मर रहे थे लोग,लुटेरों ने बेच खाया जमीर: इवान हॉस्पिटल ने आठ कोविड संक्रमितों से वसूले 15 लाख अधिक
मुजफ्फरनगर। कोरोना काल में निजी अस्पतालों ने जमकर लूट मचाई। कायदे-कानून ताक पर रखकर इवान हास्पिटल ने मरीजों से मोटी रकम वसूली। हाईकोर्ट के आदेश पर गठित जांच समिति को इसके पुख्ता सुबूत मिले हैं। आठ मरीजों से 15.29 लाख रुपये से अधिक वसूले गए। कोरोना पीक के दौरान मरीजों को भर्ती कराने के लिए मारामारी रही।
मुजफ्फरनगर मेडिकल कालेज में बेड की किल्लत हुई तो प्रशासन ने शासन की गाइडलाइन के आधार पर निजी अस्पतालों को कोविड अस्पताल के रूप में मान्यता दी। जनपद में इवान और हार्ट केयर सैनी हास्पिटल में कोरोना संक्रमितों को भर्ती कराया गया। निजी अस्पतालों ने जमकर मनमानी की।
शासन से निर्धारित शुल्क से प्रतिदिन पांच गुणा तक ज्यादा पैसा वसूला गया। इसे लेकर खूब बवाल हुआ। हार्ट केयर सैनी हास्पिटल के चिकित्सकों पर मुकदमा दर्ज किया गया। बाद में हाईकोर्ट के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई। मरीज-स्वजन को समिति के समक्ष शिकायत करने का मौका दिया गया।
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इवान हास्पिटल के खिलाफ की गई शिकायतों में से आठ शिकायत ऐसी मिलीं, जिनमें मरीज से अत्याधिक वसूली की गई। जांच समिति के सदस्य और एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्ट्या इवान हास्पिटल में आठ लोगों से मानकों से अधिक धनराशि लेने की बात सामने आई है।
इनमें सुरेश से 61 हजार, राजेश से 1.72 लाख, राज लक्ष्मी से 4.50 लाख, अंजली सोम से 50 हजार, प्ररेणा गंभीर से 2.27 लाख, दीपक कुमार से 24 हजार, आकाश गौतम से 2.15 लाख और जरीना से 3.30 लाख रुपये की अधिक वसूली की गई।
इस प्रकरण पर विस्तृत आदेश गुरुवार को जारी होगा। जांच समिति में एडीएम प्रशासन के अलावा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और मुजफ्फरनगर मेडिकल कालेज के डा. आरके ठकराल शामिल हैं।

