खतौली Muzaffarnagar में होटल मालिक पर फायरिंग करने वाले 4 आरोपी 12 घंटे में गिरफ्तार, लाइसेंसी पिस्टल, लग्जरी गाड़ियां और नकदी बरामद











Muzaffarnagar के खतौली क्षेत्र में एनएच-58 स्थित एक होटल पर हुई फायरिंग की घटना का पुलिस ने बेहद कम समय में खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। होटल मालिक को गोली मारकर फरार हुए चार आरोपियों को थाना खतौली पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त लाइसेंसी पिस्टल, जिंदा कारतूस, खोखा, नकदी, मोबाइल फोन और दो लग्जरी वाहन भी बरामद किए हैं।
पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई को जिले में कानून-व्यवस्था के प्रति सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। घटना के बाद पुलिस ने तेजी से जांच शुरू करते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
सिगरेट खरीदने को लेकर शुरू हुआ विवाद, फायरिंग तक पहुंचा मामला
पुलिस के अनुसार घटना 28 और 29 मई की दरम्यानी रात की है। थाना खतौली क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-58 स्थित पंचगंगा होटल पर दो गाड़ियों में सवार कुछ युवक पहुंचे थे। बताया गया कि होटल परिसर में सिगरेट खरीदने को लेकर होटल स्टाफ और युवकों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मामूली विवाद कुछ ही देर में गंभीर झगड़े में बदल गया। आरोप है कि इसी दौरान एक युवक ने गुस्से में होटल मालिक पर फायरिंग कर दी और अपने साथियों के साथ मौके से फरार हो गया।
गोली लगने से होटल मालिक नदीम पुत्र अमीर अहमद निवासी लाल मोहम्मदपुर, थाना खतौली गंभीर रूप से घायल हो गए। गोली उनके पैर में लगी, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस, घायल को पहुंचाया अस्पताल
घटना की सूचना मिलते ही थाना खतौली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल होटल मालिक को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया।
इसके बाद पीड़ित पक्ष से प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना खतौली में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन, क्षेत्राधिकारी खतौली रूपाली राय और थाना प्रभारी दिनेश चंद्र के नेतृत्व में पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।
सीसीटीवी, तकनीकी साक्ष्य और चेकिंग अभियान से मिली सफलता
घटना के बाद पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय सूचनाओं और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। साथ ही संभावित मार्गों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।
पुलिस की सक्रियता का परिणाम यह रहा कि घटना के मात्र 12 घंटे के भीतर ही चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण बरामदगी भी हुई, जिससे पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में मदद मिली।
गिरफ्तार आरोपियों से क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से निम्नलिखित सामान बरामद किया गया—
- घटना में प्रयुक्त 01 लाइसेंसी पिस्टल (.32 बोर)
- 10 जिंदा कारतूस
- 01 खोखा कारतूस
- लूटा गया 01 मोबाइल फोन
- 05 अन्य मोबाइल फोन
- 1,20,900 रुपये नकद
- 01 थार कार (UP 16 FQ 3410)
- 01 ब्रेजा कार (26BH4304B)
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद सामग्री की जांच की जा रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार और अन्य सामान की पूरी पृष्ठभूमि क्या है।
मुख्य आरोपी सहित चारों आरोपी गौतमबुद्ध नगर के रहने वाले
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—
विक्रांत पुत्र दीपक छोकर निवासी राम चाचली, थाना जेवर, जिला गौतमबुद्ध नगर (मुख्य आरोपी)
गिरीश छोकर पुत्र पवन छोकर निवासी ग्राम चंचली, थाना जेवर, जिला गौतमबुद्ध नगर
उमेश कुमार पुत्र बिरजू सिंह निवासी ग्राम मोहबलीपुर, थाना जेवर, जिला गौतमबुद्ध नगर
दिनेश पुत्र राजेंद्र निवासी ग्राम दरोरा, थाना जेवर, जिला गौतमबुद्ध नगर
पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि इनके खिलाफ अन्य जिलों में भी कोई मामला दर्ज है या नहीं।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई बनी चर्चा का विषय
घटना के बाद जिस तेजी से पुलिस ने कार्रवाई की, वह क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित होटल में हुई फायरिंग की घटना से लोगों में भय का माहौल बन गया था, लेकिन आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी से लोगों ने राहत महसूस की है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनपद में कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी भी आपराधिक घटना में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
एसएसपी के निर्देशन में गठित टीम ने निभाई अहम भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी दिनेश चंद्र के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में उपनिरीक्षक ललित तोमर, लक्ष्यदीप, कांस्टेबल विकास कुमार, अर्जुन, रिजर्व आरक्षी अंकित तथा रिजर्व आरक्षी हर्ष शामिल रहे।
वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ इसी तरह की प्रभावी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
हाईवे पर बढ़ती गतिविधियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर भी फोकस
एनएच-58 जैसे व्यस्त मार्गों पर स्थित होटल, ढाबे और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और मजबूत बनाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सीसीटीवी नेटवर्क, त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया और स्थानीय खुफिया तंत्र के बेहतर समन्वय से ऐसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।








