Moradabad में महिला का सनसनीखेज आरोप: पति पर देह व्यापार के लिए दबाव और दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज, पुलिस जांच तेज
Moradabad woman dowry harassment case ने जिले में महिलाओं की सुरक्षा, घरेलू हिंसा और सामाजिक कुरीतियों को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है। कटघर थाना क्षेत्र से सामने आए इस मामले में एक महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर न केवल दहेज के लिए प्रताड़ित करने, बल्कि कथित रूप से देह व्यापार के लिए दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर पति समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
🔴 शादी के कुछ ही महीनों बाद बिगड़े हालात
पीड़िता के अनुसार, उसकी शादी 22 अक्टूबर 2024 को कटघर क्षेत्र में रहने वाले युवक से हुई थी। शादी के शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन कुछ ही समय बाद परिस्थितियां बदलने लगीं। महिला का आरोप है कि पति, सास, ससुर, ननद और देवर ने मिलकर दहेज की मांग को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
महिला ने बताया कि विरोध करने पर उसे कई बार मारपीट का सामना करना पड़ा और एक बार तो उसे घर से बाहर भी निकाल दिया गया, जिसके बाद वह अपने मायके चली गई थी।
🔴 समझौते के बाद वापसी, फिर शुरू हुई प्रताड़ना
पीड़िता का कहना है कि कुछ समय बाद पति ने समझौते की बात कहकर उसे वापस बुलाया। परिवार की उम्मीद और बेटी के भविष्य को देखते हुए वह दोबारा ससुराल लौट गई। इस बीच दंपती की तीन महीने की एक बेटी भी है।
हालांकि, महिला का आरोप है कि ससुराल लौटने के बाद हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ गए। उसने दावा किया कि पति का व्यवहार लगातार बदलता गया और वह फोन पर अन्य महिलाओं से बातचीत करता था, जिससे घर में तनाव का माहौल बना रहता था।
🔴 गंभीर आरोप: देह व्यापार के लिए दबाव
Moradabad woman dowry harassment case में सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि महिला का कहना है कि उसका पति उस पर देह व्यापार के लिए दबाव बना रहा था। पीड़िता के अनुसार, उसने जब इसका विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई और उसे दोबारा घर से निकाल दिया गया।
महिला का कहना है कि उसने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि अब मामला उसकी इज्जत, सुरक्षा और जीवन से जुड़ा हुआ हो गया था। उसने पुलिस से न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है।
🔴 पुलिस कार्रवाई और दर्ज हुआ मुकदमा
कटघर थाना पुलिस ने महिला की तहरीर के आधार पर पति समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एसपी सिटी कुमार रण विजय ने बताया कि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
🔴 दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा का सामाजिक पहलू
Moradabad woman dowry harassment case केवल एक परिवार तक सीमित मामला नहीं माना जा रहा, बल्कि यह समाज में अब भी मौजूद दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा जैसी समस्याओं की गंभीरता को उजागर करता है।
सामाजिक विशेषज्ञों का कहना है कि दहेज के लिए होने वाली प्रताड़ना महिलाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डालती है। कई मामलों में महिलाएं सामाजिक दबाव और बच्चों के भविष्य के कारण चुप रहती हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है।
🔴 महिला सुरक्षा और कानूनी अधिकारों पर चर्चा
कानूनी जानकारों के अनुसार, ऐसे मामलों में महिलाओं के पास घरेलू हिंसा अधिनियम, दहेज प्रतिषेध कानून और आपराधिक कानून के तहत मजबूत अधिकार हैं। पुलिस द्वारा FIR दर्ज किया जाना इस दिशा में पहला और जरूरी कदम माना जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पीड़ित महिलाओं को न केवल कानूनी सहायता, बल्कि काउंसलिंग और सामाजिक समर्थन की भी जरूरत होती है, ताकि वे मानसिक रूप से मजबूत होकर अपने अधिकारों के लिए खड़ी हो सकें।
🔴 पड़ोसियों और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें इस मामले की जानकारी तब हुई, जब महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। कई पड़ोसियों ने बताया कि उन्होंने दंपती के बीच विवाद की आवाजें पहले भी सुनी थीं, लेकिन उन्हें इस तरह के गंभीर आरोपों की उम्मीद नहीं थी।
कुछ लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई हो, ताकि समाज में गलत संदेश न जाए।
🔴 पुलिस की अपील और आगे की प्रक्रिया
पुलिस प्रशासन ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी अपील की है कि किसी भी महिला को यदि घरेलू हिंसा या उत्पीड़न का सामना करना पड़े, तो वह तुरंत पुलिस या महिला हेल्पलाइन से संपर्क करे।
🔴 समाज के लिए चेतावनी और जिम्मेदारी
Moradabad woman dowry harassment case ने यह सवाल खड़ा किया है कि आज भी कई परिवारों में दहेज और महिलाओं पर नियंत्रण की मानसिकता क्यों बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कानून ही नहीं, बल्कि सामाजिक सोच में बदलाव ही ऐसी घटनाओं को रोक सकता है।

