Pakistan में आतंकी हिंसा का कहर: अलग-अलग हमलों में 7 पुलिसकर्मी शहीद, पंजाब से खैबर पख्तूनख्वा तक दहशत
Pakistan terror attack police killed की खबरों ने एक बार फिर पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार को देश के अलग-अलग प्रांतों में हुए सिलसिलेवार हमलों में कम से कम सात पुलिसकर्मियों की जान चली गई। पंजाब से लेकर खैबर पख्तूनख्वा तक फैली इन घटनाओं ने न सिर्फ सुरक्षा बलों बल्कि आम नागरिकों के बीच भी भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है।
🔴 पंजाब में आत्मघाती हमला: सुरक्षा चौकी बनी निशाना
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के भक्कर जिले में मंगलवार को एक सुरक्षा चौकी पर आत्मघाती हमला किया गया। अधिकारियों के अनुसार, यह धमाका उस समय हुआ जब पुलिसकर्मी रोज़मर्रा की ड्यूटी पर तैनात थे। पंजाब पुलिस प्रमुख अब्दुल करीम ने पुष्टि की कि इस हमले में दो पुलिसकर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई।
इस विस्फोट में तीन आम नागरिक भी घायल हुए हैं। इनमें दो स्वास्थ्यकर्मी शामिल बताए जा रहे हैं, जो पोलियो रोधी अभियान से जुड़े थे। इस हमले ने पाकिस्तान में पहले से ही संवेदनशील पोलियो अभियान की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
🔴 खैबर पख्तूनख्वा में पुलिस वाहन पर घातक हमला
इसी दिन इससे पहले खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट इलाके में उग्रवादियों ने एक पुलिस गाड़ी को निशाना बनाया। यह हमला इतना घातक था कि इसमें पांच पुलिसकर्मी मारे गए, जिनमें एक वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल था। इसके अलावा दो नागरिकों की भी जान चली गई।
पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों पर इस तरह के हमले राज्य की स्थिरता को चुनौती देने की कोशिश हैं। कोहाट के जिला पुलिस अधिकारी शेहबाज इलाही के अनुसार, इस हमले में तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं।
🔴 एक हफ्ते में बढ़ा खून-खराबा: हालात चिंताजनक
Pakistan terror attack police killed की यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब पिछले एक सप्ताह में ही देश के उत्तर-पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में हिंसा तेज हुई है। बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में उग्रवादियों के खिलाफ चलाए गए सुरक्षा अभियानों और झड़पों में कम से कम 16 सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं। इनमें एक सीनियर सेना अधिकारी भी शामिल बताया गया है।
पाकिस्तानी सेना के अनुसार, इन अभियानों और जवाबी कार्रवाइयों में 53 उग्रवादियों को भी मार गिराया गया है। हालांकि इसके बावजूद लगातार हो रहे हमले यह संकेत दे रहे हैं कि उग्रवादी नेटवर्क पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं।
🔴 पुलिस और सुरक्षा बल लगातार निशाने पर
हाल के वर्षों में पाकिस्तान में आतंकवादी घटनाओं में स्पष्ट वृद्धि देखी गई है। विशेष रूप से खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में पुलिस, सेना और सरकारी प्रतिष्ठानों को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है। Pakistan terror attack police killed जैसे मामले यह दर्शाते हैं कि उग्रवादी सुरक्षा बलों को कमजोर करने और आम जनजीवन में डर फैलाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सीमावर्ती इलाकों में उग्रवादियों की आवाजाही, स्थानीय नेटवर्क और कमजोर खुफिया सूचनाएं इन हमलों को अंजाम देने में मदद कर रही हैं।
🔴 पोलियो अभियान पर भी खतरे की आहट
पंजाब में हुए आत्मघाती हमले में पोलियो अभियान से जुड़े स्वास्थ्यकर्मियों के घायल होने से चिंता और गहरा गई है। पाकिस्तान पहले से ही पोलियो उन्मूलन को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव में है। ऐसे में Pakistan terror attack police killed जैसी घटनाएं स्वास्थ्य अभियानों की सुरक्षा को और जटिल बना देती हैं।
🔴 सरकार के लिए बड़ी चुनौती
लगातार हो रहे हमलों ने पाकिस्तानी सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। एक ओर उग्रवादियों के खिलाफ सैन्य और पुलिस अभियान जारी हैं, वहीं दूसरी ओर शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में आत्मघाती हमले सुरक्षा तैयारियों की पोल खोल रहे हैं।

