Nigeria Terror Attack: फुटबॉल टूर्नामेंट के दौरान गांव पर आईएस आतंकियों का हमला, 29 लोगों की हत्या से दहला अदामावा
News-Desk
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स्थानीय प्रशासन ने Nigeria Terror Attack घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यह हमला हाल के महीनों में क्षेत्र में बढ़ती आतंकी गतिविधियों का गंभीर संकेत है।
अदामावा के गुयाकू गांव में घंटों चली गोलीबारी
राज्य के गवर्नर Ahmadu Umaru Fintiri के अनुसार यह हमला अदामावा राज्य के गोम्बी स्थानीय सरकारी क्षेत्र के गुयाकू गांव में हुआ। आतंकवादी रविवार शाम करीब चार बजे गांव में दाखिल हुए और वहां मौजूद लोगों पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।
हमले के दौरान 28 पुरुषों और एक महिला की मौत हुई। मृतकों में बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
फुटबॉल मैच बना आतंक का निशाना
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गांव के लोग फुटबॉल प्रतियोगिता देखने के लिए खुले मैदान में एकत्र थे, तभी हथियारबंद आतंकियों ने हमला कर दिया। अचानक हुई गोलीबारी से लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
हमले के दौरान कई घरों में आग लगा दी गई, मोटरसाइकिलें जला दी गईं और धार्मिक स्थलों को भी नुकसान पहुंचाया गया। इस हमले के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल व्याप्त है।
आईएस से जुड़े आतंकियों ने ली हमले की जिम्मेदारी
आतंकी संगठन Islamic State से संबद्ध Islamic State West Africa Province (आईएसडब्ल्यूएपी) ने टेलीग्राम संदेश के माध्यम से हमले की जिम्मेदारी ली है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार यह संगठन लंबे समय से उत्तर-पूर्वी नाइजीरिया में सक्रिय है और लगातार नागरिक इलाकों को निशाना बना रहा है।
स्थानीय सूत्रों ने आशंका जताई है कि हमलावरों को गांव के अंदरूनी लोगों से मदद मिली हो सकती है। गोम्बी क्षेत्र के पारंपरिक शासक एग्रे अली कुमो गोम्बी ने भी इस संभावना से इनकार नहीं किया है।
महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग गांव छोड़कर भागने को मजबूर
हमले के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई परिवारों ने अपनी सुरक्षा के लिए गांव छोड़ दिया। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन किया।
स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू कर दिए हैं और सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है।
राज्यपाल ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर जताया शोक
हमले के बाद राज्यपाल अहमदु उमरू फिंटिरी ने घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने इस हमले को अत्यंत दुखद और अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि सरकार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।
उन्होंने आश्वासन दिया कि घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी और प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान की जाएगी।
सुरक्षा बलों ने बढ़ाई निगरानी, इलाके में तैनात अतिरिक्त जवान
हमले के बाद सेना, पुलिस और स्थानीय निगरानी समूहों को संयुक्त रूप से सुरक्षा व्यवस्था संभालने के निर्देश दिए गए हैं। पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है ताकि हमलावरों का पता लगाया जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के लिए रणनीतिक कदम उठाए जा रहे हैं।
2009 से आतंक की चपेट में है उत्तर-पूर्वी नाइजीरिया
उत्तर-पूर्वी नाइजीरिया का यह क्षेत्र लंबे समय से Boko Haram और आईएसडब्ल्यूएपी जैसे आतंकी संगठनों की गतिविधियों से प्रभावित रहा है। वर्ष 2009 से अब तक हजारों लोग इन हमलों में मारे जा चुके हैं, जबकि लाखों लोग विस्थापित होने को मजबूर हुए हैं।
आईएसडब्ल्यूएपी वर्ष 2016 में बोको हराम से अलग होकर सक्रिय हुआ और बाद में इस्लामिक स्टेट से अपनी निष्ठा घोषित की। इसके बाद से संगठन ने क्षेत्र में कई बड़े हमलों को अंजाम दिया है।
सार्वजनिक स्थानों को निशाना बना रहे आतंकी संगठन
हाल के महीनों में आतंकी संगठनों ने फुटबॉल मैदान, चर्च, बाजार और ग्रामीण सभाओं जैसे सार्वजनिक स्थानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन हमलों का उद्देश्य स्थानीय लोगों में भय फैलाना और सरकारी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करना है।
इन घटनाओं से क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ रही है और आम नागरिकों के बीच असुरक्षा की भावना गहराती जा रही है।
क्षेत्र में मानवीय संकट की स्थिति और गहरी हुई
लगातार हो रहे हमलों के कारण लाखों लोग अपने घरों से विस्थापित हो चुके हैं। राहत शिविरों में रह रहे लोगों को भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक आतंकवादी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होता, तब तक क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करना कठिन बना रहेगा।

