अलावा, ‘गौरव’ के विकास में DRDO की प्रमुख भूमिका और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत इसका स्वदेशी निर्माण, भारतीय रक्षा उद्योग के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
रक्षा उद्योग में ‘मेक इन इंडिया’ का योगदान
भारत की रक्षा तकनीक में ‘मेक इन इंडिया’ की प्रमुखता को ‘गौरव’ बम ने और सुदृढ़ किया है। इसे अनुसंधान केंद्र इमारत, हैदराबाद द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित किया गया है। इस विकास के साथ, भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है और अपने रक्षा उद्योग को मजबूत करने के लिए गंभीर है।
भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार
‘गौरव’ जैसे अत्याधुनिक हथियारों का विकास और सफल परीक्षण न केवल वर्तमान समय के लिए बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए भी भारत को तैयार कर रहा है। चीन और पाकिस्तान जैसे देशों के लिए यह एक स्पष्ट संदेश है कि भारत अब किसी भी परिस्थिति में खुद को सुरक्षित रखने और अपने दुश्मनों को जवाब देने में सक्षम है।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की पहचान
भारत की यह नई रक्षा उपलब्धि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उसकी पहचान को और मजबूत करती है। ‘गौरव’ जैसे हथियारों के विकास से भारत ने यह साबित कर दिया है कि वह वैश्विक रक्षा परिदृश्य में एक मजबूत और प्रभावशाली देश है। इससे भारत की रक्षा क्षमताओं में भी बढ़ोतरी होगी, जिससे उसे अंतर्राष्ट्रीय मंच पर सम्मान मिलेगा।
भारतीय रक्षा के लिए नया अध्याय
‘गौरव’ बम का सफल परीक्षण भारतीय रक्षा इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ता है। यह भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग है। इसके विकास में अडानी डिफेंस और भारत फोर्ज जैसे निजी क्षेत्रों की भागीदारी से भारत के रक्षा उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा।
भारत का ‘गौरव’ लॉन्ग रेंज ग्लाइड बम न केवल दुश्मनों के लिए एक चेतावनी है, बल्कि भारतीय वायुसेना और रक्षा प्रणाली की अद्वितीय शक्ति का भी प्रतीक है। ‘मेक इन इंडिया’ के तहत विकसित इस अत्याधुनिक हथियार ने देश की सुरक्षा को एक नया आयाम दिया है। चीन और पाकिस्तान जैसे देशों को अब भारत से सावधान हो जाना चाहिए, क्योंकि ‘गौरव’ ने यह साबित कर दिया है कि भारत न केवल अपने दुश्मनों को जवाब देने के लिए तैयार है, बल्कि उन्हें करारा जवाब देने के लिए भी पूरी तरह से सुसज्जित है।

