उत्तर प्रदेश

Meerut: चार घंटे में पिस्टल तैयार करने वाली फैक्टरी पकड़ी, दो गिरफ्तार, तीन राज्यों में सप्लाई का खुलासा

Meerut पुलिस ने माधवपुरम सेक्टर चार में एक किराए के मकान में चल रही पिस्टल फैक्टरी पकड़ी। इस कार्रवाई में नावेद और मोहम्मद जुबैर को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, दो आरोपी परवेज उर्फ फर्रो और शादाब फरार हैं। फैक्टरी से बड़ी मात्रा में पिस्टल, अधबनी पिस्टल और हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं।

एसपी यातायात राघवेंद्र कुमार मिश्र ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि यह गैंग चुनाव के दौरान भी हथियार सप्लाई करता था।


गिरफ्तार आरोपियों और फरार व्यक्तियों की जानकारी

  • गिरफ्तार आरोपी:

    • नावेद, चार खंभा समर गार्डन, लिसाड़ी गेट

    • मोहम्मद जुबैर, रसूल नगर, हुमायूं नगर, लोहिया नगर

  • फरार आरोपी:

    • परवेज उर्फ फर्रो, सराय बहलीम

    • शादाब, डी. ब्लॉक, खुशहाल नगर, लिसाड़ी गेट कालोनी

एसपी यातायात ने बताया कि परवेज और शादाब पिस्टल बनाने का कच्चा माल लाते थे और नावेद तथा जुबैर उसे फैक्टरी में तैयार करते थे। शादाब के खिलाफ पहले भी लिसाड़ी गेट थाने में मुकदमा दर्ज है और उस पर 25 हजार रुपये का ईनाम घोषित है।


पिस्टल बनाने की प्रक्रिया और क्षमता

नावेद और जुबैर एक दिन में केवल 4-5 घंटे काम कर एक पिस्टल तैयार कर लेते थे। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे 20-25 दिन से पिस्टल बनाने का काम कर रहे थे।

पुलिस पूछताछ में यह भी पता चला कि ये आरोपी दिल्ली, हरियाणा और वेस्ट यूपी के कई जिलों में हथियार सप्लाई करते थे। नावेद पहले भी हथियार बनाने के मामले में जेल जा चुका है।


बरामद सामग्री की सूची

पुलिस ने फैक्टरी से भारी मात्रा में हथियार और उपकरण बरामद किए:

  • 1 पिस्टल 32 बोर

  • 2 अधबनी पिस्टल

  • 6 लोहे की नाल

  • 1 मिलिंग मशीन

  • भारी मात्रा में मैग्जीन

  • 1 ग्राइंडर

  • हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान

एसपी यातायात ने बताया कि इन उपकरणों और सामग्री के जरिए आरोपी किसी भी समय पिस्टल तैयार कर सकते थे


पुलिस की कार्रवाई और आगे की रणनीति

स्वाट टीम, नगर और ब्रह्मपुरी पुलिस ने इस फैक्टरी पर सख्त छापा मारा। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि फरार आरोपी परवेज और शादाब की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

पुलिस का कहना है कि यह फैक्टरी स्थानीय और पड़ोसी राज्यों में हथियार सप्लाई करती थी। अब इस गिरोह के तारों की छानबीन जारी है और सभी सप्लाई चैन को बंद करने के लिए जांच की जा रही है।


आर्थिक और सुरक्षा खतरा

इस तरह की अवैध पिस्टल फैक्टरी न केवल स्थानीय सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि चुनाव और अन्य संवेदनशील समय पर हथियार की सप्लाई से बड़े स्तर पर संकट पैदा कर सकती है।

फैक्टरी पकड़े जाने के बाद पुलिस ने स्थानीय नागरिकों को सतर्क रहने और किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने की अपील की है।


मेरठ पुलिस की यह कार्रवाई साबित करती है कि अवैध हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियां बड़े स्तर पर सक्रिय हैं। नावेद और जुबैर की गिरफ्तारी से यह नेटवर्क कुछ हद तक कमजोर हुआ है, लेकिन फरार आरोपियों की खोज और सप्लाई चैन की जांच अभी जारी है। सुरक्षा एजेंसियां चेतावनी दे रही हैं कि इस तरह के गिरोह चुनाव और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं।

 

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