Pratapgarh Aisha Murder Case: सौतेली मां की ईर्ष्या में पिता बना जल्लाद, 5 साल की आयशा की बेरहमी से हत्या
Pratapgarh Aisha Murder Case ने उत्तर प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। जहां एक पांच साल की मासूम बच्ची को उसके अपने पिता और सौतेली मां ने मिलकर मौत के घाट उतार दिया। यह वारदात न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि पारिवारिक रिश्तों की संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। जिस घर में बच्ची को सुरक्षा मिलनी चाहिए थी, वहीं उसके जीवन की डोर बेरहमी से तोड़ दी गई।
🔴 प्रतापगढ़ में रिश्तों का कत्ल: क्या है पूरा मामला
यह सनसनीखेज मामला प्रतापगढ़ जिले का है। नगर कोतवाली क्षेत्र के दहिलामऊ निवासी आसमा बानो की पांच वर्षीय बेटी आयशा को उसके पिता नियाजुद्दीन करीब 10–12 दिन पहले अपने साथ मांधाता कोतवाली क्षेत्र के शोभीपुर गांव ले गया था। उसने बहाना बनाया कि वह बच्ची को उसके दादा-दादी से मिलाने ले जा रहा है।
लेकिन Pratapgarh Aisha Murder Case की जांच में जो सामने आया, उसने सबको सन्न कर दिया। पिता के मन में पहले से ही साजिश पल रही थी और उसकी दूसरी पत्नी साबिया बानो इस योजना का हिस्सा थी।
🔴 सौतन के डर में पनपी साजिश
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सौतेली मां साबिया को यह आशंका थी कि अगर पहली पत्नी की बेटी घर में रहेगी तो भविष्य में नियाजुद्दीन अपनी पहली पत्नी को भी वापस ला सकता है। इसी असुरक्षा और ईर्ष्या ने उसके भीतर नफरत को जन्म दिया।
Pratapgarh Aisha Murder Case में पुलिस के अनुसार, साबिया ने बच्ची को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और नियाजुद्दीन ने उसका साथ दिया। यह मामला सिर्फ एक आवेश का नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश का रूप ले चुका था।
🔴 दम घुटने से हुई मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा
दो दिन पहले शोभीपुर गांव में आयशा का शव घर की छत पर संदिग्ध हालत में मिला था। शुरुआत में इसे सामान्य मौत या दुर्घटना बताने की कोशिश की गई, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सच्चाई उजागर कर दी।
रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि बच्ची की मौत मुंह और नाक दबाने से दम घुटने के कारण हुई। पूछताछ के दौरान साबिया ने कबूल किया कि गुस्से में उसने बच्ची का मुंह और नाक इतनी जोर से दबाया कि उसकी सांस रुक गई। Pratapgarh Aisha Murder Case की यह बर्बरता सुनकर हर कोई स्तब्ध है।
🔴 ‘खोजने’ का नाटक, छत पर रखा शव
हत्या के बाद साबिया ने साक्ष्य छिपाने के लिए बच्ची के शव को छत पर लिटा दिया ताकि मामला प्राकृतिक मौत जैसा लगे। इसके बाद उसने खुद ही बच्ची को खोजने का नाटक शुरू किया और शोर मचाया।
मृतका की मां आसमा बानो को जब घटना की सूचना मिली, तो उन्होंने तुरंत मौके पर पहुंचकर हत्या की आशंका जताई। उन्होंने पति नियाजुद्दीन और उसकी दूसरी पत्नी के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई। Pratapgarh Aisha Murder Case में मां की सजगता ने सच्चाई को सामने लाने में अहम भूमिका निभाई।
🔴 पुलिस कार्रवाई: दोनों आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) शैलेंद्र लाल ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को परसरामपुर स्थित मदरसे के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।
Pratapgarh Aisha Murder Case में जांच के दौरान यह भी सामने आया कि नियाजुद्दीन को पूरी साजिश की जानकारी थी और उसने वारदात से पहले पत्नी को हत्या का तरीका समझाया था। फिलहाल दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।
🔴 समाज में आक्रोश और मासूम के लिए न्याय की मांग
इस घटना ने पूरे इलाके को गम और गुस्से में डुबो दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक पिता का इस तरह अपनी ही संतान की हत्या में शामिल होना समाज के लिए बेहद चिंताजनक संकेत है।
Pratapgarh Aisha Murder Case ने बाल संरक्षण और पारिवारिक विवादों के कानूनी समाधान की जरूरत को फिर से उजागर कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू तनाव और वैवाहिक विवादों का खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।
🔴 कानूनी पहलू और आगे की प्रक्रिया
पुलिस ने हत्या, साजिश और साक्ष्य मिटाने जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया है। फोरेंसिक रिपोर्ट, मोबाइल कॉल डिटेल्स और अन्य साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। अदालत में मजबूत चार्जशीट पेश करने की तैयारी की जा रही है।
Pratapgarh Aisha Murder Case में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह का जघन्य अपराध करने से पहले सौ बार सोचे।

