Sonam Bajwa की फिल्म ‘पिट्ट सियापा’ पर कोर्ट की रोक, कॉपीराइट विवाद के साथ मस्जिद शूटिंग मामला भी गरमाया
Pitt Siyapa को लेकर जारी controversy अब कानूनी मोड़ ले चुकी है। Chandigarh की अदालत ने पंजाबी अभिनेत्री Sonam Bajwa की इस बहुप्रतीक्षित फिल्म की रिलीज पर फिलहाल रोक लगा दी है। यह फैसला लेखक Rajan Nandan द्वारा दायर कॉपीराइट याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के बाद सामने आया है।
लेखक का दावा है कि फिल्म की कहानी उनकी वर्ष 2021 में पंजीकृत स्क्रिप्ट से मिलती-जुलती है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अगली सुनवाई तक फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश जारी किया है। इस मामले की अगली सुनवाई 28 अप्रैल 2026 को निर्धारित की गई है।
लेखक का दावा—2021 में रजिस्टर स्क्रिप्ट से मिलती है फिल्म की कहानी
Pitt Siyapa controversy तब तेज हुई जब लेखक राजन नंदन ने अदालत में दावा किया कि फिल्म की कहानी उनकी लिखी स्क्रिप्ट पर आधारित है। उनके अनुसार, उन्होंने यह स्क्रिप्ट वर्ष 2021 में आधिकारिक रूप से पंजीकृत कराई थी।
उन्होंने बताया कि 27 मार्च 2026 को जब फिल्म का प्रोमो सार्वजनिक हुआ, तभी उन्हें कहानी में समानता का संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने फिल्म से जुड़े निर्माताओं और अन्य पक्षों को 1 अप्रैल 2026 को कानूनी नोटिस भेजा।
नोटिस के बावजूद संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में पहुंच गया।
अदालत ने अंतरिम आदेश जारी कर रोकी रिलीज
कॉपीराइट उल्लंघन के आरोपों को गंभीर मानते हुए अदालत ने प्रारंभिक स्तर पर फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने का आदेश दिया। न्यायालय का कहना है कि जब तक मामले की पूरी सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक फिल्म को सार्वजनिक प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती।
अब 28 अप्रैल 2026 को होने वाली सुनवाई में अदालत यह तय करेगी कि फिल्म की रिलीज पर लगी रोक जारी रहेगी या हटाई जाएगी।
पहले भी धार्मिक स्थल में शूटिंग को लेकर घिर चुकी है फिल्म
Pitt Siyapa controversy केवल कॉपीराइट विवाद तक सीमित नहीं रही है। इससे पहले नवंबर 2025 में फिल्म की शूटिंग को लेकर धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला भी सामने आया था।
बताया गया कि फिल्म की टीम ने Bhagat Sadhna Mosque परिसर में कथित रूप से बिना अनुमति शूटिंग की थी। इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध दर्ज कराया गया था।
शाही इमाम ने जताई थी नाराजगी
इस घटना पर Maulana Mohammad Usman Ludhianvi ने भी आपत्ति जताई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि मस्जिद परिसर में रात के समय शूटिंग की गई, जबकि वहां स्पष्ट रूप से फिल्मांकन निषेध के संकेत लगाए गए थे।
इसके साथ ही यह भी आरोप सामने आया कि शूटिंग के दौरान धार्मिक स्थल की मर्यादा का ध्यान नहीं रखा गया और परिसर में भोजन जैसी गतिविधियां भी की गईं। इन आरोपों के बाद मामला संवेदनशील बन गया था।
फिल्म टीम ने मांगी थी सार्वजनिक माफी
मस्जिद परिसर में शूटिंग विवाद सामने आने के बाद फिल्म से जुड़े लोगों ने सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त किया था। टीम की ओर से कहा गया था कि यदि किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं तो इसके लिए वे क्षमा चाहते हैं।
हालांकि इस विवाद ने फिल्म की रिलीज से पहले ही उसके आसपास विवाद का माहौल बना दिया था।
कॉमेडी फिल्म के रूप में थी बड़ी उम्मीदें
यह फिल्म पंजाबी सिनेमा में एक अलग अंदाज की कॉमेडी के रूप में प्रस्तुत की जा रही थी, जिसमें Paramvir Singh Cheema भी प्रमुख भूमिका में नजर आने वाले हैं।
निर्माताओं को उम्मीद थी कि फिल्म अपनी कहानी और कलाकारों की लोकप्रियता के कारण दर्शकों के बीच अच्छा प्रदर्शन करेगी। लेकिन लगातार सामने आ रहे विवादों ने फिल्म की रिलीज रणनीति को प्रभावित कर दिया है।
कॉपीराइट विवाद ने बढ़ाई फिल्म निर्माताओं की कानूनी चुनौती
फिल्म उद्योग में कॉपीराइट से जुड़े मामलों को अत्यंत गंभीर माना जाता है। यदि अदालत लेखक के दावों को सही मानती है, तो इससे फिल्म की रिलीज ही नहीं बल्कि इसके भविष्य के वितरण अधिकारों पर भी असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के मामलों में अदालतें अक्सर विस्तृत जांच के बाद ही अंतिम निर्णय देती हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया लंबी भी हो सकती है।
फिल्म उद्योग में बढ़ती कॉपीराइट जागरूकता का संकेत
हाल के वर्षों में फिल्म और मनोरंजन उद्योग में कॉपीराइट अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ी है। लेखक और रचनाकार अब अपने अधिकारों को लेकर पहले की तुलना में अधिक सक्रिय नजर आ रहे हैं।
इस मामले को भी उसी बदलते परिदृश्य का हिस्सा माना जा रहा है, जहां रचनात्मक सामग्री की सुरक्षा को लेकर कानूनी प्रक्रियाएं मजबूत होती जा रही हैं।
अब 28 अप्रैल की सुनवाई पर टिकी हैं सभी की नजरें
फिल्म की रिलीज पर लगी रोक के बाद अब पूरी इंडस्ट्री और दर्शकों की नजर अदालत की अगली सुनवाई पर टिकी है। यह सुनवाई तय करेगी कि फिल्म की रिलीज का रास्ता साफ होगा या विवाद और लंबा खिंच सकता है।
निर्माताओं और कलाकारों के लिए यह मामला केवल एक कानूनी चुनौती नहीं बल्कि फिल्म की छवि से जुड़ा महत्वपूर्ण चरण भी बन चुका है।

