Muzaffarnagar के राजेश शर्मा को ‘गुरु गोरक्षनाथ सर्वोच्च सम्मान’! अंतर्राष्ट्रीय हिंदू सम्मेलन में मिला बड़ा गौरव, संगठन विस्तार का बड़ा ऐलान
Muzaffarnagar ज़िले में विश्व हिंदू महासंघ के कार्यों को नई पहचान और मजबूती दिलाने वाले जिलाध्यक्ष राजेश शर्मा को गोरखपुर में आयोजित तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय हिंदू सम्मेलन एवं प्रांतीय अधिवेशन में बेहद प्रतिष्ठित ‘गुरु गोरक्षनाथ सर्वोच्च सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
इस सम्मान को संगठन का सर्वोत्तम और जीवन में एक बार प्राप्त होने वाला सर्वोच्च गौरव माना जाता है।
कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती अस्मिता भंडारी, प्रदेश अध्यक्ष भिखारी प्रजापति, और हस्तिनापुर संभाग प्रभारी पंकज वालिया सहित वरिष्ठ पदाधिकारियों ने राजेश शर्मा को सम्मानित करते हुए उनके संगठनात्मक समर्पण, निष्ठा और जनपद में किए गए सशक्त कार्यों की सराहना की।
सम्मान के दौरान मंच से उन्हें उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद भी प्रदान किया गया।
गोरखपुर की पावन भूमि पर आयोजित तीन दिवसीय अधिवेशन—देश-विदेश से हज़ारों लोग हुए शामिल
राजेश शर्मा ने कहा कि गोरखपुर की पवित्र धरती पर आयोजित यह तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन अत्यंत भव्य, अनुशासित और यादगार रहा।
उन्होंने बताया कि—
कार्यक्रम में पूरे भारत सहित कई अन्य देशों से भी प्रतिनिधि शामिल हुए।
हज़ारों की संख्या में आए प्रतिभागियों ने हिंदू संस्कृति, संगठनात्मक संरचना, और सामाजिक एकता पर विचार-विमर्श किया।
सम्मेलन में कई महत्त्वपूर्ण प्रस्ताव पारित हुए, जिनमें संगठन विस्तार और राष्ट्रीय एकता को प्राथमिकता दी गई।
राजेश शर्मा ने कहा कि उन्हें मिला यह ‘Guru Gorakshnath Supreme Award’ उनके जीवन का एक अविस्मरणीय क्षण है, जिसे वे हमेशा संजोकर रखेंगे।
“यह सम्मान पूरे मुज़फ्फरनगर जिले का सम्मान”—राजेश शर्मा का भावुक संदेश
सम्मान प्राप्ति पर भावुक होकर राजेश शर्मा ने कहा कि यह पुरस्कार उन्हें अकेले नहीं मिला, बल्कि यह—
मंडल प्रभारी डॉ. सतीश गौतम,
मातृशक्ति प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती आशा सब्बरवाल,
उनके राजनीतिक गुरू नरेंद्र सिंह पंवार,
तथा मुज़फ्फरनगर जिले के सभी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और मातृशक्ति
के आशीर्वाद और सहयोग का परिणाम है।
उन्होंने यह भी कहा कि संगठन की ताकत हमेशा एकता से बढ़ती है और मुज़फ्फरनगर टीम ने हर परिस्थिति में एकजुट होकर संगठन को वटवृक्ष की तरह मजबूत बनाए रखा है।
वरिष्ठ पदाधिकारीओं के प्रति आभार—सम्मान समर्पित किया संगठन को
राजेश शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि यह सम्मान वह व्यक्तिगत रूप से नहीं लेते, बल्कि इसे अपने जनपद की पूरी टीम को समर्पित करते हैं।
उन्होंने कहा कि—
“विश्व हिंदू महासंघ की अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष अस्मिता भंडारी जी, प्रदेश अध्यक्ष भिखारी प्रजापति जी, वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष ओमप्रकाश यादव जी और संभाग प्रभारी पंकज वालिया जी के हाथों यह सम्मान पाना मेरे लिए अत्यंत गर्व और प्रेरणा का विषय है।”
उन्होंने वरिष्ठ नेतृत्व को भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी वे संगठन को नई ऊंचाइयों तक लेकर जाएंगे।
संगठन विस्तार का बड़ा लक्ष्य—10,000 नए सदस्य जोड़ने का संकल्प
सम्मेलन में लौटने के बाद राजेश शर्मा ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि आने वाले महीनों में मुज़फ्फरनगर जिले में—
जिला स्तर,
ब्लॉक स्तर,
तहसील स्तर,
नगर स्तर,
वार्ड स्तर
पर संगठन का सुदृढ़ गठन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिला भर में 10,000 नए सदस्यों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए एक बड़ा सदस्यता अभियान जल्द ही शुरू किया जाएगा।
राजेश शर्मा ने कहा कि जिन लोगों की आस्था गोरक्षपीठाधीश्वर परम आदरणीय योगी जी महाराज तथा विश्व हिंदू महासंघ में है, उन्हें संगठन से जोड़कर और अधिक मजबूत संरचना तैयार की जाएगी।
संगठन में नई जिम्मेदारियाँ भी दी जाएंगी—युवा कार्यकर्ताओं का होगा सशक्तिकरण
उन्होंने बताया कि सदस्यता अभियान के साथ ही संगठन में नई जिम्मेदारियाँ भी वितरित की जाएंगी, ताकि—
युवा कार्यकर्ताओं को नेतृत्व का अवसर मिले
क्षेत्रीय इकाइयों को अधिक सक्रिय बनाया जा सके
मातृशक्ति को संगठन में और अधिक ज़िम्मेदारी मिल सके
प्रतिभाशाली कार्यकर्ताओं को उपयुक्त पद दिए जा सकें
राजेश शर्मा ने कहा कि संगठन का विस्तार केवल संख्या बढ़ाने का लक्ष्य नहीं है, बल्कि उद्देश्य है कि समाजसेवा का प्रभाव हर कोने तक पहुंचे।
अधिवेशन में मिली प्रेरणा—संगठनात्मक शक्ति को और मजबूत करने का अभियान तेज
गोरखपुर के इस अधिवेशन ने मुज़फ्फरनगर की टीम को नई ऊर्जा और नए विचार प्रदान किए। राजेश शर्मा ने कहा कि सम्मेलन में संगठनात्मक अनुशासन, भारतीय संस्कृति की रक्षा, सामाजिक समरसता और व्यापक जनसंपर्क पर विशेष जोर दिया गया।
उन्होंने बताया कि अब मुज़फ्फरनगर की टीम और अधिक सक्रिय तरीके से कार्य करेगी और जिले को संगठन का मॉडल जिला बनाने का प्रयास किया जाएगा।

