संपादकीय विशेष

Muzaffarnagar में आंधी-तूफान और बारिश का तांडव: बिजली गुल, स्कूल जाते भीगे बच्चे, पारा गिरा 27°C तक

Muzaffarnagar Weather ने बीती रात से अचानक करवट ली। आधी रात के बाद लगभग 2 बजे से शुरू हुई तेज बारिश और आंधी ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया। तेज हवाओं और बिजली की गरज के साथ हुई बारिश ने जहां एक ओर गर्मी से राहत दी, वहीं दूसरी ओर जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया।

🌪️ 40°C से सीधे 27°C पर आया तापमान, 14 Km/h की रफ्तार से चली हवाएं

रात से सुबह तक जारी रही बारिश की वजह से Muzaffarnagar का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 27 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, हवाएं 14 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थीं। सुबह होते-होते पूरे शहर और ग्रामीण इलाकों में बिजली की आपूर्ति बुरी तरह बाधित हो गई।


🌿 पेड़ उखड़े, खंभे गिरे, रातभर बिजली रही गुल

धूलभरी आंधी के चलते शहर और देहात दोनों में कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे टूट गए और तारों में शॉर्ट सर्किट की घटनाएं सामने आईं। इससे कई मोहल्लों और गांवों में पूरी रात अंधेरे में गुजरानी पड़ी। विद्युत विभाग की टीमों ने सुबह होते ही बहाली का काम शुरू किया, लेकिन कई जगहों पर अब भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है।


🧒 भीगते हुए स्कूल पहुंचे बच्चे, बारिश ने बिगाड़ी दिनचर्या

सुबह जब बच्चे स्कूल जाने के लिए निकले, तो तेज बारिश और बिजली की गड़गड़ाहट ने उन्हें पूरी तरह भीगा दिया। कई अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने से मना कर दिया, जबकि कई स्कूलों ने आधे दिन की छुट्टी घोषित कर दी। सड़कों पर जलभराव की स्थिति भी देखी गई, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्याएं पैदा हुईं।


🏠 ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा असर, खेतों को भी नुकसान

Muzaffarnagar के चरथावल, बुढ़ाना, शाहपुर, खतौली और पुरकाजी क्षेत्रों में तेज हवाओं और बारिश ने सबसे ज्यादा कहर बरपाया। खेतों में खड़ी फसलें आंधी की वजह से गिर गईं और बिजली आपूर्ति बंद होने से सिंचाई भी बाधित हुई है। किसानों को भारी नुकसान का अंदेशा जताया जा रहा है। बिजली विभाग के अनुसार 25 से ज्यादा फीडरों पर आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई थी।


🔍 स्थानीय प्रशासन सतर्क, राहत कार्य जारी

जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने बताया कि मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन सतर्क है। प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत विभाग, नगरपालिका, अग्निशमन और स्वास्थ्य विभाग को तैनात कर दिया गया है। स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, वे घरों में ही रहें।


🌤️ ग्यारह बजे के बाद निकली धूप, जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य

सुबह 11 बजे के बाद मौसम ने कुछ राहत दी और आसमान साफ होने के साथ ही धूप निकल आई। बाजारों में हलचल शुरू हो गई, और स्कूल-कॉलेजों में भी सामान्य रूप से कक्षाएं चलने लगीं। हालांकि, अभी भी कई क्षेत्र बिजली आपूर्ति बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं।


🛰️ मौसम विभाग ने दी अगली चेतावनी: 48 घंटे सतर्क रहें

मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले 48 घंटे तक फिर से तेज बारिश और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है। नागरिकों को advised किया गया है कि खुले स्थानों से दूर रहें, और मोबाइल फोन का उपयोग बिजली की गड़गड़ाहट के दौरान न करें। प्रशासन की ओर से हर गांव और मोहल्ले में अलर्ट जारी कर दिया गया है।


🔧 क्या कहते हैं मौसम विशेषज्ञ?

आईएमडी (IMD) लखनऊ के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. एच.एन. शर्मा ने बताया कि यह ‘प्री-मॉनसून एक्टिविटी’ का असर है, जो इस बार सामान्य से पहले शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र में अगले कुछ दिनों तक इसी तरह की स्थिति बनी रहेगी।

Dr. S.K. Agarwal

डॉ. एस.के. अग्रवाल न्यूज नेटवर्क के मैनेजिंग एडिटर हैं। वह मीडिया योजना, समाचार प्रचार और समन्वय सहित समग्र प्रबंधन के लिए जिम्मेदार है। उन्हें मीडिया, पत्रकारिता और इवेंट-मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में लगभग 3.5 दशकों से अधिक का व्यापक अनुभव है। वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों, चैनलों और पत्रिकाओं से जुड़े हुए हैं। संपर्क ई.मेल- [email protected]

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  • Avatar Of Ravi Khavse RAVI KHAVSE

    मुलताई में कुछ बैंक, कुछ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बिना पार्किंग के संचालित हो रहे हैं, तथा कुछ लोगों ने पार्किंग के लिए जगह बहुत कम दी है। जो वाहन पार्किंग के लिए पर्याप्त नहीं है। इससे ग्राहको को वाहन खड़े करने में बहुत परेशानी होती है। आखिर बिना पार्किंग के बैंक कैसे संचालित हो रहे हैं। ये तो नियमों का उल्लघंन हो रहा है। सड़क किनारे वाहन खड़े करने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। कई बार दुर्घटना तक हो जाती है। सरकारी जमीन पर वाहन खड़े हो रहे हैं ।जबकि जिस भवन मे बैंक संचालित होती है उसकी स्वयं की पार्किंग होना जरूरी है। मुलताई में संचालित सभी बैंकों की पार्किंग व्यवस्था की जांच होना चाहिए।
    कुछ बेसमेंट बिना अनुमति के बने हैं। कुछ व्यावसायिक भवनों के नक्शे बिना पार्किंग दिए पास हुए हैं। कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर पक्का अतिक्रमण कर लिया है। जांच होना चाहिए।
    रवि खवसे, मुलताई (मध्यप्रदेश)

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