अयोध्या के श्री रामलला पर एक डाक टिकट जारी किया Laos ने
वियनतियाने | दक्षिण पूर्वी एशिया के देश Laos ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अयोध्या के श्री रामलला और महात्मा बुद्ध पर डाक टिकट जारी किया है। यह महत्वपूर्ण जानकारी भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट एक्स पर साझा की। इस कदम से लाओस अयोध्या के श्री रामलला पर डाक टिकट जारी करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है।
भारत और लाओस के सांस्कृतिक संबंध
डॉ. एस जयशंकर ने लाओस की यात्रा के दौरान इस डाक टिकट के विमोचन के मौके पर कहा, “रामायण और बौद्ध धर्म के हमारे साझा सांस्कृतिक खजाने का जश्न मनाते हुए एक विशेष टिकट सेट लॉन्च किया गया।” लाओस और भारत के बीच सदियों से बौद्ध धर्म के माध्यम से मजबूत संबंध बने हुए हैं। यह सांस्कृतिक पुल दोनों देशों के बीच एक गहरे और सम्मानित इतिहास का प्रतीक है।
भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका
भारत की विदेश नीति और वैश्विक मंच पर उसकी बढ़ती भूमिका स्पष्ट है। आसियान-भारत मंत्रीस्तरीय सम्मेलन, पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के विदेश मंत्रियों की बैठक और आसियान क्षेत्रीय मंच की बैठक में भाग लेने के लिए डॉ. एस जयशंकर की वियनतियाने यात्रा इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन बैठकों में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई और कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
मेकोन्ग-गंगा सहयोग के तहत 10 त्वरित प्रभाव परियोजनाएं (QIPs)
Laos के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री सालेउम्क्से कोम्मासिथ के साथ जयशंकर की बैठक में, मेकोन्ग-गंगा सहयोग के तहत 10 त्वरित प्रभाव परियोजनाओं (QIPs) पर समझौते का आदान-प्रदान हुआ। इन परियोजनाओं का उद्देश्य लाओस में विकास और प्रगति को बढ़ावा देना है, जिससे दोनों देशों के बीच सहयोग और बढ़ेगा। इसके अलावा, सफल डिजिटल समाधान साझा करने में भी सहयोग पर चर्चा हुई।
भारत और अन्य देशों के साथ बढ़ते संबंध
भारत की विदेश नीति केवल लाओस तक सीमित नहीं है। भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी विदेश नीति को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। अमेरिका, रूस, जापान, और यूरोपीय संघ जैसे प्रमुख देशों के साथ भारत ने अपने संबंधों को नया आयाम दिया है। यह न केवल आर्थिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए भी आवश्यक है।
भारत की विदेश नीति का प्रभाव
भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका का असर विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर दिखाई दे रहा है। संयुक्त राष्ट्र में भारत की सक्रियता, ब्रिक्स, जी-20 और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में भारत की भागीदारी से यह स्पष्ट है कि भारत वैश्विक राजनीति में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बन चुका है।
लाओस में श्री रामलला और महात्मा बुद्ध पर डाक टिकट जारी करना, भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर मान्यता दिलाने का एक महत्वपूर्ण कदम है। इस तरह के कदम भारत की सॉफ्ट पावर को बढ़ाते हैं और वैश्विक समुदाय में उसकी पहचान को और मजबूत करते हैं।
इस ऐतिहासिक पहल से भारत और लाओस के बीच संबंधों में एक नया अध्याय जुड़ गया है, जो दोनों देशों के साझा सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को सहेजने और बढ़ाने में मदद करेगा। यह केवल एक डाक टिकट नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और मजबूत विदेशी संबंधों का प्रतीक है।
जयंशकर लाओस की यात्रा पर हैं और इसी दौरान यह ट्वीट करते हुए उन्होंने कहा कि रामायण और बौद्ध धर्म के हमारे साझा सांस्कृतिक खजाने का जश्न मनाते हुए एक विशेष टिकट सेट लॉन्च किया गया. जयशंकर आसियान-भारत मंत्रीस्तरीय सम्मेलन, पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के विदेश मंत्रियों की बैठक और आसियान क्षेत्रीय मंच की बैठक के लिए वियनतिएन की यात्रा पर हैं. बता दें कि बौद्ध धर्म के चलते सदियों से भारत और लाओस के बीच अच्छे संबंध हैं.
A good meeting with DPM and FM Saleumxay Kommasith of Lao PDR. Thanked him for the warm hospitality.
Witnessed exchange of MoUs on 10 Quick Impact Projects (QIPs) for Laos under Mekong Ganga Cooperation and cooperation in sharing successful Digital Solutions.
Launched a… pic.twitter.com/XB02tPpJ80
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) July 27, 2024

