विवादों से जुड़ता चला गया नाता: सुल्तानपुर पालिका चेयरमैन बबिता जायसवाल और उनके पति पर मुकदमा दर्ज होने से हड़कम्प
नगर पालिका चेयरमैन और उनके पति द्वारा लागातर पालिका की जमीनों को अतिक्रमण करने वाले भू माफियाओं से सीधी टक्कर लेना ही भारी पड़ गया। मामले में कोर्ट द्वारा एक महिला का पक्ष सुनने के बाद 156/3 में मुकदमा दर्ज होने का आदेश हुआ है।
नगर की कई बेशकीमती ज़मीनों पर भू- माफियाओं ने अवैध कब्जा कर रखा है, जिनको अतिक्रमण से मुक्त करवाने में बबिता जायसवाल उनके प्रतिनधि अजय जायसवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।नगर पालिका का कार्यकाल लगभग अंतिम दौर में है। लेकिन जबसे नगर पालिका का चार्ज भारतीय जनता पार्टी की बबिता जायसवाल को मिला तभी से विवादों से भी उनका नाता जुड़ता चला गया।
कभी सभासदों का विरोध तो कभी जांच, तो कभी घोटालो के आरोप। लेकिन इन सबके बीच जनता को मूलभूत सुविधाओं में इज़ाफ़ा हुआ इसमें कोई दो राय नही की इस कार्यकाल में नगर में कई विकास कार्य अपने अंजाम तक पहुंचे। लेकिन विवाद ने इनका साथ नही छोड़ा ।
ताज़ा मामला इस तरह से है कि सिविल लाइन में नगर पालिका की बेशकीमती ज़मीन को गोसेवा के नाम पर कब्ज़ा कर लिया गया और तो और बगल से गुज़र रहे बड़े नाले को भी पाट कर कब्ज़ा करने की कोशिश होने लगी, बस इसी अतिक्रमण को हटवाने के लिए नगर पालिका चेयरमैन और अन्य कर्मचारियों ने कब्जे को हटा दिया। इस दौरान दोनों पक्षो में तीखी नोक झोंक भी हुई।
नगर पालिक चेयरमैन पति अजय जायसवाल ने एफ आई आर करने वाली महिला संगीता शुक्ला पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ ज़मीन हड़पने की साजिश के तहत मुकदमा दर्ज करवाया गया है। अजय जायसवाल ने कहा कि कोर्ट को गुमराह कर मुकदमा लिखवाया गया है जिसकी मौके पर उपस्थिति ही नही हुई , उसपर भी मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

