Prague Chess Festival 2026 में बड़ा उलटफेर: वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश को अरविंद चिदंबरम ने हराया, लाइव रैंकिंग में 20वें स्थान पर पहुंचे
Prague Chess Festival 2026 मौजूदा विश्व चैंपियन D Gukesh को प्राग इंटरनेशनल चेस फेस्टिवल 2026 में भारतीय ग्रैंडमास्टर Aravindh Chithambaram के हाथों हार का सामना करना पड़ा।
इस हार के बाद लाइव चेस रैंकिंग में गुकेश को बड़ा झटका लगा है और वे 20वें स्थान तक खिसक गए हैं। टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन अब तक उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा है।
6 राउंड के बाद तीन मुकाबलों में हार
प्राग में चल रहे इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में अब तक छह राउंड पूरे हो चुके हैं। इन छह मुकाबलों में गुकेश को तीन मैचों में हार का सामना करना पड़ा है, जबकि तीन मुकाबले ड्रॉ रहे।
खराब प्रदर्शन के कारण उनके करीब 19 रेटिंग अंक भी कम हो गए हैं, जिससे उनकी वैश्विक रैंकिंग प्रभावित हुई है। वर्तमान स्थिति में वे टूर्नामेंट की तालिका में सबसे निचले स्थान पर चल रहे हैं।
वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद बढ़ा दबाव
दिसंबर 2024 में विश्व चैंपियन बनने के बाद गुकेश से उम्मीदें काफी बढ़ गई थीं। युवा उम्र में विश्व चैंपियन बनने के बाद हर टूर्नामेंट में उनसे शीर्ष स्तर के प्रदर्शन की अपेक्षा की जाती है।
हालांकि प्राग इंटरनेशनल चेस फेस्टिवल में अब तक उनका प्रदर्शन उतना प्रभावी नहीं रहा है, जिससे शतरंज विशेषज्ञों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई है।
समय की कमी ने बदल दिया मैच का परिणाम
मंगलवार को खेले गए मुकाबले में मैच का अंतिम चरण बेहद रोमांचक रहा। लेकिन समय की कमी के कारण गुकेश को 35वीं से 40वीं चाल तक बहुत तेजी से मूव करने पड़े।
इसी दौरान 40वीं चाल पर हुई एक छोटी सी गलती ने मैच का रुख बदल दिया और अरविंद चिदंबरम को निर्णायक बढ़त मिल गई। स्थिति नियंत्रण से बाहर जाते देख गुकेश ने अंततः मुकाबला छोड़ने का फैसला किया।
37वीं चाल पर हुई अहम गलती
मुकाबले के बाद अरविंद चिदंबरम ने बताया कि 37वीं चाल में ‘f4’ खेलना गुकेश के लिए निर्णायक साबित हुआ।
इस चाल के कारण उनके घोड़े को e3 और e2 जैसे मजबूत खानों तक पहुंचने का मौका मिला, जिससे बोर्ड पर स्थिति बदल गई। अरविंद के अनुसार अगर उस समय गुकेश ‘रूक d2’ चलते तो मुकाबला संभवतः ड्रॉ की ओर बढ़ सकता था।
दो नाइट्स की स्थिति ने बढ़ाई मुश्किल
अरविंद चिदंबरम ने मैच के बाद कहा कि समय का दबाव इस मुकाबले में बड़ा फैक्टर रहा। गुकेश के पास सोचने के लिए बहुत कम समय बचा था और बोर्ड पर दो नाइट्स की जटिल स्थिति ने उनके लिए खेल और मुश्किल बना दिया।
उन्होंने कहा कि यदि गुकेश के पास थोड़ा और समय होता तो वे 40वीं चाल पर ‘रूक d3’ खेलकर मुकाबले को बचा सकते थे।
दोनों खिलाड़ियों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा मुकाबला
अरविंद ने यह भी स्वीकार किया कि यह मैच दोनों खिलाड़ियों के लिए आसान नहीं था। टूर्नामेंट में दोनों का प्रदर्शन अब तक अपेक्षा के अनुसार नहीं रहा है, जिसके कारण मानसिक दबाव भी महसूस किया जा रहा था।
इसके बावजूद इस जीत ने अरविंद चिदंबरम के आत्मविश्वास को बढ़ाया है और टूर्नामेंट में उनकी स्थिति मजबूत की है।
भारतीय शतरंज की नई पीढ़ी का दबदबा
भारतीय शतरंज पिछले कुछ वर्षों में तेजी से उभरा है। युवा खिलाड़ियों की नई पीढ़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है।
गुकेश, प्रज्ञानानंद, विदित गुजराती और अरविंद चिदंबरम जैसे खिलाड़ी भारत को विश्व शतरंज में नई पहचान दिला रहे हैं।

