Neha Singh Rathore की तलाश तेज—हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत खारिज की, हजरतगंज पुलिस लगातार दबिश दे रही है
लोकप्रिय लोक गायिका Neha Singh Rathore एक बार फिर कानूनी संकट के केंद्र में आ गई हैं। पहलगाम आतंकी हमले के समय सोशल मीडिया पर किए गए एक विवादित पोस्ट के चलते दर्ज एफआईआर में उन्हें बड़ी राहत मिलने की उम्मीद टूट गई है। लखनऊ हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।
पुलिस की तरफ से बताया गया है कि नेहा फिलहाल फरार हैं और हजरतगंज पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
पहले सुप्रीम कोर्ट, अब हाईकोर्ट—दोनों जगह से याचिका खारिज, नेहा की कानूनी स्थिति और गंभीर
इस मामले में नेहा राठौर पहले ही सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटा चुकी हैं।
उन्होंने हजरतगंज थाने में दर्ज हुई एफआईआर को रद्द कराने के लिए याचिका लगाई थी, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने इसे खारिज कर दिया था।
अब हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज किए जाने के बाद उनकी कानूनी स्थिति और गंभीर हो गई है।
कोर्ट ने कहा कि—
नेहा राठौर विवेचना में सहयोग नहीं कर रहीं
डबल बेंच के आदेश के बावजूद विवेचक के सामने उपस्थित नहीं हुईं
सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी विशेष अनुमति याचिका खारिज की थी
यानी अब गिरफ्तारी की पूरी संभावना बन गई है।
हाईकोर्ट का सख्त रुख—“आरोपी ने जांच में सहयोग नहीं किया”
अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि आदेश के बावजूद नेहा ने जांच अधिकारी के सामने उपस्थित होकर बयान नहीं दिया।
कोर्ट के अनुसार—
जब कोई आरोपी कोर्ट के आदेशों का पालन ही नहीं करता
तो अग्रिम जमानत जैसे अधिकार का लाभ देने का कोई कारण नहीं बचता
यही वजह रही कि अदालत ने याचिका खारिज कर दी और पुलिस की कार्रवाई आगे बढ़ गई।
नेहा की दलील—“मेरी टिप्पणी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा”
नेहा राठौर की ओर से दलील दी गई कि—
सोशल मीडिया पर किया गया पोस्ट अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा है
उनके बयान से देश की एकता-अखंडता को कोई खतरा नहीं
उन पर देशद्रोह या विद्रोह जैसी धाराएँ लागू नहीं की जा सकतीं
उनके वकीलों का कहना था कि यह पूरा मामला राजनीतिक है और पोस्ट को गलत समझा गया है।
मेरा सबसे बड़ा अपराध ये है कि मैंने डरने से इनकार कर दिया है और सरकार को ये बर्दाश्त नहीं हो रहा.
हैसियत क्या है इस लड़की की? इसका मनोबल टूट क्यों नहीं रहा?
मैं अपने देश के प्रधानमंत्री से सवाल नहीं पूछूँगी तो किससे पूछूँगी? pic.twitter.com/sn9iXe1aiQ
— Neha Singh Rathore (@nehafolksinger) December 7, 2025
सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता का तर्क—“संवेदनशील समय में की गई टिप्पणी ने माहौल बिगाड़ा”
सरकार की ओर से इस अग्रिम जमानत का कड़ा विरोध किया गया।
शासकीय अधिवक्ता डॉ. वी.के. सिंह ने अदालत को बताया कि—
यह टिप्पणी उस समय की गई जब देश संवेदनशील परिस्थिति से गुजर रहा था
पोस्ट में कहा गया—“भाजपा देश को युद्ध में झोंकना चाहती है और हजारों सैनिकों की जान जोखिम में है”
इस बयान का उपयोग पाकिस्तान ने सोशल मीडिया पर भारत के खिलाफ दुष्प्रचार के रूप में किया
ऐसे समय में की गई टिप्पणी का प्रभाव आम लोगों पर नकारात्मक था
सरकारी पक्ष ने कहा कि यह सिर्फ एक सामान्य कमेंट का मामला नहीं था, बल्कि इसका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दुरुपयोग किया गया।
फरार हैं नेहा, लेकिन सोशल मीडिया पर सक्रियता जारी—पुलिस की निगरानी तेज
हजरतगंज पुलिस के अनुसार—
पिछले कुछ दिनों में कई स्थानों पर दबिश दी गई
लेकिन नेहा अब तक हाथ नहीं लगीं
उनकी लोकेशन ट्रेस करने के लिए तकनीकी जांच भी चल रही है
हालांकि पुलिस की कार्रवाई जारी है, लेकिन इसी बीच नेहा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी डाला, जिससे स्पष्ट है कि वह अभी भी ऑनलाइन सक्रिय हैं।
पुलिस का कहना है कि उनकी ऑनलाइन गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट तक—पूरा मामला तेजी से आगे बढ़ रहा है
इस विवाद की समय-रेखा इस तरह है—
पहला चरण: पहलगाम अटैक के दौरान नेहा का कथित आपत्तिजनक पोस्ट
दूसरा चरण: हजरतगंज थाने में एफआईआर
तीसरा चरण: सुप्रीम कोर्ट में याचिका, जो खारिज हुई
चौथा चरण: हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका, जो अब खारिज हो चुकी है
पांचवाँ चरण: नेहा फरार, पुलिस लगातार तलाश में
कानूनी दृष्टि से, मामला अब गिरफ्तारी और आगे की जांच के चरण में प्रवेश कर चुका है।
क्या अगले दिनों में गिरफ्तारी?—हजरतगंज पुलिस ने कुछ स्थान चिह्नित किए
सूत्रों के अनुसार पुलिस ने नेहा के—
पुराने पते
संभावित परिचितों
काम के स्थानों
और रिश्तेदारों के ठिकानों
पर निगरानी बढ़ा दी है।
पुलिस टीमों का दावा है कि नेहा जल्द ही हिरासत में ली जा सकती हैं।
Lucknow, Uttar Pradesh: On former Judge Markandey Katju, Folk singer Neha Singh Rathore says, “He is learning Bhojpuri these days. He sends me messages on WhatsApp and says, ‘Neha, I have written this well in Bhojpuri.’ For me, that is a big deal. You see, in the courts where the… pic.twitter.com/6RiBHt6JW1
— IANS (@ians_india) December 6, 2025

