PoK- पाकिस्तान के कब्जे वाली कश्मीर में बढ़ते विरोध-प्रदर्शन: सेना और सरकार के खिलाफ गुस्से का इज़हार
Pakistan के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में इन दिनों व्यापक विरोध-प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में, सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने वाले नागरिक पाकिस्तानी सेना और सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। PoK के कोटली, रावलकोट और मुजफ्फराबाद जैसे बड़े शहरों में ये प्रदर्शन तेजी से फैलते जा रहे हैं। इस प्रदर्शन को अवामी एक्शन कमेटी (AAC) द्वारा बुलाया गया था, जिसने सोमवार को पूरे क्षेत्र में हड़ताल का आह्वान किया था। इस हड़ताल के तहत बाजार, दुकानें और सड़कें बंद कर दी गईं।
क्यों हो रहे हैं ये प्रदर्शन?
प्रदर्शनकारियों का गुस्सा बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और पाकिस्तानी सेना द्वारा किए जा रहे अत्याचारों के खिलाफ है। स्थानीय लोग सरकार और सेना द्वारा हो रही नीतियों से खफा हैं और अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं। PoK में लोगों का कहना है कि उन्हें पिछले 70 सालों से अधिकारों से वंचित रखा गया है। प्रदर्शनकारी अपनी आवाज बुलंद करते हुए “हम तुम्हारी मौत हैं” जैसे नारे लगा रहे हैं, जो उनकी गहरी निराशा और असंतोष को दर्शाते हैं।
Youth of PoK – Pakistan Occupied in injured in firing by Pakistani Forces being rushed to the hospital. Pakistani forces indulged in indiscriminate firing against peaceful protest by civilians of PoK. Indefinite shutdown and strike likely to continue. pic.twitter.com/B4aMwOzhNv
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) September 29, 2025
कोटली में गोलीबारी, सुरक्षा बलों पर पथराव
कोटली में शनिवार को प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने गोलीबारी की, जो इस आंदोलन को और भी उग्र बना दिया। निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी के बाद, सड़कों पर यह नारे गूंजने लगे कि “हम तुम्हारी मौत हैं”, जिससे यह साफ हो गया कि PoK के लोग अपने अधिकारों के लिए कोई भी कीमत चुकाने को तैयार हैं।
रविवार रात को लोगों ने सरकार के खिलाफ मशाल लेकर जुलूस निकाला और अपनी आवाज़ को और ज़ोरदार तरीके से व्यक्त किया। यहां तक कि कुछ क्षेत्रों में पाकिस्तानी सेना के सिपाहियों के साथ हाथापाई भी हुई। लोगों का गुस्सा उस कड़े शासन और शोषण के खिलाफ है जो उन्हें पिछले कई दशकों से झेलना पड़ रहा है।
सुरक्षा बलों का भारी जमावड़ा, सरकार का विरोध दबाने की कोशिश
प्रदर्शनकारियों की बढ़ती संख्या को देखकर सरकार ने PoK के इन तीन प्रमुख शहरों में भारी सुरक्षा बल तैनात किया है। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए, पुलिस और सेना ने जगह-जगह बैरिकेड्स और कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। हालांकि, सरकार का ये कदम प्रदर्शनकारियों की आवाज को दबाने में पूरी तरह से सफल नहीं हो पा रहा है। हजारों लोग “आजादी” और “पाकिस्तानी सेना वापस जाओ” जैसे नारे लगा रहे हैं, जो यह दर्शाते हैं कि स्थानीय लोग पाकिस्तानी शासन से मुक्ति की मांग कर रहे हैं।
#BREAKING: Leader of Awami Action Committee in Pakistan Occupied Kashmir (PoK) Shaukat Nawaz Mir says Pakistani Security Forces are planning to kill Kashmiris & local civilians in desperation to crush the movement and civilian uprising. Appeals for International diaspora support. pic.twitter.com/XiCeuBFIoB
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) September 30, 2025
AAC की 38 मांगें: सरकार से क्या चाहिए?
अवामी एक्शन कमेटी (AAC) ने अपनी मांगों की सूची सरकार के सामने पेश की है। इसमें 38 प्रमुख मुद्दे शामिल हैं, जिनमें तीन प्रमुख हैं:
पाकिस्तान में बसे कश्मीरी शरणार्थियों के लिए बने 12 विधानसभा सीटों को खत्म करने की मांग।
बिजली परियोजनाओं में स्थानीय लोगों के फायदे को ध्यान में रखने की अपील।
महंगाई को कम करने के लिए आटे और बिजली के बिलों में राहत देने की मांग।
यहां तक कि AAC के नेता शौकत नवाज मीर ने यह कहा, “हम सिर्फ अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं, जो हमें पिछले 70 सालों से नहीं मिले हैं। अब समय आ गया है कि सरकार हमें हमारे अधिकार दे।”
पत्रकारों और टूरिस्ट्स की एंट्री पर प्रतिबंध
पाकिस्तान सरकार ने PoK में पत्रकारों और पर्यटकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। स्थानीय पत्रकारों का आरोप है कि उन्हें निष्पक्ष रूप से घटनाओं को कवर करने से रोका जा रहा है। मानवाधिकार संगठनों ने भी इस मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त की है और सरकार के इस कदम को लोकतंत्र के खिलाफ बताया है।
इसके अलावा, सरकार ने आधी रात से इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी है, ताकि प्रदर्शनकारियों के बीच संदेश न फैल सके और विरोध को नियंत्रित किया जा सके। सरकार को डर है कि ये प्रदर्शन आजादी की व्यापक मांग में बदल सकते हैं।
PoK में पहले भी हुए हैं प्रदर्शन
PoK में पिछले कुछ वर्षों में कई बार प्रदर्शन हो चुके हैं। 2023 में, लोगों ने बिजली की कीमतों में वृद्धि और गेहूं की सब्सिडी हटाने के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध किया था। इससे पहले, 2022 में भी एक कानून के खिलाफ लोग सड़कों पर आए थे और उन्होंने आजादी के नारे लगाए थे। पिछले साल मई में भी, महंगे आटे और बिजली के खिलाफ हड़ताल हुई थी।
इन प्रदर्शनों से साफ है कि PoK के लोग लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और अब वे अपनी आवाज़ उठाने के लिए सड़कों पर उतर आए हैं।
सेना की कार्रवाई और आगे की स्थिति
पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई के बावजूद, PoK के नागरिक शांतिपूर्वक अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं। सेना द्वारा प्रदर्शनकारियों पर की गई गोलीबारी और अन्य कड़ी कार्रवाइयों के बावजूद, विरोध प्रदर्शन जारी हैं। यह विरोध धीरे-धीरे एक बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है, जहां लोग अपनी आजादी और समान अधिकारों की मांग कर रहे हैं।
इन सभी घटनाओं को देखकर यह कहा जा सकता है कि PoK में जो विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं, वह सिर्फ सरकार और सेना के खिलाफ ही नहीं बल्कि वहां के आम नागरिकों के जीवन स्तर और उनके अधिकारों की लड़ाई भी बन गई है।

