Gaza में फिर भड़का युद्ध: नेतन्याहू का बड़ा फैसला – हमास पर इजराइली हमला शुरू, सीजफायर टूटा!🔥
मध्य पूर्व एक बार फिर बारूद की आग में झुलसने जा रहा है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने अपनी सेना को Gaza (Gaza) में त्वरित सैन्य कार्रवाई करने का आदेश दे दिया है।
इजराइल का आरोप है कि हमास (Hamas) के लड़ाकों ने सीजफायर (Ceasefire) तोड़ते हुए राफा (Rafah) क्षेत्र में इजराइली डिफेंस फोर्स (IDF) पर फायरिंग की।
इस हमले के बाद नेतन्याहू ने सुरक्षा सलाहकारों से आपात बैठक बुलाई और तुरंत जवाबी कार्रवाई का निर्देश दिया। नतीजा — गाज़ा की धरती फिर से धमाकों से गूंज उठी है।
20 दिन पुराना शांति समझौता टूटा — फिर सुलग उठा गाज़ा
बीस दिन पहले अमेरिका की मध्यस्थता में गाज़ा युद्धविराम समझौता हुआ था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने 29 सितंबर को 20 सूत्री शांति योजना (20-point Peace Plan) पेश की थी, जिसमें इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू भी मौजूद थे।हमास ने इस योजना पर 9 अक्टूबर को हामी भरी थी और इसी के बाद गाज़ा में कुछ दिनों की शांति लौटी थी।
लेकिन अब वही समझौता ध्वस्त हो गया है — गोलियों और मिसाइलों की बरसात ने फिर से सबकुछ बदल दिया है।
हमास पर आरोप — “गलत शव लौटाए, समझौते का उल्लंघन किया”
नेतन्याहू ने हमास पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि युद्धविराम की शर्तों के तहत हमास को बंधकों के शव लौटाने थे, लेकिन उसने गलत शव सौंप दिए।
इजराइल ने इसे “स्पष्ट विश्वासघात और युद्धविराम का उल्लंघन” बताया।
हमास का तर्क है कि इजराइली हमलों के कारण कई इलाकों में तबाही इतनी है कि शवों की पहचान करना मुश्किल हो गया है।
वहीं, इजराइल का कहना है कि हमास जानबूझकर देरी कर रहा है ताकि अंतरराष्ट्रीय दबाव कम हो सके।
गाज़ा में 13 बंधकों के शव अभी भी बाकी
गाज़ा में फिलहाल 13 इजराइली बंधकों के शव अब तक बरामद नहीं हुए हैं।
खान यूनिस (Khan Younis) में मंगलवार को एक सफेद बैग में कुछ निकाला गया था, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि उसमें क्या था।
मिस्र ने भी खोज में मदद के लिए एक्सपर्ट टीम और हैवी मशीनें भेजी हैं ताकि मलबे के नीचे दबे शवों की तलाश की जा सके।
हमास ने कहा — “हम पर हमला रुकेगा तभी शव लौटाएंगे”
हमास प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि इजराइली हमले जारी हैं, इसलिए शव लौटाने की प्रक्रिया अस्थायी रूप से रोक दी गई है।
हालांकि इससे पहले हमास ने कई शव लौटाए थे और दावा किया था कि वह “सीजफायर का सम्मान” कर रहा है।
इजराइल का दावा है कि हमास के कई ठिकानों पर भारी हथियार और रॉकेट लॉन्चर अभी भी सक्रिय हैं, जो सीजफायर की भावना के खिलाफ है।
वेस्ट बैंक में भी खून-खराबा — 3 फिलिस्तीनी मारे गए
इजराइली सेना ने मंगलवार सुबह वेस्ट बैंक (West Bank) के जेनिन (Jenin) इलाके में एक बड़ा ऑपरेशन चलाया, जिसमें तीन फिलिस्तीनी लड़ाके मारे गए।
इजराइली सेना का दावा है कि ये लोग आतंकी गतिविधियों में शामिल थे।
वहीं हमास ने पुष्टि की कि उनमें से दो उसकी कासिम ब्रिगेड (Qassam Brigade) के सदस्य थे।
फिलिस्तीनी संगठनों का आरोप है कि इजराइल “सुरक्षा के नाम पर नरसंहार” कर रहा है।
इजराइल का अगला कदम — गाज़ा में मानवीय मदद पर रोक संभव
इजराइली मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक, नेतन्याहू अब गाज़ा में मानवीय सहायता रोकने, हमास नेताओं पर हवाई हमले बढ़ाने, और अधिग्रहण क्षेत्रों का विस्तार करने पर भी विचार कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम गाज़ा की स्थिति को और विस्फोटक बना सकता है।
अमेरिका की भूमिका और ट्रम्प की योजना
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 29 सितंबर को नेतन्याहू की मौजूदगी में गाज़ा में युद्ध रोकने के लिए 20 सूत्री शांति योजना पेश की थी।
इस योजना की सबसे अहम शर्त थी कि हमास अपने हथियार डाल दे और इजराइल बंधकों को सुरक्षित लौटा दे।
13 अक्टूबर को ट्रम्प ने मिस्र के शर्म अल शेख (Sharm el-Sheikh) शहर में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
इस दौरान 20 से अधिक देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे, लेकिन इजराइल और हमास को नहीं बुलाया गया था ताकि बाहरी हस्तक्षेप के बिना समझौते पर अमल हो सके।
दो साल में 68,500 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे गए
गाज़ा स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बीते दो वर्षों में 68,500 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जबकि हजारों घायल और बेघर हुए हैं।
हर नए हमले के साथ मानवीय संकट और गहराता जा रहा है।
संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
नेतन्याहू की चेतावनी — “हमास समझौता तोड़ेगा तो भारी कीमत चुकाएगा”
इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा है कि अगर हमास ने फिर से समझौता तोड़ा, तो “गाज़ा पर पहले से कहीं ज्यादा बड़ी कार्रवाई” की जाएगी।
उन्होंने कहा, “हम शांति चाहते हैं, लेकिन हमारे सैनिकों पर गोली चलाने वालों को माफ नहीं किया जाएगा।”
फिलिस्तीनी पक्ष — “इजराइल खुद तोड़ रहा है शांति”
हमास का दावा है कि इजराइली ड्रोन और तोपखाने पहले से ही सीजफायर का उल्लंघन कर रहे थे।
उनका कहना है कि नेतन्याहू अंतरराष्ट्रीय दबाव से बचने के लिए हमास पर झूठे आरोप लगा रहे हैं।
गाज़ा के नागरिक अब दहशत में हैं — बिजली, पानी, और दवाओं की किल्लत ने जीवन को और कठिन बना दिया है।
क्या यह मध्य पूर्व में नए युद्ध की शुरुआत है?
विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह टकराव अगले कुछ दिनों में नहीं रुका, तो पूरे मध्य पूर्व में हिंसा की नई लहर उठ सकती है।
लेबनान, सीरिया और यमन के ईरान समर्थित गुट पहले से ही सक्रिय हैं, और किसी भी वक्त यह संघर्ष सीमाओं से बाहर फैल सकता है।

