Muzaffarnagar मोरना में ग्रीन चौपाल के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश: वन महोत्सव सप्ताह में फलदार पौधों का रोपण, जनभागीदारी बढ़ाने का आह्वान
News-Desk
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ग्रीन चौपाल, पर्यावरण जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण अभियान, मुज़फ्फरनगर न्यूज़, मोरना न्यूज, वन महोत्सव, वन विभाग, वृक्षारोपण, शुकतीर्थ, शुकदेव सिटीमोरना।Muzaffarnagar वन महोत्सव सप्ताह के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने के उद्देश्य से वन विभाग द्वारा शुकतीर्थ स्थित शुकदेव सिटी में ग्रीन चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित कर पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण के महत्व और जनभागीदारी की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान फलदार पौधों का रोपण भी किया गया तथा अधिक से अधिक लोगों को वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित किया गया।
ग्रीन चौपाल का उद्देश्य केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए उनके सुझाव भी लिए गए। वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे इस अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
जनभागीदारी के बिना पर्यावरण संरक्षण संभव नहीं : डीएफओ अभिनव राज
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) अभिनव राज ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए आम जनता की सक्रिय भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए। उन्होंने बताया कि वृक्ष केवल हरियाली ही नहीं बढ़ाते, बल्कि जलवायु संतुलन बनाए रखने, वायु को शुद्ध करने, वर्षा चक्र को संतुलित रखने तथा जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डीएफओ ने लोगों से अपने परिवार, विद्यालय, खेत, गांव और सार्वजनिक स्थानों पर अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
वन विभाग लगातार चला रहा है वृक्षारोपण अभियान
क्षेत्रीय वन अधिकारी रविकांत चौधरी ने कहा कि वन विभाग द्वारा पूरे क्षेत्र में लगातार वृक्षारोपण अभियान चलाए जा रहे हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पौधारोपण के साथ-साथ पौधों की सुरक्षा और नियमित देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है। यदि लगाए गए पौधों को संरक्षित किया जाए, तभी पर्यावरण संरक्षण का उद्देश्य सफल हो सकेगा।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे वन विभाग के साथ मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ाएं और अधिक से अधिक लोगों को जोड़ें।
सनातन संस्कृति प्रकृति संरक्षण का संदेश देती है : महामंडलेश्वर स्वामी गोपालदास महाराज
कार्यक्रम में उपस्थित महामंडलेश्वर स्वामी गोपालदास महाराज ने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति सदैव प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा देती रही है।
उन्होंने कहा कि प्राचीन काल में ऋषि-मुनियों ने वनों में रहकर तपस्या की और प्रकृति को जीवन का अभिन्न अंग माना। वृक्षों का संरक्षण और नए पौधे लगाना केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि एक सामाजिक और आध्यात्मिक दायित्व भी है।
उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरित वातावरण देने के लिए प्रत्येक नागरिक को वृक्षारोपण अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।
दो वर्षों में 60 हजार पौधे वितरित करने का दावा
कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेता अमित राठी ने बताया कि उनकी टीम द्वारा पिछले दो वर्षों में क्षेत्र के गांवों में घर-घर जाकर लगभग 60 हजार पौधों का वितरण किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य पूरे क्षेत्र को हराभरा बनाना है। इसके लिए आने वाले समय में क्लस्टर आधारित वृक्षारोपण अभियान भी चलाया जाएगा, जिससे अधिक प्रभावी ढंग से हरित क्षेत्र विकसित किए जा सकें।
उन्होंने लोगों से अपील की कि पौधारोपण के साथ-साथ पौधों की नियमित देखभाल भी सुनिश्चित करें, ताकि लगाए गए पौधे बड़े होकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे सकें।
ग्रामीणों से लिए गए सुझाव, जनसहयोग की अपील
ग्रीन चौपाल के दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए सुझाव भी आमंत्रित किए।
अधिकारियों ने कहा कि स्थानीय समुदाय की भागीदारी से ही ऐसे अभियान सफल हो सकते हैं। ग्रामीणों ने भी पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न सुझाव साझा किए और भविष्य में अभियान में सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
फलदार पौधों का किया गया रोपण
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिकारियों, संतों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से फलदार पौधों का रोपण किया।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फलदार पौधे न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होते हैं, बल्कि पक्षियों और अन्य जीव-जंतुओं के लिए भी उपयोगी साबित होते हैं। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में इनका आर्थिक और सामाजिक महत्व भी काफी अधिक होता है।
कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
ग्रीन चौपाल कार्यक्रम में बाबा संजीव सहरावत, नरेंद्र प्रमुख, ज्ञान सिंह सैनी ने भी पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर डिप्टी रेंजर दीपक कुमार, अमित कुमार, नंदकिशोर शर्मा, प्रवेश, प्रियंका, सिंपल, प्रमोद ध्यानी, सुधीश फौजी, यशपाल प्रधान, कंवरपाल, मनोज उर्फ बिन्नू राठी, मोनू सहरावत, पिंटू मलिक, विकास बालियान, ओम प्रकाश, सहदेव सिंह, मोनू मलिक, वीशू सहरावत, अभिनव चावला सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
हरित भविष्य के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान और घटते वन क्षेत्र जैसी चुनौतियों का सामना करने के लिए व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण और जनजागरूकता अभियान चलाना समय की आवश्यकता है। वन महोत्सव जैसे कार्यक्रम लोगों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

