उत्तर प्रदेश

Lucknow का गोमतीनगर स्टेशन बनेगा ‘मिनी एयरपोर्ट’! अब निजी हाथों में होगी कमान, एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से लैस होगा स्टेशन🚄

Lucknow के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन को अब एक नए अवतार में देखने की तैयारी तेज हो गई है। अमौसी एयरपोर्ट की तर्ज पर गोमतीनगर स्टेशन की कमान निजी हाथों में सौंपी जाएगी। इसका मतलब यह है कि अब यहां सफाई से लेकर फूड प्लाजा, टिकटिंग, पार्किंग और मेंटेनेंस तक सभी काम प्राइवेट एजेंसी के जिम्मे होंगे, जबकि ट्रेनों का संचालन और सुरक्षा रेलवे के हाथ में रहेगी।

यह उत्तर प्रदेश का पहला रेलवे स्टेशन होगा जो पूरी तरह निजी प्रबंधन प्रणाली पर संचालित होगा। रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) इसके लिए टेंडर जारी कर प्राइवेट एजेंसी का चयन करेगा।


गोमतीनगर स्टेशन बनेगा यूपी का पहला प्राइवेट मॉडल स्टेशन

पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के अंतर्गत आने वाले गोमतीनगर स्टेशन को विश्वस्तरीय स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है।
पहले चरण का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, जबकि दूसरा चरण अपने अंतिम चरण में है।

यह स्टेशन न केवल यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं देगा, बल्कि लखनऊ शहर का नया ट्रांजिट हब भी बनकर उभरेगा। यहां फूड प्लाजा, मॉल, एसी लाउंज, वेटिंग एरिया और स्मार्ट पार्किंग सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी।


775 वाहनों की पार्किंग और एयरपोर्ट जैसा यात्री अनुभव

गोमतीनगर स्टेशन पर 775 वाहनों की पार्किंग क्षमता होगी, जिसमें टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर दोनों के लिए अलग-अलग लेन बनाई जा रही हैं।
यात्रियों की आवाजाही भी एयरपोर्ट पैटर्न पर होगी—आगमन फर्स्ट फ्लोर से और निकासी ग्राउंड फ्लोर से होगी।

इसके अलावा, स्टेशन परिसर में डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड, लिफ्ट और एस्केलेटर, फूड कोर्ट, और एसी लाउंज जैसी सुविधाएं यात्रियों को एक प्रीमियम अनुभव देंगी।


प्रमुख प्रीमियम ट्रेनें शिफ्ट होंगी गोमतीनगर पर

रेलवे की योजना है कि लखनऊ जंक्शन से चलने वाली कई प्रीमियम ट्रेनों को गोमतीनगर शिफ्ट किया जाए। इनमें प्रमुख हैं –

  • पुष्पक एक्सप्रेस

  • तेजस एक्सप्रेस

  • शताब्दी एक्सप्रेस

  • डबल डेकर एक्सप्रेस

इससे जंक्शन स्टेशन पर भीड़ घटेगी और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। गोमतीनगर स्टेशन को इस तरह विकसित किया जा रहा है कि वह लखनऊ का दूसरा बड़ा रेलवे हब बन सके।


आरएलडीए निभाएगा केंद्रीय भूमिका – निगरानी और संचालन पर नजर

रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) न केवल स्टेशन के विकास में बल्कि इसके संचालन और निगरानी में भी अहम भूमिका निभाएगा।
RLDA टेंडर प्रक्रिया के ज़रिए प्राइवेट एजेंसी का चयन करेगा, जो आगे टिकटिंग, पार्किंग, खानपान, सफाई और सुरक्षा जैसी सेवाएं संभालेगी।

रेलवे का रोल मुख्य रूप से ट्रेनों के संचालन, कंट्रोल रूम प्रबंधन, और प्लेटफॉर्म सुरक्षा तक सीमित रहेगा।


सुरक्षा में नई व्यवस्था – प्लेटफॉर्म तक सीमित रहेगी आरपीएफ

गोमतीनगर स्टेशन पर सुरक्षा का नया मॉडल लागू किया जाएगा।
आरपीएफ (Railway Protection Force) अब केवल प्लेटफॉर्म और ट्रेनों की जांच तक सीमित रहेगी।

स्टेशन परिसर, आगमन और प्रस्थान गेट, पार्किंग जोन और सर्कुलेटिंग एरिया में प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड्स की तैनाती की जाएगी।
यह कदम सुरक्षा को अधिक व्यवस्थित और जवाबदेह बनाएगा।


रेलवे के डीआरएम गौरव अग्रवाल ने दी जानकारी

पूर्वोत्तर रेलवे के डीआरएम गौरव अग्रवाल ने बताया कि,

“गोमतीनगर स्टेशन पर टिकटिंग, कॉमर्शियल, पार्किंग, खानपान और सिक्योरिटी से जुड़े कार्य निजी एजेंसी के जिम्मे होंगे। प्लेटफॉर्म पर आरपीएफ तैनात रहेगी, जबकि ट्रेनों का संचालन पूरी तरह रेलवे के हाथ में रहेगा। आरएलडीए टेंडर के माध्यम से एजेंसी का चयन करेगा।”

उन्होंने यह भी कहा कि यह स्टेशन देश के अन्य बड़े शहरों के लिए एक मॉडल स्टेशन बनेगा, जहां सार्वजनिक और निजी भागीदारी (PPP मॉडल) का सबसे आधुनिक उदाहरण पेश किया जाएगा।


लखनऊ का ट्रैवलिंग हब बनने की राह पर गोमतीनगर स्टेशन

लखनऊ पहले से ही उत्तर भारत का एक प्रमुख ट्रैवलिंग हब रहा है। अमौसी एयरपोर्ट, बस टर्मिनल और अब गोमतीनगर रेलवे स्टेशन के अपग्रेड होने के बाद शहर एक मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

यहां से वाराणसी, दिल्ली, गोरखपुर, कानपुर, प्रयागराज और मुंबई जैसे शहरों के लिए ट्रेनों की सीधी सुविधा मिलेगी। यात्रियों को न सिर्फ आधुनिकता बल्कि तेज़, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा अनुभव मिलेगा।


एयरपोर्ट जैसे फूड प्लाजा और मॉल का निर्माण जारी

स्टेशन परिसर में यात्रियों की सुविधा के लिए फूड कोर्ट, मल्टी-ब्रांड रिटेल आउटलेट्स, और मॉल एरिया का निर्माण जारी है।
यहां स्थानीय स्वाद से लेकर राष्ट्रीय ब्रांड्स तक की उपस्थिति होगी, जिससे स्टेशन केवल यात्रा का स्थान नहीं बल्कि एक कमर्शियल हब के रूप में भी विकसित होगा।


निजी एजेंसी को मिलेगी पांच साल की जिम्मेदारी

सूत्रों के अनुसार, चयनित निजी एजेंसी को शुरुआती तौर पर पांच वर्षों के अनुबंध के तहत स्टेशन संचालन की जिम्मेदारी दी जाएगी। इस दौरान एजेंसी मेंटेनेंस, टिकटिंग और हाइजीन की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए जवाबदेह होगी।

रेलवे और RLDA की संयुक्त टीम नियमित ऑडिट और मॉनिटरिंग करेगी ताकि सेवाओं में कोई कमी न रहे।


गोमतीनगर स्टेशन बनेगा ‘स्मार्ट रेलवे हब’ – डिजिटल सुविधाएं तैयार

यह स्टेशन पूर्ण रूप से डिजिटल इंटरफेस पर आधारित होगा।
ऑनलाइन टिकटिंग, डिजिटल बोर्ड, ऑटो पेमेंट पार्किंग, और CCTV सर्विलांस जैसी अत्याधुनिक तकनीकें इसमें शामिल हैं।
यात्रियों के लिए मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, वाई-फाई, और मोबाइल ऐप आधारित सुविधा प्रणाली भी जोड़ी जाएगी।


यूपी के अन्य स्टेशन भी होंगे प्रेरित

रेलवे सूत्रों का कहना है कि गोमतीनगर मॉडल सफल होने पर वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल और गोरखपुर स्टेशन को भी इसी तर्ज पर निजी प्रबंधन प्रणाली में शामिल किया जा सकता है। यह कदम उत्तर प्रदेश के रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर को एक नई ऊंचाई देगा।


लखनऊ का गोमतीनगर स्टेशन अब सिर्फ एक रेलवे स्टेशन नहीं रहेगा – यह बनेगा शहर का नया “एयरपोर्ट-स्टाइल स्मार्ट ट्रांजिट हब”। यात्री अनुभव, आधुनिक सुविधाएं और सुरक्षा – सब कुछ नई ऊंचाई पर होगा। यह बदलाव उत्तर प्रदेश के रेलवे इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा।

 

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