Muzaffarnagar News: श्रीराम कॉलेज में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में विचार गोष्ठी का आयोजन
मुजफ्फरनगर।Muzaffarnagar News: श्रीराम कॉलेज के कृषि विभाग एवं बायोसाइंसेज विभाग द्वारा हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ। जिसका संचालन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ आदित्य गौतम, डीन एजूकेशन डॉ प्रेरणा मित्तल, डीन अकादमिक डॉ विनीत कुमार शर्मा, कृषि विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ नईम तथा बायोसाइंसेज विभाग के विभागाध्यक्ष डा0 अश्वनी कुमार के द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में छात्र-छात्रों ने हिंदी भाषा पर बडी उत्सुकता के साथ अपने-अपने विचार प्रस्तुत किये।
इस अवसर पर श्रीराम कॉलेज के प्राचार्य डॉ आदित्य गौतम ने बताया की हिंदी भाषा हमारी संस्कृति की नीव है। हिंदी दिवस का मुख्य उद्देश्य वर्ष में एक दिन इस बात से लोगों को रूबरू कराना है कि जब तक वे हिन्दी का उपयोग पूरी तरह से नहीं करेंगे तब तक हिन्दी भाषा का विकास नहीं हो सकता है। उन्होनं कहा कि हिंदी भाषा के प्रति हमारी यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी यह है कि हिंदी को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लोगो को जोडने का सशक्त माध्यम बनाया जाये।
जिससे अंग्रेजी की तरफ दौडता हुआ समाज हिन्दी के प्रभाव और महत्व को जानकर हिन्दी से जुडे और हिन्दी भाषी होने पर गौरवन्वित होने का अहसास करें। उन्होंने कहा कि हमें कम से कम एक दिन सभी सरकारी एवं निजी कार्यालयों में अंग्रेजी के स्थान पर हिन्दी भाषा का उपयोग कर कार्य करना चाहिये।
हिन्दी दिवस के अवसर पर डीन एजूकेशन डॉ प्रेरणा मित्तल ने छात्रों को हिंदी भाषा की महत्वता के बारे में बताते हुए कहा की कई लोग अपने सामान्य बोलचाल में भी अंग्रेजी भाषा के शब्दों का या अंग्रेजी का उपयोग करते हैं जिससे धीरे- धीरे हिन्दी के अस्तित्व को खतरा पहुँच रहा है। जिस तरह से टेलीविजन से लेकर विद्यालयों तक और सोशल मीडिया से लेकर निजी तकनीकी संस्थानों एवं निजी दफ्तरों तक में अंग्रेजी का दबदबा कायम है।
उससे लगता है कि अपनी मातृभाषा हिन्दी धीरे-धीरे कम और फिर दशकों बाद विलुप्त ना हो जाये। यदि शीघ्र ही हम छोटे-छोटे प्रयासों द्वारा अपनी मातृभाषा हिन्दी को अपने जीवन में एक अनिवार्य स्थान नहीं देंगे तो यह दूसरी भाषाओं से हो रही स्पर्धा में बहुत पीछे रह जायेगी। कुछ लोग हिंदी जानते हुए भी इंग्लिश में बोलते है लेकिन हिंदी में बोलना कोई हीनता नहीं है बल्कि एक गर्व का विषय है।
श्रीराम कॉलेज के डीन एकेडमीक डॉ विनीत शर्मा के द्वारा बताया गया की हिन्दी दिवस प्रत्येक वर्ष 14 सितम्बर को मनाया जाता है। 14 सितम्बर 1949 को संविधान सभा ने यह निर्णय लिया कि हिन्दी केन्द्र सरकार की आधिकारिक भाषा होगी। क्योंकि भारत मे अधिकतर क्षेत्रों में ज्यादातर हिन्दी भाषा बोली जाती थी इसलिए हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने का निर्णय लिया और इसी निर्णय के महत्व को प्रतिपादित करने तथा हिन्दी को प्रत्येक क्षेत्र में प्रसारित करने के लिये वर्ष 1953 से पूरे भारत में 14 सितम्बर को प्रतिवर्ष हिन्दी दिवस के रूप में मनाया जाता है।
स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद हिन्दी को आधिकारिक भाषा के रूप में स्थापित करवाने के लिए काका कालेलकर हजारीप्रसाद द्विवेदी सेठ गोविन्ददास आदि साहित्यकारों को साथ लेकर राजेन्द्र सिंह ने अथक प्रयास किये। तथा हमारे देश में संस्कृति का प्रयोग भी जरुरी है क्योकि संस्कृति में शब्द बदलने पर उनका अर्थ नहीं बदलता इस भाषा का ये सबसे बड़ा फायदा है।
इस अवसर पर कृषि विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ नईम ने बताया की हिन्दी सप्ताह 14 सितम्बर से एक सप्ताह के लिए मनाया जाता है। इस पूरे सप्ताह अलग अलग प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। यह आयोजन विद्यालय और कार्यालय दोनों में किया जाता है। इसका मूल उद्देश्य हिन्दी भाषा के लिए विकास की भावना को लोगों में केवल हिन्दी दिवस तक ही सीमित न कर उसे और अधिक बढ़ाना है।
इन सात दिनों में लोगों को निबन्ध लेखनए आदि के द्वारा हिन्दी भाषा के विकास और उसके उपयोग के लाभ और न उपयोग करने पर हानि के बारे में समझाया जाता है। इस कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग के प्रवक्ता मुकुल मोतला, आबिद, श्रेया अरोरा, अनमोल, रोहित तथा बायोसाइंसेज विभाग के विभागाध्यक्ष डा0 अश्वनी कुमार, विकास त्यागी, सचिन, तथा विभाग के अन्य प्रवक्ता एवं सभी छात्र – छात्राए मौजूद रहे।

