Muzaffarnagar में यातायात का त्रासदीपूर्ण जाम: नागरिकों की जिंदगी हुई बेहाल
Muzaffarnagar शहर के व्यस्त बाजार और मुख्य सड़कें अब जाम की समस्या से जूझ रही हैं। सोमवार को रूड़की रोड, अंसारी रोड, झांसी की रानी चौक और मीनाक्षी चौक पर घंटों तक वाहन रेंगते रहे। नागरिकों का धैर्य अब टूटने लगा है। सुबह से ही बाजारों की ओर बढ़ते वाहन लंबी कतारों में खड़े रहे और दोपहर होते-होते स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई।
जाम और उमस: गर्मी ने मुश्किलें बढ़ाईं
तेज धूप और उमस में वाहन चालकों का पसीना छलक रहा था। मोटरसाइकिल, कार और ई-रिक्शा में फंसे लोग घंटों इंतजार करते रहे। स्कूली बच्चों से भरी वैन और बुजुर्ग यात्री भी जाम की मार झेल रहे थे। झांसी की रानी चैचौक और मीनाक्षी चौक पर हालत और भी खराब रही। राहगीर धूल और गर्मी से बचने के लिए सड़कों के किनारे छांव ढूँढते रहे, लेकिन भीड़ और वाहनों की आवाज़ ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी।
व्यापार और ग्राहकों पर असर
रूड़की रोड और अंसारी रोड के व्यापारी बता रहे हैं कि ग्राहकों की संख्या लगातार घट रही है। जाम की वजह से व्यापार प्रभावित हो रहा है। ग्राहकों को इंतजार करना पड़ता है, कई बार वे बिना खरीदारी किए वापस चले जाते हैं। मेडिकल स्टोर और दवाईयों तक पहुँचने वाले मरीज भी जाम में फंस कर परेशान हुए।
अतिक्रमण और लापरवाही यातायात बिगाड़ रहे हैं
विशेषज्ञों का मानना है कि अतिक्रमण सबसे बड़ी समस्या है। पिछले कई दिनों से ट्रैफिक पुलिस अतिक्रमण हटाने में लगी हुई है, लेकिन कई दुकानदार अभी भी सड़क पर सामान रखे हुए हैं। इसके अलावा ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा की अनियंत्रित पार्किंग और गलत मार्गों पर चलना भी जाम बढ़ा रहा है।
नागरिकों की प्रतिक्रिया और मांगें
जाम में फंसे लोगों ने जिला प्रशासन और ट्रैफिक विभाग से मांग की कि तत्काल सख्त कदम उठाए जाएँ। लोगों का कहना है कि चौराहों पर नियम सख्ती से लागू किए जाएँ, अतिक्रमण हटाया जाए और पार्किंग की स्थिति सुधारी जाए।
बुजुर्ग और महिलाएं सबसे अधिक प्रभावित
जाम में बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान दिखीं। गर्मी और धूल ने उनकी परेशानी बढ़ा दी। कई राहगीर अपने बच्चों और परिवार के साथ सड़कों पर छांव की तलाश करते रहे।
#Muzaffarnagar ई रिक्शा चालकों के लिए जारी हुए रूट। pic.twitter.com/jftDf4ICSI
— News & Features Network | World & Local News (@newsnetmzn) September 15, 2025
राहगीरों और वाहन चालकों के अनुभव
एक राहगीर ने बताया, “मैं तीन घंटे से अपने घर से कार्यालय तक नहीं पहुंच पाया। धूप में खड़े-खड़े हम सब परेशान हैं।” वहीं एक दुकानदार ने कहा, “ग्राहक परेशान हैं, कारोबार प्रभावित हो रहा है। प्रशासन को तुरंत कदम उठाने होंगे।”
विशेषज्ञों के सुझाव
यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि शहर में स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट की आवश्यकता है। सड़कों का चौड़ीकरण, अतिक्रमण हटाना और ई-रिक्शा की संख्या नियंत्रित करना जरूरी है। इसके अलावा चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल और राउंड द रॉक व्यवस्था लागू करनी चाहिए।
शहरी योजना और भविष्य के उपाय
विशेषज्ञों का सुझाव है कि शहर में लंबी अवधि की योजना बनाई जाए। इसमें प्रमुख सड़कों के विस्तार, सार्वजनिक परिवहन के लिए अलग लेन, और पार्किंग व्यवस्था को सुधारना शामिल होना चाहिए।
लोगों की निजी कहानियां
राहुल, एक ऑफिस कर्मचारी: “हर दिन जाम में फंसना आम बात हो गई है। समय पर ऑफिस पहुँच पाना मुश्किल हो गया है।”
सीमा, गृहिणी: “बच्चों को स्कूल पहुँचाने में घंटों लग जाते हैं। गर्मी और धूल से परेशान हैं।”
अजय, व्यवसायी: “ग्राहक परेशान हो रहे हैं। अगर प्रशासन समय पर कदम नहीं उठाता तो कारोबार बुरी तरह प्रभावित होगा।”
स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया
अधिकारियों ने कहा कि वे अतिक्रमण हटाने, ट्रैफिक पुलिस की संख्या बढ़ाने और नियम लागू करने की दिशा में काम कर रहे हैं। हालांकि, इस प्रक्रिया में समय लगेगा।
समाज और नागरिक भागीदारी
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासन के प्रयासों के साथ-साथ नागरिकों का सहयोग भी जरूरी है। गलत पार्किंग और नियमों की अवहेलना जाम की समस्या को और बढ़ाती है।
भविष्य में ट्रैफिक सुधार के लिए रणनीतियाँ
सड़कों का चौड़ीकरण
स्मार्ट ट्रैफिक लाइट और सिग्नल प्रणाली
ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा की संख्या नियंत्रित करना
अतिक्रमण हटाना और पार्किंग व्यवस्था सुधारना
सार्वजनिक परिवहन का विस्तार

