Muzaffarnagar पुलिस लाइन में ज्ञान और आत्मनिर्भरता का संगम: बुक फेयर से लेकर कौशल विकास प्रदर्शनी तक दिखा उत्साह
Muzaffarnagar पुलिस परिवारों के कल्याण, बच्चों के शैक्षिक विकास और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल के तहत पुलिस लाइन मुजफ्फरनगर में पुस्तक मेला एवं कौशल विकास प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ज्ञान, रचनात्मकता, नवाचार और आत्मनिर्भरता की ऐसी झलक देखने को मिली जिसने उपस्थित लोगों को न केवल प्रेरित किया, बल्कि शिक्षा और कौशल विकास के महत्व को भी मजबूती से सामने रखा।
वामा सारथी पुलिस फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस परिवारों, बच्चों और महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। आयोजन का उद्देश्य केवल पुस्तकों का प्रदर्शन करना नहीं था, बल्कि नई पीढ़ी में पढ़ने की आदत विकसित करना, उन्हें रचनात्मक सोच की ओर प्रेरित करना और महिलाओं को स्वरोजगार एवं कौशल विकास से जोड़ना भी था।
पुलिस लाइन के बहुउद्देशीय हाल में लगा ज्ञान का मेला
रिजर्व पुलिस लाइन स्थित शिव मंदिर प्रांगण के बहुउद्देशीय हाल में आयोजित बुक फेयर ने बच्चों और अभिभावकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम का आयोजन वामा सारथी अध्यक्ष डॉ. नीलम राय, धर्मपत्नी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर तथा वामा सारथी नोडल अधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक अपराध श्रीमती इंदु सिद्धार्थ के निर्देशन में संपन्न हुआ।
पुस्तक मेले में विभिन्न विषयों से जुड़ी ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक, वैज्ञानिक, साहित्यिक और व्यक्तित्व विकास से संबंधित पुस्तकों का प्रदर्शन किया गया। बच्चों ने पुस्तकों को केवल देखा ही नहीं बल्कि उनके विषयों को समझने और पढ़ने में भी गहरी रुचि दिखाई।
कई विद्यार्थियों ने अपनी रुचि और जरूरत के अनुसार पुस्तकें खरीदीं, जिससे उनके भीतर पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने पर रहा विशेष जोर
आज के डिजिटल युग में जहां बच्चों का अधिक समय मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर व्यतीत हो रहा है, वहीं इस प्रकार के पुस्तक मेले उन्हें पुस्तकों की दुनिया से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को बताया गया कि किताबें केवल परीक्षा पास करने का साधन नहीं होतीं, बल्कि वे सोचने, समझने और जीवन में सही दिशा चुनने की प्रेरणा भी देती हैं। पुस्तकें व्यक्ति के व्यक्तित्व को निखारने और उसके दृष्टिकोण को व्यापक बनाने का कार्य करती हैं।
आयोजकों ने बच्चों को नवाचार, स्टार्टअप और आधुनिक तकनीकों से संबंधित साहित्य से भी परिचित कराया, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों और अवसरों को बेहतर ढंग से समझ सकें।
करीब 400 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा, बच्चों में दिखा उत्साह
बुक फेयर और प्रदर्शनी कार्यक्रम में लगभग 400 लोगों की सहभागिता दर्ज की गई। पुलिस परिवारों के बच्चों के साथ-साथ पुलिस लाइन लाइब्रेरी में अध्ययनरत विद्यार्थियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों में पुस्तकों को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। कई विद्यार्थियों ने प्रेरणादायक जीवनियां, सामान्य ज्ञान की पुस्तकें, विज्ञान से जुड़ी किताबें और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित साहित्य खरीदा।
उपस्थित अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के बौद्धिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कौशल विकास प्रदर्शनी में महिलाओं ने दिखाई प्रतिभा
बुक फेयर के साथ-साथ आयोजित कौशल विकास प्रदर्शनी कार्यक्रम आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। वामा सारथी कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित सिलाई एवं ब्यूटीशियन कोर्स से जुड़ी महिलाओं ने अपने हुनर का शानदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनी में प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विभिन्न प्रकार के वस्त्र, डिजाइनर परिधान, हस्तनिर्मित सजावटी सामग्री और अन्य रचनात्मक उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। इन उत्पादों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और महिलाओं के प्रयासों की सराहना की।
यह प्रदर्शनी केवल प्रदर्शन तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह महिलाओं की आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की कहानी भी बनकर सामने आई।
लाइव प्रैक्टिकल ने बटोरी खूब प्रशंसा
ब्यूटीशियन कोर्स से जुड़ी महिलाओं ने कार्यक्रम के दौरान लाइव प्रैक्टिकल के माध्यम से अपने प्रशिक्षण और कौशल का प्रदर्शन किया। उपस्थित लोगों ने महिलाओं द्वारा किए गए कार्यों को बेहद सराहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर जीवन की ओर भी अग्रसर करते हैं। इससे वे भविष्य में स्वयं का व्यवसाय शुरू करने या रोजगार के नए अवसर प्राप्त करने में सक्षम बन सकती हैं।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में वामा सारथी की महत्वपूर्ण पहल
वामा सारथी द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रम पुलिस परिवारों की महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सिलाई, ब्यूटीशियन, हस्तशिल्प और अन्य व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस परिवारों में अक्सर स्थानांतरण और ड्यूटी की व्यस्तताओं के कारण महिलाओं को रोजगार संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कौशल विकास कार्यक्रम उनके लिए आत्मनिर्भरता की नई राह खोल रहे हैं।
शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देने का सराहनीय प्रयास
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाना, उन्हें नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति से परिचित कराना तथा महिलाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से आर्थिक रूप से मजबूत बनाना था।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बच्चों को प्रारंभिक अवस्था में पढ़ने और सीखने की आदत विकसित हो जाए तो उनका बौद्धिक विकास तेजी से होता है। वहीं महिलाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण देने से परिवार और समाज दोनों को सकारात्मक लाभ मिलता है।
पुलिस परिवारों के लिए प्रेरणादायक बना आयोजन
इस अवसर पर प्रतिसार निरीक्षक उदल सिंह सहित पुलिस विभाग के कई अधिकारी, कर्मचारी और पुलिस परिवारों के सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
उपस्थित लोगों ने आयोजन को ज्ञान, शिक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाला एक प्रेरणादायक प्रयास बताया। बच्चों के चेहरे पर किताबों को लेकर उत्साह और महिलाओं के आत्मविश्वास ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।









