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Kolkata Law Student Assault: कोलकाता लॉ कॉलेज गैंगरेप पर बवाल, बीजेपी नेताओं को रोकने से भड़का मामला

Kolkata Law Student Assault कोलकाता के प्रतिष्ठित साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में एक छात्रा के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म की वारदात ने पूरे बंगाल को झकझोर कर रख दिया है। यह सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि अब यह बंगाल की राजनीति का केंद्रबिंदु बन चुका है। Kolkata Law Student Assault का मामला जैसे-जैसे गहराता जा रहा है, राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप की आंधी तेज होती जा रही है।

बीजेपी की फैक्ट फाइंडिंग टीम कॉलेज पहुंची, लेकिन गेट पर ही लगा ब्रेक

सोमवार की सुबह जब पूर्व केंद्रीय मंत्री सतपाल सिंह, मीनाक्षी लेखी, लोकसभा सांसद बिप्लब देब, और राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्रा के नेतृत्व में बीजेपी की फैक्ट फाइंडिंग टीम कॉलेज पहुंची, तो वहां पहले से ही तनावपूर्ण माहौल बना हुआ था। पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और विधायक अग्निमित्रा पॉल भी उनके साथ थे। लेकिन जैसे ही टीम कॉलेज गेट पर पहुंची, उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया।

भीड़, हंगामा और बहस के बाद मिली एंट्री

कॉलेज परिसर के बाहर भारी संख्या में समर्थक और प्रदर्शनकारी मौजूद थे। गेट पर पुलिस बल तैनात था, जिन्होंने शुरुआत में टीम को अंदर जाने से साफ मना कर दिया। लेकिन लगातार बहस और दबाव के बाद, आखिरकार टीम को अंदर जाने दिया गया। वहां मौजूद लोगों ने हंगामा किया, लेकिन बीजेपी नेताओं ने कॉलेज अधिकारियों और पुलिस से बातचीत की।


‘टीएमसी की सरकार दुष्कर्मियों की सरकार’ – अग्निमित्रा पॉल का तीखा हमला

भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हमारे साथ न्याय नहीं हुआ। हमें रोका गया। हमने पुलिस कमिश्नर से लेकर उप-प्रिंसिपल तक से बात की। टीएमसी सरकार रेपिस्टों की सरकार बन चुकी है। अगर हमें रोका गया, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।” उनका बयान सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।


कॉलेज हुआ सील, सामने आई चौंकाने वाली साजिश

जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पुलिस की 9 सदस्यीय SIT ने बताया कि यह कोई आकस्मिक घटना नहीं थी, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। तीन मुख्य आरोपी – मनोजीत मिश्रा, प्रोमित मुखर्जी और जैद अहमद, इस तरह की घटनाओं में पहले भी शामिल रहे हैं। चौथा आरोपी कॉलेज का सिक्योरिटी गार्ड है। आरोपी छात्राओं को फंसाकर मोबाइल से अश्लील वीडियो बनाते थे और फिर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता था।


रेप वीडियो से ब्लैकमेलिंग: एक नया डरावना चेहरा

यह सिर्फ बलात्कार का मामला नहीं था, बल्कि वीडियो ब्लैकमेलिंग का पूरा नेटवर्क काम कर रहा था। SIT को आरोपियों के फोन से कई वीडियो मिले हैं जो कॉलेज की अन्य छात्राओं से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब उन वीडियो की पुष्टि और पीड़ितों की पहचान में जुटी है।


टीएमसी मंत्री का बीजेपी पर पलटवार – ‘हमारे यहां लोकतंत्र है’

पश्चिम बंगाल की मंत्री डॉ. शशि पांजा ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “बीजेपी का प्रतिनिधिमंडल आ रहा है, यह साबित करता है कि हमारे राज्य में लोकतंत्र है। लेकिन जब TMC नेताओं ने हाथरस या त्रिपुरा जाने की कोशिश की थी, तब उन्हें रोका गया था। ये दोहरे मापदंड नहीं तो और क्या हैं?” उन्होंने यह भी कहा कि घटना के 12 घंटे के अंदर सभी आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए, पीड़िता का बयान दर्ज किया गया और SIT बनाई गई।


बिप्लब देब पर सवाल: ‘जब खुद सीएम थे तब क्यों नहीं रुकी बलात्कार की घटनाएं?’

डॉ. पांजा ने बिप्लब देब पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जब वह त्रिपुरा के मुख्यमंत्री थे, तब राज्य में रेप और हत्या की घटनाएं लगातार बढ़ रही थीं। वहां प्रेस की स्वतंत्रता तक खतरे में थी। ऐसे में बिप्लब देब का दूसरों को नैतिकता सिखाना हास्यास्पद है।


आरजी कर कॉलेज की पुनरावृत्ति नहीं होगी – पीड़िता के वकील का दावा

पीड़िता की ओर से वकील अरिंदम कांजीलाल ने कहा, “यह मामला पूरी तरह से सामूहिक बलात्कार का है। इसके तहत 20 साल से कम की सजा नहीं हो सकती। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जैसे आरजी कर कॉलेज केस में न्याय नहीं मिल पाया, वैसा इस बार नहीं हो।” उन्होंने कहा कि SIT की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और आरोपियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।


भविष्य में होगी राजनीति बनाम न्याय की लड़ाई?

पश्चिम बंगाल का यह मामला अब केवल न्याय और अपराध का नहीं रहा, बल्कि एक राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गया है। एक ओर BJP राज्य सरकार पर लापरवाही का आरोप लगा रही है, वहीं TMC इसे राजनीति चमकाने की कोशिश बता रही है। जनता अब यह देखना चाहती है कि इस राजनीतिक घमासान के बीच पीड़िता को कितना और कब तक न्याय मिलेगा।


क्या बंगाल में बढ़ रही है रेप की घटनाएं? आंकड़ों पर भी बहस

सवाल अब सिर्फ एक कॉलेज या एक लड़की का नहीं है। सवाल पूरे राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने का है। क्या बंगाल में अपराध का ग्राफ बढ़ रहा है? क्या राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच असली मुद्दा दबता जा रहा है? ये वो सवाल हैं जो आज हर नागरिक पूछ रहा है।


BJP की मांग: केंद्र से जांच, CBI को सौंपा जाए मामला

बीजेपी की टीम ने कोलकाता में प्रेस से बात करते हुए CBI जांच की मांग की है। उनका कहना है कि राज्य पुलिस दबाव में काम कर रही है और साक्ष्य से छेड़छाड़ की भी संभावना है। बीजेपी नेताओं ने राष्ट्रपति और गृहमंत्री को पत्र लिखने की बात भी कही है।


जनता के मन में डर और गुस्सा: कॉलेजों में सुरक्षा पर सवाल

साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में इस तरह की घटना सामने आना हर अभिभावक के लिए चिंता का विषय है। कई कॉलेज छात्राओं ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्हें अब कॉलेज में सुरक्षित महसूस नहीं होता। सुरक्षा के नाम पर सिर्फ दिखावा होता है। अब सवाल यह है कि आखिर कब तक लड़कियों को डर में पढ़ाई करनी पड़ेगी?


**Kolkata Law Student Assault** का मामला अब सियासत की भेंट चढ़ चुका है, लेकिन पीड़िता और उसके परिवार को न्याय दिलाना अब भी सबसे अहम है। यह केस सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। अब देखने वाली बात यह है कि क्या सियासी दलों की यह दौड़ किसी ठोस नतीजे तक पहुंचती है या यह भी किसी दूसरे केस की तरह समय की धूल में खो जाएगा।

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