एपस्टीन फाइल्स से उठा ब्रिटेन में राजनीतिक भूचाल: Peter Mandelson की तस्वीर और बैंक रिकॉर्ड सामने आने के बाद लेबर पार्टी से इस्तीफा
News-Desk
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Epstein Case, international news, Jeffrey Epstein, Labour Party, Legal Investigation, Peter Mandelson, political scandal, UK PoliticsPeter Mandelson Epstein files—इन तीन शब्दों ने ब्रिटेन की राजनीति में हलचल मचा दी है। पूर्व ब्रिटिश राजदूत और वरिष्ठ लेबर नेता पीटर मैंडेलसन से जुड़ी एक तस्वीर और बैंक रिकॉर्ड सामने आने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की लेबर पार्टी से इस्तीफा देने का फैसला किया। यह घटनाक्रम अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े नए दस्तावेजों के सार्वजनिक होने के बाद सामने आया है।
नई तस्वीर में मैंडेलसन एक महिला के साथ केवल अंडरवियर और शर्ट में दिखाई दे रहे हैं, जबकि महिला बाथरोब पहने नजर आ रही है। जैसे ही यह फोटो सामने आई, ब्रिटिश मीडिया और राजनीतिक गलियारों में सवालों की बौछार शुरू हो गई।
🔴 इस्तीफे का ऐलान: पार्टी को और शर्मिंदगी नहीं देना चाहता
इस्तीफे की घोषणा करते हुए मैंडेलसन ने कहा कि वे पार्टी को और शर्मिंदगी नहीं देना चाहते, इसलिए अपनी सदस्यता छोड़ रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह फैसला व्यक्तिगत जिम्मेदारी और राजनीतिक नैतिकता के तहत लिया गया है।
प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मैंडेलसन को पिछले साल ही राजदूत पद से हटा दिया गया था और वे इस मामले पर अब कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।
🔴 बैंक रिकॉर्ड का खुलासा: तीन बार में 75,000 डॉलर का भुगतान
नए दस्तावेजों में बैंक रिकॉर्ड सामने आए हैं, जिनके मुताबिक 2003 और 2004 के दौरान जेफ्री एपस्टीन से जुड़े खातों से मैंडेलसन से जुड़े अकाउंट्स में कुल 75,000 अमेरिकी डॉलर ट्रांसफर किए गए। यह राशि तीन अलग-अलग किस्तों में भेजी गई थी, हर बार 25,000 डॉलर।
इन ट्रांजैक्शंस को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं कि यह भुगतान किस उद्देश्य से किया गया और इसके पीछे क्या संबंध थे।
🔴 ईमेल से खुली लॉबिंग की परतें
जारी दस्तावेजों में एक और सनसनीखेज ईमेल सामने आया है। वर्ष 2009 में, जब मैंडेलसन ब्रिटेन के बिजनेस सेक्रेटरी थे, उन्होंने एपस्टीन को लिखा था कि वे बैंकरों के बोनस पर लगाए गए टैक्स को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं।
दिसंबर 2009 के एक ईमेल में एपस्टीन ने पूछा था कि क्या बैंकरों के बोनस पर टैक्स सिर्फ कैश हिस्से पर लगाया जा सकता है। जवाब में मैंडेलसन ने लिखा कि वे इस दिशा में जोर दे रहे हैं, हालांकि ट्रेजरी इसका विरोध कर रही है।
🔴 ‘सुपर टैक्स’ और वित्तीय संकट की पृष्ठभूमि
यह ईमेल उस दौर से जुड़ा है, जब वैश्विक वित्तीय संकट के बाद ब्रिटेन के तत्कालीन वित्त मंत्री अलिस्टेयर डार्लिंग ने बैंकों के बड़े बोनस पर 50% ‘सुपर टैक्स’ लगाने की घोषणा की थी। यह टैक्स उन बोनस पर लागू था, जो £25,000 से अधिक थे और इसे बैंकों को ही देना पड़ता था।
दस्तावेजों से यह संकेत मिलता है कि एपस्टीन इस टैक्स को कमजोर कराने की कोशिश कर रहे थे और मैंडेलसन ने इस पर सरकारी विभाग पर दबाव डालने की बात कही थी।
🔴 विपक्ष का हमला और जांच की मांग
मंडेलसन के इस्तीफे के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर तीखा हमला बोला। कंजर्वेटिव प्रवक्ता ने कहा कि मैंडेलसन पूरी तरह बदनाम हो चुके हैं, लेकिन प्रधानमंत्री ने उन्हें पार्टी से निकालने की बजाय खुद इस्तीफा देने दिया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एपस्टीन से संबंधों के बावजूद मैंडेलसन को अमेरिका में राजदूत बनाया गया और अब सबूत सामने आने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। विपक्ष ने इस पूरे मामले पर स्वतंत्र जांच की मांग की है।
🔴 पति का नाम भी फाइल्स में आया सामने
मंडेलसन के ब्राजीलियाई पति रेनाल्डो अविला दा सिल्वा का नाम भी इन दस्तावेजों में दर्ज है। दोनों ने 2023 में शादी की थी।
2009 में, जब एपस्टीन जेल से रिहा हुए थे, तब दा सिल्वा ने एपस्टीन को ईमेल करके ऑस्टियोपैथी कोर्स की फीस के लिए पैसे मांगे थे। उस समय मंडेलसन बिजनेस सेक्रेटरी थे और दा सिल्वा के साथ रिश्ते में थे।
ईमेल में £3,225 की फीस और अन्य खर्चों के लिए बैंक डिटेल्स भेजी गईं। एपस्टीन ने तुरंत भुगतान करने का वादा किया और कुछ ही दिनों में पैसे खाते में पहुंच गए। बाद में 2010 में एपस्टीन ने दा सिल्वा को 13,000 डॉलर और हर महीने 2,000 डॉलर भेजने की बात भी की थी।
🔴 ‘गिफ्ट टैक्स’ से बचने का सुझाव
दस्तावेजों के अनुसार, मंडेलसन ने एपस्टीन को सलाह दी थी कि इन पैसों को ‘लोन’ के रूप में दिखाया जाए, ताकि गिफ्ट टैक्स से बचा जा सके। यह खुलासा सामने आने के बाद नैतिकता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठे हैं।
🔴 दोस्ती का इतिहास: 2002 से 2011 तक
मंडेलसन और एपस्टीन की दोस्ती 2002 में शुरू हुई और लगभग एक दशक तक चली। इस दौरान मंडेलसन टोनी ब्लेयर और गॉर्डन ब्राउन की सरकारों में कैबिनेट मंत्री रहे।
पिछले साल सितंबर में उन्हें एपस्टीन के लिए लिखे गए एक ‘बर्थडे बुक’ मैसेज के कारण राजदूत पद से हटा दिया गया था, जिसमें उन्होंने एपस्टीन को “माई बेस्ट पाल” कहा था और जेल से जल्दी रिहाई के लिए लड़ने की सलाह दी थी।
🔴 प्राइवेट जेट और लग्जरी ठहराव
फ्लाइट रिकॉर्ड्स से पता चलता है कि मंडेलसन एपस्टीन के निजी जेट ‘लोलिता एक्सप्रेस’ में यात्रा कर चुके हैं। वे न्यूयॉर्क, पाम बीच और कैरेबियन द्वीपों पर एपस्टीन के घरों में भी रुके थे। कुछ पुरानी तस्वीरों में उन्हें बाथरोब और स्विमिंग ट्रंक्स में भी देखा गया है।
🔴 पीड़ितों से सार्वजनिक माफी
शुक्रवार को जारी बयान में मंडेलसन ने कहा कि एपस्टीन की सजा के बाद भी उन पर भरोसा करना गलत था और दोस्ती जारी रखना भी उनकी बड़ी भूल थी। उन्होंने पीड़ित महिलाओं और लड़कियों से बिना शर्त माफी मांगी।
उन्होंने यह भी दोहराया कि वे एपस्टीन के अपराधों में कभी शामिल नहीं थे और असली सच्चाई उनकी मौत के बाद सामने आई।
🔴 अमेरिकी दस्तावेजों का खुलासा
अमेरिकी न्याय विभाग ने 30 जनवरी को एपस्टीन जांच से जुड़े लगभग 30 लाख पन्नों के दस्तावेज, 2,000 वीडियो और 1.8 लाख तस्वीरें सार्वजनिक कीं। इन फाइल्स में कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियों के नाम और संपर्कों का उल्लेख है, जिसने वैश्विक राजनीति में हलचल पैदा कर दी है।
🔴 जेफ्री एपस्टीन केस की जड़ें
इस केस की शुरुआत 2005 में हुई, जब फ्लोरिडा में एक 14 वर्षीय लड़की की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। आरोप था कि एपस्टीन के घर में ‘मसाज’ के बहाने उसकी बेटी को बुलाया गया और यौन शोषण की कोशिश की गई।
जांच के दौरान लगभग 50 नाबालिग लड़कियों की पहचान हुई, जिन्होंने एपस्टीन पर गंभीर आरोप लगाए। 2008 में उन्हें दोषी ठहराया गया और 13 महीने की सजा दी गई। 2019 में सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तारी के बाद उनकी जेल में मौत हो गई। उनकी पार्टनर गिस्लीन मैक्सवेल को 2021 में दोषी ठहराया गया और वह 20 साल की सजा काट रही हैं।
🔴 ब्रिटेन की राजनीति पर असर
विश्लेषकों का मानना है कि इस मामले का असर सिर्फ एक नेता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह ब्रिटेन की राजनीतिक नैतिकता और नियुक्ति प्रक्रियाओं पर भी सवाल खड़े करेगा। विपक्ष द्वारा स्वतंत्र जांच की मांग इस बात का संकेत है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में संसद और मीडिया दोनों में गूंजता रहेगा।

