Mathura: यमुना में श्रद्धालुओं से भरी नाव पलटने से मचा हड़कंप, 10 की मौत, 5 लापता—रेती में उल्टा फंसा स्टीमर बना बड़ा सवाल
News-Desk
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बताया जा रहा है कि नाव में सवार सभी श्रद्धालु वृंदावन से देवराहा बाबा मठ की ओर जा रहे थे। अचानक हुए इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। वहीं 5 श्रद्धालु अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है।
आज दिनांक 10.04.2026 समय लगभग दोपहर सवा तीन बजे बंसीवट और केसीघाट के बीच में यमुना नदी पर जहां पोंटून पुल है वहां पर एक नाव दुर्घटनाग्रस्त हुई जिसमें लगभग 25 से 27 लोग बताए जा रहे हैं । एक्जेट नम्बर लोगो से बातचीत करके कंफर्म किया जा रहा है । अब तक की प्राप्त जानकारी से नाव पुल… pic.twitter.com/Uklc0MPZub
— MATHURA POLICE (@mathurapolice) April 10, 2026
पांटून ब्रिज से टकराने के बाद पलटी नाव
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह हादसा उस समय हुआ जब श्रद्धालुओं को लेकर जा रही नाव मरम्मत किए जा रहे पांटून ब्रिज के पास पहुंची। इसी दौरान संतुलन बिगड़ गया और नाव पुल से टकराकर पलट गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक नाव पलटते ही श्रद्धालु नदी में गिरने लगे और कई लोग स्टीमर के नीचे दब गए। नदी का बहाव तेज होने के कारण बचाव कार्य शुरुआती मिनटों में चुनौतीपूर्ण रहा। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।
तुरंत शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड, SDRF और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। बचावकर्मियों ने तेज़ी से कार्रवाई करते हुए 22 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां 8 लोगों का इलाज जारी है। 14 श्रद्धालुओं की स्थिति सामान्य बताई जा रही है। प्रशासन ने नदी में लापता लोगों की तलाश के लिए विशेष अभियान शुरू किया है।
यमुना नदी की रेती में उल्टा फंसा मिला स्टीमर
बताया जा रहा है कि हादसे के बाद स्टीमर Yamuna River की रेती में उल्टा फंस गया। राहत टीमों ने ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ नदी की तलहटी तक पहुंचकर निरीक्षण किया।
रेस्क्यू टीम के अनुसार स्टीमर के नीचे कुछ श्रद्धालुओं के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। इसी वजह से बचाव अभियान बेहद सावधानी और सतर्कता के साथ चलाया जा रहा है।
सेना, SDRF और अन्य एजेंसियां संयुक्त रूप से स्टीमर को निकालने का प्रयास कर रही हैं।
पंजाब से आए श्रद्धालुओं की हुई पहचान
जिला प्रशासन ने मृतकों की पहचान जारी कर दी है। हादसे में जान गंवाने वालों में कविता रानी, चरनजीत, रिकेश गुलाटी, मधुर बहल, आशा रानी, पिंकी बहल, अंजू गुलाटी, ईशान कटारिया, मीनू बंसल और सपना हंस शामिल हैं।
सभी मृतक पंजाब से आए श्रद्धालु बताए जा रहे हैं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
यह भी बताया गया है कि कुल 130 श्रद्धालुओं का समूह पंजाब से धार्मिक यात्रा पर आया हुआ था। प्रशासन पूरी सूची का मिलान कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि घायलों का समुचित इलाज सुनिश्चित किया जाए और मृतकों के परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
सरकार की ओर से जिला प्रशासन को स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।
वृंदावन से देवराहा बाबा मठ जा रहे थे श्रद्धालु
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार श्रद्धालुओं का यह समूह धार्मिक यात्रा के तहत वृंदावन से देवराहा बाबा मठ जा रहा था। यात्रा के दौरान सुरक्षा इंतजाम सामान्य थे, लेकिन पांटून पुल की मरम्मत के कारण जोखिम बढ़ गया था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर नावों का संचालन अक्सर किया जाता है, लेकिन मरम्मत कार्य के दौरान अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत थी।
सुरक्षा व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल
इस हादसे के बाद नदी परिवहन सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि नदी मार्ग से श्रद्धालुओं के आवागमन के दौरान सुरक्षा मानकों को और मजबूत किया जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि पांटून पुल के आसपास चेतावनी संकेत और वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था पहले से होनी चाहिए थी।
घटनास्थल पर पसरा मातम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
हादसे की खबर मिलते ही मृतकों और लापता श्रद्धालुओं के परिजन घटनास्थल और अस्पताल पहुंचने लगे। कई परिवारों के सदस्य अपने प्रियजनों की तलाश में घंटों तक राहत शिविरों के बाहर इंतजार करते रहे।
स्थानीय प्रशासन ने परिजनों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क स्थापित की है और लगातार जानकारी साझा की जा रही है।
तेज हुई खोजबीन
SDRF और प्रशासन की टीम लगातार नदी में सर्च ऑपरेशन चला रही है। गोताखोरों की मदद से नदी की तलहटी में खोज जारी है।
अधिकारियों का कहना है कि जब तक सभी लापता श्रद्धालुओं का पता नहीं चल जाता, तब तक अभियान जारी रहेगा।
स्थानीय लोगों ने दिखाई बहादुरी, बचाई कई जानें
हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में सक्रिय भूमिका निभाई। कई लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर नदी में कूदकर श्रद्धालुओं को बाहर निकाला।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शुरुआती कुछ मिनटों में स्थानीय सहयोग ने कई लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।
धार्मिक यात्रा के दौरान बढ़ते हादसे बने चिंता का विषय
हाल के वर्षों में धार्मिक यात्राओं के दौरान होने वाले हादसों की संख्या बढ़ती दिखाई दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के एक साथ नदी मार्ग से आवागमन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है।
Mathura boat accident ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि प्रशासनिक स्तर पर सतर्कता और बेहतर योजना की आवश्यकता है।

