Kanpur Dowry Harassment Case: चकेरी में महिला का सनसनीखेज आरोप—दहेज प्रताड़ना, जबरन गर्भपात और पति की दूसरी शादी का मामला दर्ज
Kanpur के चकेरी क्षेत्र में सामने आए Kanpur dowry harassment case ने घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न से जुड़े मामलों को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। एक महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ना, शारीरिक हिंसा, जबरन गर्भपात कराने और दूसरी शादी करने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। मामले में नंदोई पर दुष्कर्म के प्रयास का आरोप भी शामिल किया गया है।
पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और संबंधित आरोपों के आधार पर कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
विवाह के बाद से लगातार दहेज की मांग और प्रताड़ना का आरोप
महिला का कहना है कि मार्च 2022 में विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष की ओर से अतिरिक्त दहेज की मांग की जाने लगी थी। आरोप है कि मांग पूरी न होने पर मानसिक दबाव और शारीरिक उत्पीड़न का सिलसिला शुरू हो गया।
पीड़िता के अनुसार समय बीतने के साथ प्रताड़ना का स्तर बढ़ता गया और कई बार उन्हें अपमानजनक व्यवहार का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार के कई सदस्य इस दबाव में शामिल थे।
दो बार गर्भपात कराने का आरोप, तीसरी बार गर्भवती होने पर मायके भेजा
महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि विवाह के बाद दो बार उनका जबरन गर्भपात कराया गया। उनका कहना है कि यह निर्णय उनकी इच्छा के विरुद्ध लिया गया था।
पीड़िता के अनुसार जब वह मई 2025 में तीसरी बार गर्भवती हुईं तो पति उन्हें मायके छोड़ आया। इसके बाद जनवरी 2026 में उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया। महिला का कहना है कि इस दौरान ससुराल पक्ष की ओर से किसी प्रकार का सहयोग नहीं मिला।
नंदोई पर दुष्कर्म के प्रयास का गंभीर आरोप
शिकायत में महिला ने अपने नंदोई पर दुष्कर्म का प्रयास करने का आरोप भी लगाया है। उनके अनुसार इस घटना के बाद उन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों को जानकारी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इस आरोप ने मामले को और अधिक गंभीर बना दिया है और पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है।
पति पर दूसरी शादी करने का आरोप, विरोध करने पर बढ़ा दबाव
महिला का आरोप है कि 20 मार्च 2026 को उन्हें पति की दूसरी शादी किए जाने की जानकारी मिली। जब उन्होंने इस बारे में सवाल किया तो ससुर ने कथित रूप से दस लाख रुपये दहेज लाने की मांग रख दी।
पीड़िता का कहना है कि इस मांग ने उन्हें मानसिक रूप से और अधिक परेशान कर दिया और इसके बाद उन्होंने कानूनी कार्रवाई का निर्णय लिया।
तेजाब से नहलाने की धमकी देने का भी आरोप
महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि पति ने उन्हें तेजाब से नहलाने जैसी गंभीर धमकी दी थी। इस आरोप के बाद मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की धमकियां घरेलू हिंसा के मामलों में अत्यंत गंभीर श्रेणी में आती हैं और इनकी जांच प्राथमिकता के आधार पर की जाती है।
थाने में सुनवाई न होने पर पुलिस कमिश्नर से लगाई गुहार
पीड़िता के अनुसार प्रारंभिक स्तर पर स्थानीय थाना स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें उच्च अधिकारियों से संपर्क करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने पुलिस कमिश्नर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।
उच्च स्तर पर शिकायत पहुंचने के बाद मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई और जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी, जांच शुरू
थाना प्रभारी Ajay Prakash Mishra ने बताया कि महिला की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच निष्पक्ष रूप से की जा रही है और आरोपों की सत्यता के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए जाएंगे।
महिला सुरक्षा और दहेज उत्पीड़न मामलों पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों की गंभीरता को सामने ला दिया है। सामाजिक संगठनों का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई बेहद जरूरी होती है ताकि पीड़ित महिलाओं को न्याय मिल सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता, कानूनी सहायता और सामाजिक समर्थन के माध्यम से ही इस प्रकार की घटनाओं को प्रभावी रूप से कम किया जा सकता है।
कानूनी कार्रवाई से न्याय की उम्मीद, जांच पर टिकी निगाहें
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब मामले की आगे की जांच पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। पीड़िता ने उम्मीद जताई है कि उन्हें न्याय मिलेगा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस प्रकार के मामलों में पुलिस की निष्पक्ष जांच और समयबद्ध कार्रवाई पीड़ित पक्ष के भरोसे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

