Manipur Crisis: मणिपुर के नए सीएम की रेस में कौन आगे? राष्ट्रपति शासन की आहट से बढ़ी सियासी हलचल! 🔥
Manipur Crisis मणिपुर में इस समय राजनीतिक उथल-पुथल चरम पर है। मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद राज्य में एक नया नेतृत्व चुनने की प्रक्रिया ने बीजेपी आलाकमान को मुश्किल में डाल दिया है। ऐसे में राष्ट्रपति शासन (President’s Rule) की संभावनाएं भी तेज हो गई हैं।
सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने अब तक यह तय नहीं किया है कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। यही वजह है कि राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने बीरेन सिंह को वैकल्पिक व्यवस्था होने तक पद पर बने रहने को कहा है। बीजेपी के कई दिग्गज नेता और विधायकों के नाम चर्चाओं में हैं, लेकिन कोई सर्वसम्मति अब तक नहीं बनी है।
बीजेपी नेतृत्व की दिल्ली में बैठक, नए सीएम को लेकर माथापच्ची जारी!
बीजेपी सूत्रों की मानें तो दिल्ली में हाई-लेवल मीटिंग चल रही है, जहां केंद्रीय नेतृत्व नए मुख्यमंत्री पर मंथन कर रहा है। पार्टी के भीतर कई नामों की चर्चा है, लेकिन किसी एक पर सहमति नहीं बन पा रही है। इस बीच, मणिपुर के राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा,
👉 “मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने विधानसभा को निलंबित करने की सिफारिश की है। केंद्र द्वारा इस पर निर्णय लिए जाने तक वह कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहेंगे।”
अगर किसी नेता को पार्टी के अधिकतर विधायकों का समर्थन नहीं मिलता है, तो राष्ट्रपति शासन लागू करना केंद्र सरकार की मजबूरी बन सकता है।
क्या राष्ट्रपति शासन होगा लागू? मणिपुर के भविष्य पर मंडराते संकट के बादल!
बीरेन सिंह के इस्तीफे के कुछ घंटों बाद ही राज्यपाल अजय भल्ला ने एक अधिसूचना जारी की, जिसमें विधानसभा को बुलाने के पहले के आदेश को अमान्य घोषित कर दिया गया। यह विधानसभा सत्र सोमवार को होने वाला था, लेकिन अब यह अधर में लटक गया है।
संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत, यदि राज्य सरकार संविधान के अनुसार कार्य करने में विफल होती है, तो राष्ट्रपति शासन लागू किया जा सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेना चाहती और संसद में इस पर चर्चा करने से पहले और समय ले सकती है।
👉 संसद का बजट सत्र –
📅 पहला चरण: 13 फरवरी तक (संभावित रूप से 2 दिन पहले स्थगित)
📅 दूसरा चरण: 10 मार्च से 4 अप्रैल तक
अगर राष्ट्रपति शासन लागू किया जाता है, तो यह अगले संसदीय सत्र में उठाया जा सकता है।
कौन बन सकता है मणिपुर का अगला मुख्यमंत्री? इन नेताओं के नाम रेस में सबसे आगे!
बीजेपी के भीतर नए मुख्यमंत्री की रेस दिलचस्प हो गई है। कई नेताओं के नाम इस लिस्ट में शामिल हैं, जिनमें से कुछ को केंद्रीय नेतृत्व का समर्थन मिल सकता है।
1️⃣ बिस्वजीत सिंह – वर्तमान सरकार में कैबिनेट मंत्री, पार्टी के सीनियर लीडर।
2️⃣ युमनाम खेइमेच सिंह – प्रभावशाली विधायक, संगठन पर मजबूत पकड़।
3️⃣ थोंगाम बिस्वजीत सिंह – एक अनुभवी राजनेता, जिन्हें पूर्व में सीएम पद के लिए संभावित उम्मीदवार माना गया था।
4️⃣ शांतनु शर्मा – युवा नेता, बीजेपी के भीतर उभरता हुआ चेहरा।
हालांकि, अभी तक इन नामों पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मणिपुर की जनता में चिंता, कब होगा संकट का समाधान?
मणिपुर के इस राजनीतिक संकट ने जनता को भी असमंजस में डाल दिया है। लोग नए मुख्यमंत्री के नाम पर उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं। राज्य में स्थिरता लाने के लिए एक मजबूत नेतृत्व की जरूरत है, लेकिन अभी तक साफ तस्वीर नहीं बनी है।
👉 एक स्थानीय निवासी ने कहा:
“हम चाहते हैं कि मणिपुर को जल्द से जल्द एक स्थिर सरकार मिले। फिलहाल, सब कुछ अनिश्चित लग रहा है।”
इस बीच, विपक्षी पार्टियां भी इस मुद्दे को लेकर बीजेपी को घेरने की तैयारी कर रही हैं।
बीजेपी आलाकमान की परीक्षा, क्या पार्टी इस संकट से उबर पाएगी?
बीजेपी को अब यह तय करना होगा कि नया मुख्यमंत्री कौन बनेगा या राष्ट्रपति शासन लगाया जाएगा। यह निर्णय न सिर्फ मणिपुर, बल्कि पूरे देश में बीजेपी की राजनीतिक साख को प्रभावित कर सकता है।
अगर पार्टी सही उम्मीदवार नहीं चुन पाती, तो आगामी विधानसभा चुनावों में उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
क्या होगा आगे? निगाहें दिल्ली की मीटिंग पर टिकीं!
अब सभी की निगाहें दिल्ली में चल रही हाई-लेवल मीटिंग पर टिकी हुई हैं। क्या बीजेपी एक नया मुख्यमंत्री चुनेगी या मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू होगा? यह बड़ा सवाल बना हुआ है।
जल्द ही केंद्र सरकार इस पर कोई ठोस फैसला ले सकती है। तब तक, मणिपुर की राजनीति में सस्पेंस और सियासी हलचल बनी रहेगी!

