Muzaffarnagar की पेपर मिल में भीषण आग से मचा हड़कंप, कई जिलों से बुलानी पड़ी दमकल गाड़ियां
News-Desk
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Anurag Singh CFO, fire incident, fire safety, Muzaffarnagar fire news, Paper Mill Fire, जानसठ रोड, दमकल विभाग, पेपर मिल में आग, फायर ब्रिगेड, मुज़फ्फरनगर न्यूज़, यूपी समाचारMuzaffarnagar के जानसठ रोड स्थित एक पेपर मिल में दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मिल के वेस्ट पेपर स्टॉक में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरा इलाका धुएं के काले गुबार से ढक गया। आग की ऊंची लपटों और धुएं को देखकर आसपास के लोगों में दहशत फैल गई।
घटना थाना नई मंडी क्षेत्र की जीनस पेपर मिल की बताई जा रही है, जहां दोपहर करीब 12 बजे वेस्ट पेपर और ज्वलनशील सामग्री में आग लग गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन तेज गर्मी और सूखे पेपर स्टॉक के चलते आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया।
वेस्ट पेपर स्टॉक में लगी आग ने बढ़ाई मुश्किलें
बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर आग लगी वहां भारी मात्रा में वेस्ट पेपर और अन्य ज्वलनशील सामग्री जमा थी। पेपर और सूखे कचरे में आग लगने के कारण लपटें तेजी से फैलने लगीं और देखते ही देखते स्थिति गंभीर हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगते ही मिल परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। कुछ लोगों ने आग की भयावह तस्वीरें और वीडियो भी रिकॉर्ड किए, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रहा था, जिससे पूरे इलाके में चिंता का माहौल बन गया।
दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं
आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग तुरंत हरकत में आ गया। शुरुआत में स्थानीय फायर स्टेशन से दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया, लेकिन आग की भयावहता को देखते हुए अतिरिक्त फायर यूनिट्स भी बुलानी पड़ीं।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि मुजफ्फरनगर के अलावा आसपास की अन्य पेपर मिलों और जिलों से भी दमकल सहायता मंगाई गई। शामली और मेरठ से अतिरिक्त दमकल गाड़ियां बुलाकर आग बुझाने का अभियान तेज किया गया।
दमकल विभाग की टीम लगातार आग पर काबू पाने के प्रयास में जुटी रही। कई घंटों तक फायर ब्रिगेड कर्मियों ने लगातार पानी और फोम का इस्तेमाल करते हुए आग को फैलने से रोकने की कोशिश की।
तेज हवा बनी सबसे बड़ी चुनौती
मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुराग सिंह ने बताया कि तेज हवा के कारण आग पर काबू पाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हवा की दिशा बदलने से आग तेजी से फैल रही थी और आसपास के हिस्सों तक पहुंचने का खतरा लगातार बना हुआ था।
उन्होंने कहा कि पेपर मिलों में जमा सूखा कागज आग को बेहद तेजी से फैलाता है, इसलिए ऐसी घटनाओं में स्थिति कुछ ही मिनटों में गंभीर हो जाती है। यही वजह रही कि अतिरिक्त दमकल गाड़ियों और संसाधनों की जरूरत पड़ी।
अधिकारियों के अनुसार दमकल विभाग की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थीं ताकि आग आसपास की अन्य इकाइयों तक न पहुंचे।
सीएफओ अनुराग सिंह और एफएसओ रामकिशोर यादव ने संभाला मोर्चा
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुराग सिंह और फायर स्टेशन ऑफिसर रामकिशोर यादव स्वयं मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य की कमान संभाली।
दोनों अधिकारी लगातार दमकल टीमों को दिशा-निर्देश देते नजर आए। इसके अलावा पुलिस प्रशासन की टीम भी मौके पर मौजूद रही और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास करती रही।
पुलिस ने मिल परिसर के आसपास लोगों की भीड़ को नियंत्रित किया ताकि राहत कार्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
आसपास की फैक्ट्रियों में भी बढ़ी चिंता
पेपर मिल में लगी भीषण आग के बाद आसपास स्थित अन्य फैक्ट्रियों और गोदामों में भी चिंता का माहौल बन गया। स्थानीय व्यापारियों और फैक्ट्री संचालकों ने आशंका जताई कि अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो यह आसपास की औद्योगिक इकाइयों तक भी फैल सकती थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि पेपर उद्योग में अग्नि सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण होती है क्योंकि यहां बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री मौजूद रहती है। छोटी सी चिंगारी भी बड़े हादसे का रूप ले सकती है।
गर्मी बढ़ते ही बढ़ रही आग की घटनाएं
विशेषज्ञों के अनुसार भीषण गर्मी और तेज हवाओं के मौसम में औद्योगिक क्षेत्रों में आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ जाती हैं। पेपर मिल, केमिकल फैक्ट्री और प्लास्टिक उद्योग जैसी जगहों पर विशेष सावधानी की आवश्यकता होती है।
अग्निशमन विभाग ने भी उद्योग संचालकों से अपील की है कि वे फायर सेफ्टी सिस्टम को नियमित रूप से जांचते रहें और ज्वलनशील सामग्री को सुरक्षित तरीके से स्टोर करें।
फायर सेफ्टी सिस्टम पर उठे सवाल
इस घटना के बाद पेपर मिलों में सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई औद्योगिक इकाइयों में फायर सेफ्टी उपकरण केवल औपचारिकता बनकर रह जाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित फायर ऑडिट, आपातकालीन निकासी योजना और दमकल उपकरणों की समय-समय पर जांच बेहद जरूरी है। ऐसी घटनाएं यह दिखाती हैं कि सुरक्षा में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है।
फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच जारी
दमकल विभाग और प्रशासन द्वारा आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर किसी शॉर्ट सर्किट या गर्मी की वजह से आग लगने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
अधिकारियों ने कहा है कि नुकसान का आंकलन भी किया जा रहा है। फिलहाल किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली है, जो इस बड़े हादसे के बीच राहत की बात मानी जा रही है।

