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घने कोहरे में बड़ा हादसा टला: शाहपुर Muzaffarnagar में डिवाइडर पर चढ़कर पलटा दिल्ली–हरिद्वार जा रहा डीसीएम, घंटों जाम, प्रशासन पर उठे सवाल

Muzaffarnagar/Shahpur road accident ने एक बार फिर सर्दियों के मौसम में सड़क सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। देर रात घने कोहरे के बीच दिल्ली से परचून का सामान लेकर हरिद्वार जा रहा एक कैंटर डीसीएम अनियंत्रित होकर सड़क के डिवाइडर पर चढ़ गया और पलट गया। यह हादसा कस्बा शाहपुर में चेयरमैन पेट्रोल पंप के सामने हुआ, जहां कुछ ही पलों में सड़क पर अफरा-तफरी मच गई।

हादसे में गनीमत यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि चालक को मामूली चोटें आईं। लेकिन सड़क पर बिखरे सामान और अव्यवस्थित यातायात के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।


🔴 घने कोहरे में दिखा नहीं डिवाइडर, पलटा डीसीएम

Shahpur road accident की वजह घना कोहरा और सड़क पर सुरक्षा संकेतों की कमी बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार हरदोई निवासी चालक कमलेश कुमार दिल्ली से परचून का माल लादकर हरिद्वार की ओर जा रहे थे। जैसे ही उनका वाहन रात के समय शाहपुर पहुंचा, कोहरा इतना घना था कि कुछ ही मीटर की दूरी पर भी कुछ साफ दिखाई नहीं दे रहा था।

इसी दौरान सड़क पर बने डिवाइडर पर न तो लाल रंग के निशान थे, न रिफ्लेक्टर और न ही कोई चेतावनी संकेत। चालक को डिवाइडर नजर नहीं आया और डीसीएम सीधे उस पर चढ़ गया। संतुलन बिगड़ते ही वाहन पलट गया और उसमें भरा सारा सामान सड़क पर फैल गया।


🔴 सड़क पर बिखरा परचून का सामान, लंबा जाम

Shahpur road accident के बाद सड़क का नजारा पूरी तरह बदल गया। डीसीएम में लदा परचून का सामान—बोरियां, पैकेट और कार्टन—दोनों लेनों में फैल गया। इससे कुछ ही देर में सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

रात का समय होने के बावजूद जाम कई घंटों तक लगा रहा। छोटे वाहन, बसें और ट्रक फंसे रहे, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। कई वाहन चालकों ने बताया कि कोहरे और अंधेरे के कारण आगे की स्थिति समझना बेहद मुश्किल हो गया था।


🔴 पुलिस और स्थानीय लोगों की तत्परता

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी गई। Shahpur road accident के बाद पुलिस टीम ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए यातायात को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया।

पुलिस ने क्रेन और अन्य संसाधनों की मदद से पलटे डीसीएम को हटवाया और सड़क पर फैले सामान को किनारे कराया। काफी मशक्कत के बाद यातायात को धीरे-धीरे सामान्य किया जा सका। इस दौरान पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों से वाहनों को निकालने की भी कोशिश की।


🔴 चालक को मामूली चोट, बड़ा हादसा टला

Shahpur road accident में चालक कमलेश कुमार को हल्की चोटें आईं, जिन्हें मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वाहन की गति अधिक होती या सामने से कोई अन्य वाहन आ रहा होता, तो हादसा कहीं ज्यादा गंभीर हो सकता था।

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि कोहरे के मौसम में सड़क पर छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।


🔴 स्थानीय लोगों में आक्रोश, प्रशासन से मांग

Shahpur road accident के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी साफ दिखाई दी। लोगों का कहना है कि कस्बे में बने डिवाइडरों पर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। न लाल रंग की पट्टियां हैं, न रिफ्लेक्टर और न ही चेतावनी बोर्ड।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि इससे पहले भी दर्जनों वाहन इन डिवाइडरों पर चढ़कर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। हर बार हादसे के बाद केवल अस्थायी कार्रवाई कर दी जाती है।


🔴 स्पीड ब्रेकर और रिफ्लेक्टर की मांग तेज

Shahpur road accident के बाद लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि डिवाइडरों पर तुरंत लाल रंग के निशान, रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेत लगाए जाएं। साथ ही डिवाइडर से पहले स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं, ताकि वाहन चालकों की गति नियंत्रित हो सके।

स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यह इलाका व्यस्त मार्ग पर स्थित है, जहां दिन-रात भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में सुरक्षा उपायों की अनदेखी किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।


🔴 कोहरे में सड़क सुरक्षा पर बड़ा सवाल

Shahpur road accident ने सर्दियों के मौसम में सड़क सुरक्षा की गंभीर चुनौतियों को उजागर कर दिया है। कोहरा, खराब विजिबिलिटी और अधूरे सुरक्षा इंतजाम मिलकर दुर्घटनाओं की आशंका को कई गुना बढ़ा देते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल वाहन चालकों की सावधानी ही काफी नहीं होती, बल्कि सड़क संरचना और संकेतों का सही होना भी उतना ही जरूरी है।


🔴 प्रशासन के लिए चेतावनी भरा संकेत

यह हादसा भले ही बिना जनहानि के टल गया हो, लेकिन Shahpur road accident प्रशासन के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है। यदि समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए, तो भविष्य में इससे कहीं बड़ा हादसा हो सकता है।

स्थानीय लोगों को अब इंतजार है कि क्या यह घटना भी फाइलों में दर्ज होकर रह जाएगी या वास्तव में सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए जाएंगे।


शाहपुर में हुआ यह हादसा याद दिलाता है कि कोहरे और अंधेरे में सड़क पर एक छोटा-सा डिवाइडर भी जानलेवा बन सकता है। समय रहते चेतावनी संकेत, रिफ्लेक्टर और स्पीड ब्रेकर लगाए गए तो ऐसे हादसों को रोका जा सकता है, वरना अगली बार किस्मत इतनी मेहरबान होगी, इसकी कोई गारंटी नहीं।

 

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