पाकिस्तानी सेना ने बलूचिस्तान में पिछले कुछ सालों में हजारों छात्रों की हत्या की- डॉ. अल्लाह निजार बलूच
बलूचिस्तान की आजादी के समर्थक नेता डॉ. अल्लाह निजार बलूच ने दावा किया है कि पाकिस्तानी सेना ने बलूचिस्तान में पिछले कुछ सालों में हजारों छात्रों की हत्या की है।
कई छात्रों को गुप्त यातनागृहों में रखा गया है। डॉ. निजार का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब पिछले हफ्ते बलूचिस्तान के तरबत शहर में पाकिस्तान की पैरामिलिट्री फोर्स ने कराची यूनिवर्सिटी के 25 साल के छात्र हयात बलूच की निर्मम तरीके से हत्या कर दी।
The cold blooded murder of Hayat Mirza in front of his family is continuation of Baloch genocide & Pakistani barbarism in Balochistan. Another bright student and future of Baloch is eliminated by Pakistan. Such brutalities will end with a #FreeBalochistan. #JusticeForHayatBaloch
— Dr Allah Nizar Baloch (@AllahNizarNizar) August 14, 2020
फोर्स के जवान घसीटते हुए छात्र को सड़क पर ले गए थे। माता-पिता बेटे की जान बख्शने की अपील करते रहे लेकिन जवानों को पत्थर दिल नहीं पसीजा। उन्होंने हयात पर आठ गोलियां दाग दीं। डॉ. निजार ने कहा कि पाक सैनिक युवाओं पर आईईडी धमाके के आरोप लगाकर इस तरह की कार्रवाई करते हैं।
पाकिस्तान ने बलूच युवाओं को पढ़ाई से दूर रखने के लिए यहां के स्कूलों, कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज को सेना के हाथों में दे रखा है। शिक्षण संस्थानों में सैन्य कैंप और चेक पोस्ट मौजूद हैं। बलूचिस्तान में नरसंहार को जारी रखकर पाकिस्तान युवाओं को मनोवैज्ञानिक रूप से खत्म करना चाहता है।
डॉ. निजार ने कहा कि पाकिस्तान हमारी पहचान, संस्कृति और भाषा को पूरी तरह खत्म करना चाहता है। बलूचिस्तान में लाहौर और कराची में प्रकाशित पुस्तकों को लाना प्रतिबंधित है। सेना ने केच जिले और अन्य स्थानों की दुकानों से बलोच भाषा की किताबें जब्त कर ली हैं। यह साफ संकेत है कि पाकिस्तान बलोच लोगों को शिक्षा से दूर रखने की साजिश रच रहा है।
बलूचिस्तान में 53 लोग लापता हैं। इन्हें या तो अगवा किया गया है या फिर हत्या कर दी गई है। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। अकेले हयात का मामला नहीं है।
