LPG के दामों में फिर से इजाफा: दिसंबर में गैस सिलेंडर की कीमतों में 19 किलो वाले सिलेंडर की नई ऊंचाई!
दिसंबर महीने की शुरुआत के साथ ही देशवासियों को महंगाई का एक और जोरदार झटका लगा है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, 1 दिसंबर 2024 से 19 किलो के LPG कामर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में इजाफा किया गया है। यह वृद्धि 16.50 रुपये प्रति सिलेंडर के हिसाब से की गई है। इसी के साथ, अब इन सिलेंडरों की नई कीमत दिल्ली में 1818.50 रुपये हो गई है। इसका असर पूरी तरह से व्यावसायिक क्षेत्रों में ही देखने को मिलेगा, क्योंकि घरेलू रसोई गैस सिलेंडर, जो आम लोगों द्वारा इस्तेमाल किए जाते हैं, उनकी कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
महंगाई का यह सिलसिला क्यों जारी है?
यह बढ़ोतरी 2024 के पांचवे महीने में हो रही है, जब लगातार बढ़ती महंगाई ने आम जनता के बजट को प्रभावित किया है। इसके पहले अक्टूबर महीने में भी 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमत 1740 रुपये से बढ़कर 1801 रुपये हो गई थी। नवंबर में यह बढ़कर 1818 रुपये तक पहुंच गई थी। अब दिसंबर में भी यह सिलेंडर 16.50 रुपये महंगा हुआ है। इस बढ़ोतरी से विशेष रूप से रेस्टोरेंट, होटलों, कैफे और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर असर पड़ेगा, जहां इन सिलेंडरों का उपयोग बड़े पैमाने पर किया जाता है।
कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में सिलेंडर की कीमतें
देश के प्रमुख शहरों में भी इस बढ़ोतरी का प्रभाव देखा जा सकता है। कोलकाता में 19 किलो का सिलेंडर अब 1927 रुपये में मिलेगा, जो नवंबर महीने में 1865 रुपये था। मुंबई में यह सिलेंडर 1771 रुपये का हो गया है, जबकि चेन्नई में इसकी कीमत बढ़कर 1980.50 रुपये हो गई है। इन बढ़ती कीमतों से व्यावसायिक मालिकों के बीच चिंता का माहौल बना हुआ है, क्योंकि उनके लिए अब लागत बढ़ने के कारण मुनाफे पर असर पड़ने की संभावना है।
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं
घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों की कीमतों में अब तक कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में बिना सब्सिडी वाले 14.2 किलो के सिलेंडर की कीमत वर्तमान में 803 रुपये है। कोलकाता में यह सिलेंडर 829 रुपये, मुंबई में 802.50 रुपये और चेन्नई में 818.50 रुपये में उपभोक्ताओं को उपलब्ध हो रहा है। हालांकि, यह सवाल उठता है कि क्या आने वाले महीनों में घरेलू गैस सिलेंडरों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
पिछले साल से तुलना
अगर पिछले साल की तुलना करें, तो 2023 में भी गैस सिलेंडरों की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया था। हालांकि, 2024 में महंगाई दर ने एक नई ऊंचाई को छू लिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में बढ़ोतरी और भारत सरकार द्वारा किए गए विभिन्न बदलावों ने स्थानीय गैस कीमतों को प्रभावित किया है। खासकर जब से वैश्विक ऊर्जा संकट और रूस-यूक्रेन युद्ध ने दुनिया भर में ऊर्जा के दामों को प्रभावित किया है, तब से भारत में भी एलपीजी की कीमतों में वृद्धि का सिलसिला लगातार जारी है।
आम जनता पर असर
इस बढ़ोतरी से आम जनता पर क्या असर पड़ेगा? खासकर उन लोगों के लिए, जो रेस्टोरेंट, कैफे और अन्य छोटे-छोटे व्यवसाय चला रहे हैं, यह महंगाई का बोझ भारी हो सकता है। उन्हें अपनी सेवाओं की कीमतें बढ़ानी पड़ सकती हैं, जिससे उपभोक्ताओं के बीच कीमतों की चिंता और बढ़ सकती है। वहीं, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए, हालांकि 14.2 किलो के सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है, फिर भी कीमतों में लगातार वृद्धि के संकेत दिखते हैं, जिससे आने वाले समय में घरेलू गैस की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
केंद्र सरकार और तेल कंपनियों की जिम्मेदारी
गैस की कीमतों में लगातार हो रही इस बढ़ोतरी पर केंद्र सरकार और तेल कंपनियों को भी जिम्मेदारी निभानी होगी। आम जनता के लिए राहत देने के उपायों पर विचार करने की आवश्यकता है। अगर सरकार और तेल कंपनियां कुछ ठोस कदम नहीं उठातीं, तो आम लोगों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ सकता है। विशेष रूप से उन वर्गों के लिए जो पहले से ही महंगाई से जूझ रहे हैं, जैसे कि छोटे व्यवसायी और निम्न-मध्यम वर्ग के परिवार।
उपभोक्ताओं के लिए सुझाव
इस समय उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे गैस सिलेंडर के उपयोग में सतर्क रहें और अनावश्यक खर्चों से बचें। इसके अलावा, अगर संभव हो तो वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों जैसे कि एलपीजी के अलावा बिजली से चलने वाले उपकरणों का उपयोग करें। जिससे कुछ हद तक खर्चों में कटौती हो सकती है।
दिसंबर महीने में गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई यह बढ़ोतरी एक बार फिर से यह साबित करती है कि महंगाई का संकट देशवासियों के लिए एक चुनौती बन चुका है। जब तक सरकार और तेल कंपनियां इस मुद्दे पर गंभीर प्रयास नहीं करतीं, तब तक आम जनता को इस महंगाई से राहत मिलने की संभावना कम ही है।
