Moradabad सिविल लाइंस में ‘Civil Lines FIR case’ का बड़ा खुलासा: महिला ने पति समेत 9 पर दुष्कर्म–दहेज उत्पीड़न का आरोप, पुलिस जांच तेज
Moradabad सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में रहने वाली एक महिला द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी है। इस case में महिला ने अपने पति समेत कुल नौ लोगों पर दुष्कर्म, दहेज उत्पीड़न और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
महिला का कहना है कि उसके ननदोई ने उसके साथ दुष्कर्म किया, और जब उसने यह बात अपने पति व ससुराल वालों को बताई, तो उसका समर्थन करने के बजाय उसे ही अपमानित किया गया।
यह मामला न केवल घरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना की गंभीरता को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि पीड़ित महिलाएँ आज भी न्याय के लिए कितनी कठिन लड़ाइयाँ लड़ती हैं।
शादी के कुछ ही महीने बाद शुरू हुआ उत्पीड़न—25 लाख, कार और प्लॉट की माँग
पीड़ित महिला ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी 3 दिसंबर 2023 को बुलंदशहर जिले के सलेमपुर थाना क्षेत्र के निवासी युवक से हुई थी।
शादी के बाद ही स्थिति बदलने लगी—
पति
सास–ससुर
देवर
ननद
ननदोई
—सभी ने मिलकर महिला पर दहेज लाने का दबाव डालना शुरू कर दिया।
महिला के अनुसार, उससे कहा गया कि यदि वह अपने मायके से 25 लाख रुपये, एक कार और एक प्लॉट लेकर आए, तभी उसे घर में सम्मान मिलेगा।
यह माँग लगातार बढ़ती गई और मानसिक उत्पीड़न ने शारीरिक व भावनात्मक अत्याचार का रूप ले लिया।
घर में अकेली थी पीड़िता, तभी हुआ कथित दुष्कर्म—Civil Lines FIR case में प्रमुख आरोप
महिला ने पुलिस को बताया कि मई के पहले सप्ताह में वह घर में अकेली थी।
इसी दौरान उसका ननदोई घर आ गया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर यह बात पति सहित परिवार के अन्य वरिष्ठ सदस्यों को बताई, लेकिन…
उसकी शिकायत को संजीदगी से लेने के बजाय उसे ही उल्टा दोषी ठहराया गया, और उसे अपमानित किया गया।
इस बयान के बाद मामला और गंभीर हो गया और Civil Lines FIR case में दुष्कर्म की धारा भी जोड़ी गई।
मायके में बताई आपबीती, पुलिस से लगाई गुहार—फिर हुआ समझौता, लेकिन कहानी में आया नया मोड़
पीड़िता सदमे में मायके चली गई और वहां अपने परिवार को घटना की जानकारी दी।
इसके बाद उसने सिविल लाइंस थाने में प्रार्थनापत्र दिया।
पुलिस की मौजूदगी में एक समझौता कराया गया कि—
पति–पत्नी परिवार से अलग रहेंगे
किराए के मकान में नई शुरुआत की जाएगी
कुछ समय के लिए पति–पत्नी सिविल लाइंस क्षेत्र में किराए के घर में रहने लगे।
लेकिन कहानी ने अप्रत्याशित मोड़ तब लिया जब पति अचानक पीड़िता को धोखे से मायके भेज गया।
मकान पर लौटकर हुआ बड़ा खुलासा—पति सामान समेटकर फरार
जब महिला वापस किराए के घर पहुँची, तो पाया कि—
मकान खाली है
पति सारा सामान लेकर गायब है
कोई सूचना या संपर्क नहीं
यह घटना पीड़िता के लिए दूसरा बड़ा झटका थी।
इस पर उसने फिर थाने जाकर विस्तृत शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस कार्रवाई—9 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज, विवेचना जारी
सिविल लाइंस क्षेत्र के सीओ कुलदीप गुप्ता ने कहा कि पीड़िता द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर—
पति सहित नौ लोगों के खिलाफ FIR दर्ज
धाराओं में—
दहेज उत्पीड़न
धमकी
दुष्कर्म
मानसिक प्रताड़ना
—शामिल हैं।
सीओ ने कहा कि—
“विवेचना में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
यह मामला फिलहाल गंभीर अपराध श्रेणी में दर्ज है और पुलिस इसे संवेदनशील केस के रूप में देख रही है।
समाज में बढ़ते दहेज और घरेलू हिंसा मामलों पर फिर उठे सवाल
इस Civil Lines FIR case ने फिर एक बार उजागर किया है कि—
दहेज प्रथा
महिलाओं पर मानसिक–शारीरिक अत्याचार
पारिवारिक दबाव
शिकायत पर समर्थन की कमी
—आज भी भारतीय समाज में व्यापक रूप से मौजूद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में पीड़िता को समय पर समर्थन और त्वरित कानूनी कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है, ताकि अपराधियों को सजा मिल सके और महिलाएँ सुरक्षित महसूस कर सकें।

