Pakistan में पेट्रोल-डीजल के दामों में 20% का बड़ा झटका, 335 रुपये लीटर पहुंचा पेट्रोल; मिडिल ईस्ट संकट से मची अफरा-तफरी
Pakistan सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 20 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी कर दी है। नई कीमतों के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 335.86 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जबकि डीजल की कीमत 321.17 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण यह कदम उठाना पड़ा है। हालांकि इस फैसले के बाद पाकिस्तान के कई बड़े शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गईं और लोगों में तेल की संभावित कमी को लेकर चिंता बढ़ गई है।
#WATCH | #Pakistan Fuel Crisis
जंग के चलते तेल के दाम बढ़ने से पाकिस्तान में फ्यूल संकट गहराया।
सरकार ने पेट्रोल-डीजल ₹PKR 55 प्रति लीटर महंगा किया।
देशभर के पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें और panic buying की खबरें।
वीडियो पाकिस्तान का बताया जा रहा है।#FuelCrisis #Pakistan… pic.twitter.com/rHd8RS4mGH
— News & Features Network | World & Local News (@newsnetmzn) March 7, 2026
Pakistan Petrol Price Hike के बाद पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें
जैसे ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की खबर सामने आई, पाकिस्तान के कई शहरों में लोगों की भीड़ पेट्रोल पंपों पर उमड़ पड़ी।
लाहौर, कराची और इस्लामाबाद जैसे बड़े शहरों में पेट्रोल पंपों के बाहर लंबी लाइनें देखने को मिलीं। कई जगहों पर लोग घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते रहे ताकि वे पुरानी कीमतों पर पेट्रोल भरवा सकें।
लोगों में यह डर भी देखा गया कि अगर अंतरराष्ट्रीय संकट और बढ़ा तो आने वाले दिनों में तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इसी आशंका के कारण कई लोग पहले से ही ज्यादा पेट्रोल भरवाने के लिए पंपों पर पहुंचने लगे।
सरकार ने दी सफाई, कहा अंतरराष्ट्रीय हालात जिम्मेदार
पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का कारण वैश्विक परिस्थितियों को बताया है।
सरकार का कहना है कि अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में अनिश्चितता पैदा कर दी है। इसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है, जिसका असर सीधे पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ा है।
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक पाकिस्तान जैसे देशों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से महंगा तेल खरीदना पड़ रहा है, इसलिए कीमतों में वृद्धि अपरिहार्य हो गई।
जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
Pakistan Petrol Price Hike के बाद देश में पेट्रोल की कमी की अफवाहें भी तेजी से फैलने लगीं। कुछ जगहों पर पेट्रोल की जमाखोरी की शिकायतें भी सामने आईं।
इन खबरों के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सख्त चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा है कि अगर कोई भी व्यक्ति या कारोबारी पेट्रोल का स्टॉक छिपाकर रखता है या कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि पेट्रोल की आपूर्ति पर कड़ी निगरानी रखी जाए ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
पेट्रोलियम मंत्री का बयान
पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने भी इस मुद्दे पर बयान दिया है।
उन्होंने कहा कि देश में फिलहाल पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहा संकट कब खत्म होगा, इस बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। इसी कारण सरकार ईंधन भंडार को लंबे समय तक बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रही है।
मिडिल ईस्ट तनाव से प्रभावित हो सकती है सप्लाई
विशेषज्ञों का कहना है कि मिडिल ईस्ट क्षेत्र वैश्विक तेल आपूर्ति का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है।
अगर इस क्षेत्र में तनाव बढ़ता है तो कच्चे तेल की सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है। इससे वैश्विक बाजार में कीमतों में तेजी आ सकती है।
पाकिस्तान सरकार भी इसी आशंका को ध्यान में रखते हुए ईंधन भंडारण और आपूर्ति प्रबंधन की योजना तैयार कर रही है।
भारत में भी बढ़े एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम
जहां पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल महंगा हुआ है, वहीं भारत में भी ऊर्जा कीमतों में बदलाव देखने को मिला है।
केंद्र सरकार ने 7 मार्च से घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। इसके बाद दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 913 रुपये हो गई है। इससे पहले इसकी कीमत 853 रुपये थी।
इसके अलावा 19 किलोग्राम के कॉमर्शियल गैस सिलेंडर में भी 115 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। अब इसकी कीमत 1883 रुपये हो गई है।
LPG उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार का आदेश
भारत सरकार ने संभावित गैस संकट को देखते हुए पहले ही कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
5 मार्च को सरकार ने आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए देश की सभी तेल रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया था।
सरकार का कहना है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है, इसलिए पहले से तैयारी करना जरूरी है।
रिफाइनरियों को दिया गया विशेष निर्देश
सरकार के आदेश के अनुसार अब रिफाइनरियां प्रोपेन और ब्यूटेन का उपयोग मुख्य रूप से रसोई गैस बनाने के लिए करेंगी।
इसके अलावा सभी कंपनियों को प्रोपेन और ब्यूटेन की आपूर्ति सरकारी तेल कंपनियों को करनी होगी। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC)
हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL)
भारत पेट्रोलियम (BPCL)
इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश में गैस सिलेंडर की आपूर्ति बिना किसी बाधा के जारी रहे।
कच्चे तेल की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल के पार
वैश्विक ऊर्जा बाजार में हाल के दिनों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
बताया जा रहा है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को लेकर दिए गए एक बयान के बाद बाजार में बड़ी हलचल पैदा हुई। ट्रंप ने ईरान से “बिना शर्त सरेंडर” की मांग की, जिसके बाद निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई।
इसका असर सीधे कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा। शुक्रवार को WTI क्रूड ऑयल फ्यूचर्स 12.2 प्रतिशत बढ़कर 90.90 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।
Pakistan Petrol Price Hike से आम जनता पर असर
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी का असर पाकिस्तान की आम जनता पर साफ दिखाई देने लगा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ेगी, जिसका असर रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर भी पड़ेगा। इससे महंगाई और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
पहले से आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए यह फैसला राजनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

