पत्रकार हामिद मीर को सेना पर टिप्पणी करना भरी पड़ गया: रोक दिया टॉक शो की एंकरिंग करने से
पाकिस्तान के टीवी पत्रकार हामिद मीर को अपने देश की सेना पर टिप्पणी करना भरी पड़ गया। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में 28 मई को एक सभा के दौरान हामिद मीर ने अपने एक सहकर्मी असद तूर के घर में घुसकर हुई मारपीट का कड़ा विरोध जताया था। उस दौरान हामिद मीर ने ने इमरान खान सरकार और सेना के खिलाफ तीखे प्रहार किये थे। इस विरोध के कारण मीर को जिओ चैनल ने अपने टॉक शो की एंकरिंग करने से रोक दिया है।
दरअसल हामिद मीर ने पत्रकार असद तूर को कुछ अज्ञात हमलावरों द्वारा पीटे जाने की आलोचना की थी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि अगर हमलावर हमारे घरों में घुस कर हमे मार पीट सकते है तो हम उनके घरों में घुस कर क्यों नहीं मार सकते है। उनके इस बयान के तीन दिनों के बाद पाकिस्तानी जिओ टेलीविज़न की तरफ से यह बताया गया कि उनका कैपिटल टॉक शो अब प्रसारित नहीं होगा।
इस घटना पर बात करते हुए हामिद मीर ने इस्लामाबाद से द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि मुझे जिओ टेलीविज़न की तरफ से मुझे पाकिस्तानी सेना के बारे में स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।
اگر کراچی روشنیوں کا شہر ہے، لاہور زندہ دلوں کا شہر ہے، پشاور پھولوں کا شہر ہے تو اسلام آباد کی شناخت اس کے دلیر صحافی ہیں، تاریخ کی کتابوں میں یہ شہر اسی نام سے جانا جائے گا، اپنے صحافیوں کے بدن پر لگنے والے زخموں کے حوالے سے پہچانا جائے گا https://t.co/DhFXbyDKOP
— Hamid Mir (@HamidMirPAK) June 1, 2021
मैंने अपने मैनेजमेंट से कहा कि जिन तीन लोगों ने तूर पर हमला किया है। उनके चेहरे सीसीटीवी में कैद हो गए हैं। आप यह साफ कर दो कि वो लोग आईएसआई से नहीं हैं। उसके बाद मैं केवल स्पष्टीकरण ही नही बल्कि माफ़ी भी मांग लूंगा । मेरे इतना कहने के बाद मुझे कहा गया था कि आपको जल्द ही वापस बुलाया जायेगा। लेकिन जियो प्रबंधन ने मुझे जानकारी दी कि मुझे शो नहीं करना है।
यह पहली बार नहीं है जब हामिद मीर को ऑफ एयर किया गया है। इससे पहले 2007 में भी उनके इस शो कैपिटल टॉक को कुछ दिनों के लिए रोक दिया दिया गया था। उन्होंने 2014 में एक बम हमले में तत्कालीन आईएसआई प्रमुख जनरल जहीर उल इस्लाम का नाम लिया था।
آج جب نیشنل پریس کلب کے سیکرٹری انور رضا صاحب نے ہیومن رائیٹس کمشن آف پاکستان کی پریس کانفرنس کے آغاز پر جیو نیوز کے مائیک سے جیو کا logo اُتارا تو مجھے بہت تکلیف ہوئی کاش کہ یہ سب میری آنکھوں کے سامنے نہ ہوتا لیکن نیشنل پریس کلب نے جو بھی کیا آزادئ صحافت کے تحفظ کے لئے کیا https://t.co/j0wiOrHXpw
— Hamid Mir (@HamidMirPAK) June 1, 2021
उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि मेरे लिए कुछ भी नया नहीं है।मुझे पहले भी दो बार प्रतिबंधित किया गया था। दो बार नौकरी खोई। मैं संविधान में दिए गए अधिकारों के लिए आवाज उठाना बंद नहीं कर सकता। इस बार मैं किसी भी परिणाम के लिए तैयार हूं और किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हूं।क्योंकि वे मेरे परिवार को धमकी दे रहे हैं।
جیونیوز کےسنئیراینکرپرسن حامدمیر سے اظہار یکجہتی اور آزادی صحافت کےلئیے خیبرپختون خوا اسمبلی پریس گیلری سےصحافیوں کا علامتی واک آوٹ۔
حامدمیراور آزادی صحافت کےحق میں نعرہ بازی۔
صحافی غدار نہیں محب وطن ہے۔
صحافیوں کو صحافت کرنے کیساتھ جینے دو۔ #JournalismIsNotACrime #hamidmir pic.twitter.com/gTKtznphR9— Rasool Dawar (@RasoolDawar) June 1, 2021
हामिद मीर ने अपने एक बयान में भारत का भी जिक्र किया था। हामिद ने कहा था कि भारत के साथ संबंधों में स्थायी बदलाव के लिए सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के प्रयासों पर पाकिस्तान की आवाम के साथ साथ सेना में भी एक मत नहीं दिखाई देती है। साथ ही इज़राइल और भारत के साथ संबध पर उन्होंने कहा था कि हम पत्रकार इस देश के लोगों के साथ-साथ कायदे ए आजम के साथ भी खड़े हैं।
पकिस्तान में पहले भी कई पत्रकारों के साथ घर में घुसकर मारपीट और कईयों की हत्या तक की गई है। कुछ हफ्ते पहले ही पाकिस्तान के मुस्लिम लीग के करीबी माने जाने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार अबसार आलम को गोली मार दी गई थी।
