Haryana का सनसनीखेज केस: स्वीटी बूरा और दीपक हुड्डा के बीच मारपीट, दहेज और धोखाधड़ी के आरोपों का खुलासा
Haryana के हिसार और रोहतक में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है। यह मामला है भारतीय बॉक्सिंग की वर्ल्ड चैंपियन स्वीटी बूरा और इंटरनेशनल कबड्डी प्लेयर व भारतीय टीम के पूर्व कप्तान दीपक हुड्डा के बीच चल रहे विवाद का। दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ मारपीट, दहेज उत्पीड़न, धोखाधड़ी और संपत्ति हड़पने के आरोप लगाए हैं। यह केस न सिर्फ उनके निजी जीवन को लेकर सवाल खड़े कर रहा है, बल्कि हरियाणा की राजनीति और समाज में भी चर्चा का विषय बन गया है।
मामले की शुरुआत: पति-पत्नी के बीच तलाक की कगार पर लड़ाई
स्वीटी बूरा और दीपक हुड्डा की शादी 2022 में हुई थी। शुरुआत में सब कुछ ठीक लग रहा था, लेकिन विधानसभा चुनाव के बाद दोनों के रिश्ते में दरार आने लगी। इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ कानूनी लड़ाई शुरू कर दी। स्वीटी ने दीपक पर दहेज उत्पीड़न और मारपीट का आरोप लगाया, जबकि दीपक ने स्वीटी और उनके परिवार पर संपत्ति हड़पने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया।
थाने में हुई मारपीट: दीपक हुड्डा को अस्पताल में भर्ती कराया गया
मामला तब और गंभीर हो गया जब 15 मार्च को हिसार के महिला थाने में दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई। दरअसल, दीपक हुड्डा को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था, जहां स्वीटी और उनके पिता महेंद्र सिंह और मामा सत्यवान भी मौजूद थे। पुलिस के सामने ही दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई, जो धक्कामुक्की और फिर मारपीट में बदल गई।
दीपक हुड्डा ने आरोप लगाया कि स्वीटी और उनके परिवार ने थाने में ही उन पर हमला किया। इस हमले में उन्हें काफी चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें हिसार के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद दीपक ने सदर थाने में स्वीटी, उनके पिता और मामा के खिलाफ केस दर्ज कराया।
सीसीटीवी फुटेज और गवाह: पुलिस ने जुटाए सबूत
पुलिस ने इस मामले में सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान जुटाए हैं। महिला थाने से प्राप्त सीसीटीवी फुटेज में दीपक हुड्डा के साथ हुई मारपीट का पूरा वीडियो है। हालांकि, पुलिस इस फुटेज के बारे में कुछ भी सार्वजनिक रूप से कहने से बच रही है। गवाह के तौर पर महिला पुलिसकर्मी भी इस केस में शामिल हैं, जिन्होंने थाने में हुई घटना को देखा है।
दहेज उत्पीड़न और संपत्ति हड़पने के आरोप
स्वीटी बूरा ने हिसार में दर्ज अपनी FIR में आरोप लगाया कि दीपक हुड्डा ने उन्हें दहेज के लिए प्रताड़ित किया। उन्होंने बताया कि शादी में एक करोड़ रुपये और एक फॉर्च्यूनर कार देने के बावजूद दीपक ने उन्हें कम दहेज देने के लिए प्रताड़ित किया। वहीं, दीपक ने रोहतक में दर्ज अपनी शिकायत में कहा कि स्वीटी और उनके परिवार ने उनकी संपत्ति हड़पने की कोशिश की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
दीपक ने यह भी आरोप लगाया कि स्वीटी ने सोते हुए उनका सिर फोड़ा और चाकू से हमला किया। इसके बाद उन्होंने रोहतक के SP को शिकायत दी, जिसके बाद स्वीटी और उनके परिवार के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
राजनीतिक रंग: दोनों BJP से जुड़े हैं
दिलचस्प बात यह है कि स्वीटी बूरा और दीपक हुड्डा दोनों भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े हैं। दीपक हुड्डा ने पिछले विधानसभा चुनाव में महम सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन वह हार गए। वहीं, स्वीटी बूरा को BJP ने टिकट नहीं दिया था। इस मामले ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है, क्योंकि दोनों नेता पार्टी के अंदरूनी मामलों को लेकर भी आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।
स्वीटी की मां ने लगाए गंभीर आरोप
स्वीटी बूरा की मां सुरेश देवी ने दीपक हुड्डा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि दीपक ने स्वीटी को कमरे में बंद करके उनके मुंह पर तकिया रखकर मारपीट की। जब स्वीटी का दम घुटने लगता, तो वह उन्हें छोड़ देता और फिर से मारपीट शुरू कर देता। सुरेश देवी ने कहा कि उनकी बेटी इस घटना के बाद सदमे में है और उन्हें न्याय की उम्मीद है।
पुलिस की कार्रवाई: जल्द कोर्ट में चालान पेश करेगी पुलिस
सदर थाना प्रभारी ईश्वर सिंह ने बताया कि स्वीटी बूरा, उनके पिता और मामा को जांच में शामिल करने के लिए बुलाया गया था। चूंकि यह 7 साल से कम वाला अपराध है, इसलिए जांच में ही शामिल किया गया। पुलिस ने कहा कि 3-4 दिनों में कोर्ट में चालान पेश कर दिया जाएगा।
न्याय की उम्मीद: दोनों पक्षों ने कानूनी लड़ाई शुरू की
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ कानूनी लड़ाई शुरू कर दी है। स्वीटी बूरा ने हिसार में और दीपक हुड्डा ने रोहतक में FIR दर्ज कराई है। अब यह मामला कोर्ट में जाएगा, जहां दोनों पक्षों को अपने-अपने आरोपों के सबूत पेश करने होंगे।
समाज और राजनीति पर प्रभाव
यह मामला न सिर्फ एक पारिवारिक विवाद है, बल्कि इसने हरियाणा के समाज और राजनीति को भी प्रभावित किया है। दहेज उत्पीड़न और महिलाओं के खिलाफ हिंसा जैसे मुद्दे एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। साथ ही, राजनीतिक दलों के अंदरूनी मामलों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
आगे क्या होगा?
अब सभी की नजर कोर्ट पर है, जहां इस मामले की सुनवाई होगी। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं, और अब यह कोर्ट तय करेगा कि कौन सही है और कौन गलत। इस बीच, पुलिस मामले की तहकीकात जारी रखे हुए है और जल्द ही कोर्ट में चालान पेश करेगी।यह मामला न सिर्फ हरियाणा, बल्कि पूरे देश के लिए एक सबक है कि दहेज और महिलाओं के खिलाफ हिंसा जैसे मुद्दों पर समाज को और जागरूक होने की जरूरत है। साथ ही, यह केस यह भी दिखाता है कि कैसे निजी विवाद सार्वजनिक होकर समाज और राजनीति को प्रभावित कर सकते हैं।

