सिसौली Muzaffarnagar जाट महापंचायत में गूंजे समाजिक समानता और आरक्षण के मुद्दे, नरेश टिकैत समेत कई दिग्गज नेताओं ने दी अपील
भौरांकला, Muzaffarnagar।जनपद जाट महासभा के तत्वावधान में ऐतिहासिक गाँव सिसौली में आयोजित विशाल जाट महापंचायत ने जाट समाज के आरक्षण और सामाजिक कुरीतियों पर गहरी चर्चा की। यह महापंचायत केवल एक जनसमूह की बैठक नहीं थी, बल्कि एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हुई, जिसमें समाज के हर वर्ग के विचारकों ने अपनी राय साझा की। आयोजन का मुख्य उद्देश्य जाट समाज को आरक्षण देने की अपील करना और साथ ही समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने के प्रति जागरूकता फैलाना था। महापंचायत में न केवल जाट समाज के प्रमुख नेता, बल्कि राजनीति और समाज सुधार के क्षेत्र में सक्रिय विभिन्न प्रमुख हस्तियों ने अपने विचार रखे।
सिसौली के डीएवी इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित इस महापंचायत में जनपद जाट महासभा के पदाधिकारियों ने आयोजन की सफलतापूर्वक मेज़बानी की। यहाँ आए सभी वक्ताओं ने मंच के माध्यम से समाज में व्याप्त असमानताओं और कुरीतियों पर गहरी चिंता व्यक्त की। खासतौर पर जाट आरक्षण और समाज में एकजुटता की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इस महापंचायत में प्रमुख रूप से भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत, पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान, सांसद हरेन्द्र मलिक, कुलदीप प्रधान, बिटटू सिखेड़ा, अमित प्रमुख, राजू अहलावत जैसे समाज के प्रमुख नेता उपस्थित थे।
समाज में एकजुटता की आवश्यकता
महापंचायत के उद्घाटन भाषण में नरेश टिकैत ने कहा कि जाट समाज को समाज में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए एकजुट होना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि आरक्षण के मुद्दे पर यदि जाट समाज पूरी तरह से एकजुट होकर संघर्ष करेगा, तो उसे अपनी मांग पूरी करने में कोई संकोच नहीं होगा। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि समाज के भीतर व्याप्त कुरीतियों को दूर करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
“समाज में एकता लानी होगी। अगर हम समाज में कोई मनमुटाव नहीं होने देंगे, तो समाज विकास की दिशा में आगे बढ़ेगा। अब समय आ गया है कि जाट समाज को आरक्षण मिले। यह हमारी अधिकारों की बात है, और हमें इसे प्राप्त करने के लिए हर संभव प्रयास करना होगा,” टिकैत ने अपने संबोधन में कहा।
जाट आरक्षण के लिए संघर्ष
पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने अपने संबोधन में जाट समाज को आरक्षण देने की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि जाट समुदाय का इतिहास संघर्ष से भरा हुआ है और आज भी यह समाज शिक्षा, रोजगार, और समाज के अन्य क्षेत्रों में बराबरी की स्थिति प्राप्त करने के लिए संघर्ष कर रहा है।
“हमारे समाज के हर व्यक्ति को समान अवसर मिलना चाहिए। आरक्षण के द्वारा हम अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा और अवसर प्रदान कर सकते हैं। साथ ही हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समाज में फैली कुरीतियाँ समाप्त हों,” डॉ. संजीव बालियान ने कहा।
सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने की अपील
इस महापंचायत में समाज में फैली कुरीतियों को खत्म करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। सांसद हरेन्द्र मलिक ने अपने संबोधन में कहा कि कोई भी समाज तभी तरक्की कर सकता है, जब वह समाज पूरी एकजुटता और समाज के हित में काम करता हो। उन्होंने समाज को संस्कारों से लैस करने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि “सिर्फ उच्च शिक्षा ही नहीं, बल्कि हमारे बच्चों को संस्कार भी देना जरूरी है। समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करना होगा।”
एकजुटता का संदेश
महापंचायत में न केवल जाट समाज के नेता, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के लोग भी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में विशेष रूप से जनपद जाट महासभा के जिलाध्यक्ष धर्मवीर बालियान और महासचिव ओमकार अहलावत ने अपने विचार प्रस्तुत किए। धर्मवीर बालियान ने कहा कि समाज की एकजुटता और सामाजिक कुरीतियों का निवारण ही इस महापंचायत का मुख्य उद्देश्य है।
उन्होंने कहा, “महापंचायत तभी सार्थक मानी जाएगी जब हम सभी समाज हित में एकजुट होकर आरक्षण की दिशा में सक्रिय कदम उठाएं और समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करें।” ओमकार अहलावत ने महापंचायत में आई विशाल भीड़ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सभा समाज के हित में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
ऐतिहासिक सिसौली में महापंचायत की सफलता
सिसौली में आयोजित यह महापंचायत न केवल जाट समाज के लिए एक ऐतिहासिक क्षण साबित हुई, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में यह एक उदाहरण प्रस्तुत करती है कि जब समाज के हर वर्ग के लोग एकजुट होते हैं, तो कोई भी मुद्दा हल किया जा सकता है। महापंचायत के दौरान मंच से विभिन्न वक्ताओं ने एकजुटता की आवश्यकता, आरक्षण की मांग, और समाज में सुधार लाने के लिए संघर्ष करने का संकल्प लिया।
इस कार्यक्रम में शामिल हुए अन्य प्रमुख नेताओं में कर्नल साहब, युद्धवीर सिंह, कुलदीप प्रधान, बिटटू सिखेड़ा, अमित प्रमुख, राजू अहलावत, विकास बालियान, पूनम चैधरी, नीतू चैधरी, अमित चैधरी, बाबा परमेंद्र आर्य, अनुज बालियान, विनीत बालियान आदि ने भी अपने विचार रखे।
भविष्य की दिशा
महापंचायत ने यह स्पष्ट कर दिया कि जाट समाज केवल आरक्षण की मांग नहीं कर रहा है, बल्कि समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ भी आवाज़ उठा रहा है। अब यह समाज का दायित्व है कि वह एकजुट होकर इन मुद्दों पर कार्रवाई करें और आरक्षण के साथ-साथ समाजिक सुधार के लिए भी कदम उठाएं।
इस महापंचायत ने एक नई दिशा दी है, जिसमें जाट समाज के नेता और नागरिक अपने अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाएंगे। इस आंदोलन को सिर्फ जाट समाज तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि समाज के हर वर्ग के लोग इस संघर्ष में शामिल होंगे और हर किसी को समान अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष करेंगे।

